इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) एक आम पाचन से जुड़ी समस्या है, जिसमें पेट दर्द, गैस, दस्त या कब्ज जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है। यह समस्याएं आंतों के काम करने के तरीके से जुड़ी होती हैं, न कि किसी और समस्या से। वहीं दूसरी ओर, लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन, डिटॉक्स केशन और मेटाबॉलिज्म में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में जब किसी व्यक्ति को लंबे समय तक पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं तो अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या आंती की समस्या या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम शरीर के अन्य हिस्सों जैसे लिवर को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए आइए आज के इस लेख में हम बैंगलोर के एस्टर सीएमआई अस्पताल की कंसल्टेंट - इंटरनल मेडिसिन डॉ. पूजा पिल्लई (Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore) से जानते हैं कि क्या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम लिवर से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है?
क्या IBS लिवर की समस्या का कारण बन सकता है?
डॉ. पूजा पिल्लई के अनुसार, IBS, या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, सीधे तौर पर लिवर की समस्याओं का कारण नहीं बनता है। बल्कि IBS मुख्य रूप से बड़ी आंत को प्रभावित करता है और पेट दर्द, सूजन, गैस, दस्त या कब्ज जैसे लक्षणों का कारण बनता है। लिवर एक अलग अंग है और IBS से जुड़े डाइजेस्टिव सिस्टम से अलग तरह से काम करता है। हालांकि, IBS वाले कुछ लोगों को लिवर की बीमारियां भी हो सकती हैं, लेकिन इसका कारण IBS नहीं होता है। तनाव, खराब खानपान, शराब का सेवन या लंबे समय तक दवाओं का इस्तेमाल करने के कारण पेट और लिवर दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है। कुछ मामलों में पेट दर्द या थकान जैसे लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जिससे कंफ्यूजन हो सकती है। इसलिए अगर लिवर टेस्ट असामान्य आते हैं तो दूसरे कारणों का पता लगाने और सही जांच के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के कारण
डॉ. पूजा पिल्लई का कहना है कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें:
- दिमाग और आंत के बीच संकेतों का गलत संचार होने के कारण आंतें ज्यादा सेंसिटिव हो सकती हैं और सिकुड़ सकती हैं।
- सामान्य गैस या मल भी IBS वाले लोगों को दर्दनाक लग सकता है, क्योंकि उनकी आंतें ज्यादा सेंसिटिव होती हैं।
- आंतों की मांसपेशियां या तो बहुत तेज या बहुत धीर सिकुड़ सकती हैं, जिससे दस्त या कब्ज की समस्या हो सकती है।
- छोटी आंत में बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ने या आंत के बैक्टीरिया में असंतुलन IBS के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है।
- हाई फैट वाले फूड्स, डेयरी, गेहूं, बीन्स, कैफीन, शराब और कुछ सब्जियों और फलों का सेवन भी IBS की समस्या का कारण बन सकता है।
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इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण
डॉ. पूजा पिल्लई के मुताबिक, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या होने पर आपके शरीर में ये लक्षण नजर आ सकते हैं, जिनमें:
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन होना जो मल त्याग के बाद ठीक हो जाता है।
- मल त्याग में बदलाव जैसे दस्त या कब्ज या दोनों का बारी-बारी होना।
- पेट फूलना और गैस की समस्या बार-बार होना।
- मल के साथ बलगम यानी चिपचिपा पदार्थ निकलना।
- मल त्याग के बाद भी ऐसा महसूस होना कि पेट पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम लिवर से जुड़ी समस्याओं का कारण नहीं बनती हैं। बल्कि यह समस्या आपकी बड़ी आंत को प्रभावित करती है, जिससे आपको पेट में दर्द, ब्लोटिंग और गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको IBS और लिवर की समस्या है तो डॉक्टर से जांच करवाएं और लिवर की समस्या होने के सही कारणों के बारे में जानने की कोशिश करें।
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FAQ
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम क्यों होता है?
IBS होने का कोई तय कारण नहीं है, बल्कि यह दिमाग और आंत के बीच खराब संचार, आंतों की मांसपेशियों के असामान्य संकुचन, आंतों में बैक्टीरिया का असंतुलन और कुछ खाद्य पदार्थों के कारण हो सकता है।IBS में क्या परहेज है?
IBS में आपको ग्लूटेन, लैक्टोज, ज्यादा फ्रुक्टोज वाले फल, कुछ सब्जियां, फलियां और कैफीन आदि चीजों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये इसके लक्षणों को बदतर बना सकते हैं।IBS के लिए सबसे खराब खाद्य पदार्थ क्या है?
IBS के लिए सबसे खराब खाद्य पदार्थों में हाई-FODMAP फूड्स जैसे कुछ फल, सब्जियां और अनाज के अलावा डेयरी प्रोडक्ट्स, कैफीन, शराब, तले हुए और प्रोसेस्ड फूड्स शामिल हैं।
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Jan 08, 2026 12:54 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jan 08, 2026 12:54 IST
Modified By : Katyayani TiwariJan 08, 2026 12:54 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai