इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में पेट से जुड़े कई लक्षण नजर आते हैं। इस बीमारी में पेट फूल जाता है, पेट में बार-बार दर्द, ऐंठन, पेट फूलना और मल त्यागने से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की बीमारी गट बैक्टीरिया के असंतुलन की वजह से होता है। इसके अलावा ये किसी गंभीर इंफेक्शन की वजह से भी हो सकता है। हालांकि, आज हम बात करेंगे कि कैसे कुछ फूड्स इस समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं और ऐसे में करें क्या? साथ ही जानेंगे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) में कौन से फल खाएं और क्या नहीं? जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से।
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम कई कारणों से हो सकती है जिसमें 2 कारण सबसे मुख्य हैं जैसे आपकी डाइट और स्ट्रेस। इन दोनों को कंट्रोल करने से पेट में सूजन और दर्द की समस्या से बचा जा सकता है। बात सिर्फ डाइट की करें तो
- दूध
- ग्लूटेन वाली चीजें जैसे गेहूं
- बहुत ज्यादा कॉफी पीना
- बहुत ज्यादा ऑयली और फैटी फूड्स का सेवन करना
- कार्बोनेडेट ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन
इन तमाम चीजों के अलावा जल्दी-जल्दी खाना खाना या देर से खाना भी पेट में सूजन यानी ब्लोटिंग का कारण बन सकती है। ऐसे में आपको अपनी डाइट में इन तमाम बातों का ध्यान रखना चाहिए।

IBS में किन फलों से बचें?
एडविना राज कहती हैं कि इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (IBS) वाले लोगों को लग सकता है कि कुछ फलों से पेट फूलना, गैस, पेट दर्द या मल त्यागने की आदतों में बदलाव जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कुछ फलों में FODMAPs होते हैं। ये ऐसे कार्बोहाइड्रेट हैं जो ठीक से पच नहीं पाते और आंत में पानी खींच सकते हैं जिससे ज्यादा गैस बनती है। हालांकि, IBS वाले हर व्यक्ति पर एक ही तरह के खाने का असर नहीं होता, इसलिए बिना वजह फलों से परहेज नहीं करना चाहिए, हालांकि इन फलों से लक्षण बिगड़ने की संभावना ज्यादा होती है जैसे
- सेब
- नाशपाती
- आम
- चेरी
- आड़ू
- आलूबुखारा
- नेक्टरीन और तरबूज शामिल हैं।
ध्यान देने वाली बात ये है कि कुछ जूस और ड्राई फ्रूट्स से भी ये समस्या बढ़ सकती है क्योंकि सुखाने से उनमें शुगर और FODMAPs की मात्रा बढ़ जाती है इसलिए अगर कभी खाएं भी तो फलों का ही सेवन करें।
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IBS में किन फलों को खाएं?
इरिटेबल बोउल सिंड्रोम (IBS) से बचने के लिए आप लो-FODMAP डाइट का सेवन कर सकते हैं। जैसे
- कीवी
- संतरा
- मैंडरिन
- अनानास
- स्ट्रॉबेरी
- ब्लूबेरी
सख्त केले जैसे फल बेहतर विकल्प हो सकते हैं। सही मात्रा में खरबूजा और पपीता भी खाया जा सकता है। इन फलों से विटामिन, मिनरल, पानी और फाइबर मिलते हैं, इसलिए IBS वाले लोगों को अपनी डाइट से फलों को पूरी तरह हटाने की जरूरत नहीं है।
IBS से कैसे करें बचाव
National Health Service. UK के अनुसार IBS से बचाव के लिए हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेना बेहद जरूरी है। साथ ही इस बात पर खास ध्यान दें कि दिन में कम से कम 8 से 10 बार लिक्विड लें। इसके अलावा एक्सरसाइज करें, स्ट्रेस कम लें और खुद को आराम दें। साथ ही खूब एक्सरसाइज करें। इसके अलावा एक महीने तक प्रोबायोटिक्स आजमाएं। ये गट बैक्टीरिया में बदलाव की वजह से होने वाले लक्षणों में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि खाने की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि जो फल आमतौर पर आसानी से पच जाते हैं, वे भी ज्यादा मात्रा में खाने पर परेशानी पैदा कर सकते हैं। एक साथ कई तरह के फल ज्यादा मात्रा में खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे एक बार में शरीर में जाने वाले FODMAPs की कुल मात्रा बढ़ सकती है। अगर IBS के लक्षण बार-बार दिखते हैं, तो खाने और लक्षणों की डायरी रखने से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किन चीजों से परेशानी बढ़ती है। लो-FODMAP डाइट आमतौर पर कुछ समय के लिए ही होती है और इसे डायटीशियन की सलाह से अपनाना चाहिए। इसके बाद, धीरे-धीरे उन चीजों को फिर से डाइट में शामिल किया जाता है ताकि यह पता चल सके कि व्यक्ति क्या पचा सकता है।
FAQ
आईबीएस में दर्द कहां होता है?
आईबीएस में दर्द पेट में होता है और रह-रहकर पेट में अकड़न की समस्या होती है। ये दर्द रह-रहकर महसूस हो सकती है और मल त्याग के दौरान भी महसूस हो सकती है।आईबीएस में घी खा सकते हैं क्या?
आईबीएस में घी खाना समस्याओं को और बढ़ा सकता है। इससे पेट की दिक्कतें बढ़ सकती हैं और आईबीएस के लक्षण बिगड़ सकते हैं।
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Aug 27, 2026 17:14 IST
Modified By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj Aug 27, 2026 17:14 IST
Published By : Pallavi Kumari