कब्ज को अक्सर अनहेल्दी डाइट, जंक फूड या कम फाइबर वाले खाने से जोड़कर देखा जाता है लेकिन अगर आप रोज फल, सब्जियां, दाल और घर का खाना खाते हैं, फिर भी पेट साफ नहीं होता, तो इसकी वजह सिर्फ भोजन नहीं हो सकती। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, रोजाना की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी मल त्याग को प्रभावित कर सकती हैं, पर्याप्त पानी न पीना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और मल त्याग की इच्छा को बार-बार रोकना जैसी आदतें कब्ज की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि कब्ज को समझते समय यह देखना जरूरी है कि व्यक्ति कितना पानी पी रहा है, उसकी फिजिकल एक्टिविटी कितनी है और मल त्याग की उसकी आदत कैसी है। कई बार छोटी-सी आदत लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकती है।
हेल्दी खाना खाने के बावजूद कब्ज क्यों रहती है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अगर डाइट और लाइफस्टाइल ठीक होने के बावजूद लंबे समय से कब्ज बनी हुई है, तो इसकी वजह कुछ दवाएं या अन्य हेल्थ कंडीशन भी हो सकती हैं। आयरन सप्लीमेंट, कुछ पेन किलर दवाएं भी कब्ज कर सकती हैं। थायराइड जैसी कुछ समस्याएं भी कब्ज से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए लंबे समय तक समस्या रहने पर डॉक्टर से कारण की जांच करवाना जरूरी है।
1. पानी कम पीना
फाइबर युक्त भोजन कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके साथ पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लेना भी जरूरी है। अगर डाइट में फाइबर बढ़ा दिया जाए और पानी पर्याप्त न पिया जाए, तो कुछ लोगों में मल ज्यादा सख्त महसूस हो सकता है। इसलिए पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है। हालांकि, पानी की जरूरत उम्र, मौसम, फिजिकल एक्टिविटी और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है।
2. फाइबर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज फाइबर के अच्छे सोर्स हैं लेकिन अगर पहले डाइट में फाइबर कम था और अचानक इसकी मात्रा बहुत बढ़ा दी गई, तो गैस, पेट फूलना या असहजता हो सकती है। फाइबर को धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त लिक्विड लेना ज्यादा सही रहता है।
3. मल त्याग की इच्छा को रोकना
काम या बिजी डेली रूटीन के कारण कई लोग टॉयलेट जाने की इच्छा को टालते रहते हैं। अगर यह आदत बार-बार दोहराई जाए, तो नियमित मल त्याग की आदत प्रभावित हो सकती है। इसलिए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय जरूरत महसूस होने पर टॉयलेट जाना बेहतर है।
इसे भी पढ़ें: कब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए? डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स, जल्द मिलेगी राहत
4. दिनभर बैठे रहना
हेल्दी डाइट के साथ शरीर का एक्टिव रहना भी जरूरी है। लंबे समय तक लगातार बैठना और रोजाना फिजिकल एक्टिविटी न करना कुछ लोगों में कब्ज की समस्या से जुड़ा हो सकता है। नियमित चलना या अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करना पाचन और सामान्य आंतों की एक्टिविटी के लिए मददगार हो सकता है।
Healthy khane k baad kabj
5. अनियमित रूटीन
कई लोगों का खाने और सोने का समय रोज बदलता रहता है। कभी नाश्ता छोड़ना, कभी बहुत देर से खाना और दिनभर खाने का कोई निश्चित पैटर्न न होना पाचन से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है।
कब्ज से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि डाइट में फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त लिक्विड लें। रोज कुछ समय फिजिकल एक्टिविटी के लिए निकालें और मल त्याग की इच्छा को न टालें। साथ ही, अपने डेली रूटीन को नियमित रखने की कोशिश करें। अगर कब्ज लगातार बनी रहती है, बार-बार लौटती है या घरेलू उपायों से सुधार नहीं होता, तो खुद से लंबे समय तक दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
इसे भी पढ़ें: पुरानी कब्ज से राहत के लिए इसबगोल लें या त्रिफला? जानें आयुर्वेदाचार्य से
साल 2018 में The journal of the missouri State Medical Assocation में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-
- कब्ज (Constipation) के इलाज के लिए सबसे पहले फाइबर और पानी का सेवन बढ़ाना, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना और सही समय पर टॉयलेट जाने की आदत डालना जरूरी है।
- क्रोनिक या पुरानी कब्ज के लिए फाइबर और पॉलीइथिलीन ग्लाइकोल (PEG) सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। पेट में ऐंठन से बचने के लिए उत्तेजक (स्टिमुलेंट) का इस्तेमाल बहुत कम करना चाहिए।
- मल को नरम करने वाले ऑस्मोटिक एजेंट का उपयोग डॉक्टर की सलाह या जरूरत के अनुसार सीमित समय के लिए ही करना बेहतर होता है।
निष्कर्ष
रोज हेल्दी खाना खाने के बावजूद कब्ज रहना इस बात का संकेत हो सकता है कि समस्या केवल डाइट से जुड़ी नहीं है। कम पानी पीना, अचानक बहुत ज्यादा फाइबर लेना, टॉयलेट की इच्छा रोकना, कम फिजिकल एक्टिविटी, अनियमित डेली रूटीन और कुछ दवाएं इसके संभावित कारण हो सकते हैं। अगर कब्ज लंबे समय से बनी हुई है या इसके साथ खून आना, तेज पेट दर्द, उल्टी, बिना वजह वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या ज्यादा चाय या कॉफी पीने से कब्ज होती है?
चाय या कॉफी का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अगर इनके कारण पानी का सेवन कम हो रहा है या व्यक्ति इन्हें पानी का विकल्प मान रहा है, तो यह समस्या हो सकती है।क्या तनाव और चिंता से कब्ज बढ़ सकती है?
तनाव और मानसिक परेशानी डाइजेस्टिव सिस्टम के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। कुछ लोगों में इसका असर कब्ज या दूसरी पाचन संबंधी समस्याओं के रूप में दिखाई दे सकता है।क्या दूध पीने से कब्ज होती है?
दूध से कब्ज होना सभी लोगों में नहीं देखा जाता। कुछ लोगों में दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स के प्रति सेंसिटिविटी होने पर पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 30, 2026 12:19 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
