Sat Oct 24, 2026 | 11:14 PM IST

Medically Reviewed by Ms Chitra B K , Chief Dietitian – Clinical & Oncology Nutrition

डिलीवरी के बाद कब्ज से राहत के लिए क्या खाएं? एक्सपर्ट से जानें

डिलीवरी के बाद कब्ज एक आम समस्या है, जिससे राहत पाने के लिए फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी और हेल्दी आदतें अपनाना जरूरी है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।
डिलीवरी के बाद कब्ज से राहत के लिए क्या खाएं? एक्सपर्ट से जानेंडिलीवरी के बाद कब्ज से राहत के लिए क्या खाएं? एक्सपर्ट से जानें

डिलीवरी के बाद कई महिलाएं कब्ज की समस्या से परेशान रहती हैं। इसके कारण वे पाचन से जुड़ी अन्य समस्याओं से परेशान होने लगती हैं। ऐसे में इससे राहत के लिए अक्सर महिलाओं को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की सलाह दी जाती है। आइए इस बारे में Ms Chitra BK, Chief of Dietetics, KIMS Hospitals, Electronic City, Bengaluru से जानें।

डिलीवरी के बाद कब्ज से राहत पाने के लिए क्या खाएं?

डाइटिशियन चित्रा के अनुसार, डिलीवरी के बाद कब्ज होना काफी आम बात है। हेल्दी और फाइबर से भरपूर डाइट लेने और नियमित गैप पर पर्याप्त पानी पीने से इसे ठीक किया जा सकता है। हार्मोनल बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, आयरन सप्लीमेंट लेना, दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल और टांके लगने या सिजेरियन डिलीवरी के बाद जोर लगाने के डर से कब्ज हो सकती है। सही डाइट लेने से मल त्यागने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

1. फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां खाएं

फाइबर युक्त डाइट मल को नरम और भारी बनाती है, जिससे उसे पास करना आसान हो जाता है। पपीता, नाशपाती, छिलके समेत सेब, संतरा और सूखे आलूबुखारे (prunes) जैसे फलों को रोजाना खाना चाहिए। इसके अलावा, अपनी डाइट में पालक, गाजर, बीन्स, मटर और लौकी जैसी सब्जियों को शामिल करें।

इसे भी पढ़ें: डिलीवरी के बाद शुरुआती 7 दिनों में क्या खाएं? गायनेकोलॉजिस्ट से जानें

2. साबुत अनाज और मोटे अनाज (millets) चुनें

डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत के लिए फाइबर युक्त साबुत गेहूं की रोटी, ओट्स, ब्राउन राइस, रागी और अन्य तरह के मोटे अनाज खाएं, जो मल त्यागने में मदद करते हैं। हालांकि, पेट फूलने या गैस बनने से बचने के लिए अपनी डाइट में फाइबर को धीरे-धीरे शामिल करें।

3. दालें और फलियां अपनी डाइट में शामिल करें

इस दौरान दालें, राजमा, छोले आदि फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होते हैं और डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी हैं। इनका सेवन करना पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है। 

what to eat to relieve constipation after delivery 01what to eat to relieve constipation after delivery 01

4. सीड्स खाएं

फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए चिया सीड्स और भीगे हुए अलसी के बीज (flaxseeds) भी लिए जा सकते हैं। इन चीजों को कम मात्रा में लें और पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें।

5. शरीर में पानी की कमी न होने दें (हाइड्रेटेड रहें)

डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत के लिए दिनभर पानी पीते रहें। सुबह गर्म पानी पीने से मल त्यागने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है। हालांकि यह कोई पक्का उपाय नहीं है, लेकिन जो माताएं ब्रेस्टफीडिंग (breastfeeding) करा रही हैं, उन्हें अपने पानी के सेवन का खास ध्यान रखना चाहिए।

6. प्रोबायोटिक्स से युक्त फूड्स लें

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में प्रोबायोटिक्स से युक्त दही और छाछ जैसे फूड्स को शामिल करें। इनका सेवन करने से स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखा जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: डिलीवरी के बाद शरीर को रिकवर होने और पहले जैसा महसूस करने में कितना समय लगता है? डॉक्टर ने दी जरूर सलाह

पाचन तंत्र से जुड़ी अच्छी आदतें अपनाएं

डायटिशियन चित्रा बताती हैं, डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए कुछ अच्छी आदतों को अपनाया जा सकता है, जो पेट के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।

  • खान-पान में बदलाव
  • हल्का टहलना
  • मल त्यागने की इच्छा होने पर तुरंत जाना 

क्या कहती है स्टडी?

साल 2014 में Cochrane Database of Systematic Reviews में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत के लिए हाई फाइबर युक्त फल, सब्जियों और सूप का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त पानी और लिक्विड का सेवन मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है। डाइट में मौजूद घुलनशील फाइबर मल को नरम करने में मदद करता है, जबकि इनसॉल्यूबल फाइबर मल की मात्रा बढ़ाकर आंतों की नियमित हलचल को बढ़ावा देता है। इसके अतिरिक्त ब्रान (चोकर) और इसबगोल (psyllium) जैसे बल्क-फॉर्मिंग कंपोनेंट मल में पानी की मात्रा और वजन बढ़ाकर आंतों की मोबिलिटी को बेहतर बनाते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डायटिशियन चित्रा कहती हैं, अगर आपको कब्ज के साथ-साथ पेट में तेज दर्द, उल्टी, मलद्वार से बहुत ज्यादा खून आना और पेट फूलने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के डॉक्टर से सलाह लें। अपने डॉक्टर से सलाह लिए बिना आयरन सप्लीमेंट लेना बंद न करें।

निष्कर्ष

डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत के लिए फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके लिए फल, सब्जियां, दालें, फलियां, सीड्स, साबुत अनाज और मोटे अनाज को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट करें, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखें और अच्छी आदतों को अपनाएं। ध्यान रहे, फाइबर युक्त खान-पान लेने, शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए।

ध्यान रहे, अगर हेल्दी आदतों के बाद भी कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या के क्या कारण हैं?

    डिलीवरी के बाद कई महिलाएं कब्ज की समस्या से परेशान रहती हैं। यह समस्या शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों, टांकों और दर्द के डर, दवाइयों और सप्लीमेंट्स का सेवन करने, शरीर में पानी की कमी होने, शरीर को एक्टिव न करने, शरीर में फाइबर की कमी होने और पाइल्स जैसी समस्याओं के कारण हो सकती है।
  • पाचन तंत्र ठीक न होने के क्या लक्षण हैं?

    पाचन तंत्र के ठीक न होने पर व्यक्ति को ब्लोटिंग, गैस, कब्ज, सीने में जलन, पेट दर्द, ऐंठन, दस्त, उल्टी मतली, थकान, कमजोरी, स्किन से जुड़ी समस्याएं, भूख न लगने और अचानक से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

Read Next

→ स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने के लिए फॉलो करें ये 7 तरीके

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 24, 2026 21:59 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Ms Chitra B K