Wed Oct 14, 2026 | 08:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lavanya Kiran , Gynaecologogist & Fertility Exper

डिलीवरी के बाद शुरुआती 7 दिनों में क्या खाएं? गायनेकोलॉजिस्ट से जानें

डिलीवरी के बाद शुरुआती 7 दिनों में महिलाओं को वजन घटाने के बजाय रिकवरी और पोषण पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, प्रोटीन, आयरन, फाइबर, कैल्शियम और हेल्दी फैट्स से भरपूर बैलेंस डाइट और पर्याप्त लिक्विड डाइट लेना जरूरी है।
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डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाओं को हल्का खाना खाने के लिए कहा जाता है, लेकिन इस दौरान खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है, जिससे शरीर को एनर्जी मिले और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है। आइए इस बारे में Dr. Lavanya Kiran, Director and Lead Consultant, Obstetrics, Gynaecology, KIMS Hospitals, Electronic City, Bengaluru से जानें।

डिलीवरी के बाद के हफ्ते में क्या खाएं?

Dr. Lavanya के अनुसार, डिलीवरी के बाद के हफ्ते में प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ा वजन कम करने को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं होनी चाहिए। "इसके बजाय, जो मां ब्रेस्टफीडिंग का विकल्प चुनती हैं, उनकी रिकवरी, सही पोषण और पर्याप्त एनर्जी व लिक्विड चीजों के सेवन पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।"

बच्चे के जन्म के बाद महिला के शरीर में कई शारीरिक बदलाव होते हैं। ऐसे में टिश्यू को ठीक करने, आयरन का स्तर को बढ़ाने, पाचन तंत्र को सही रखने और एनर्जी के स्तर को फिर से पाने के लिए पोषक तत्वों की भरपाई करना जरूरी है। डिलीवरी के बाद अच्छी डाइट के फायदे साफ हैं। यह सभी माताओं के लिए फायदेमंद है, चाहे बच्चे का जन्म किसी भी तरह से हुआ हो।

1. हर खाने में प्रोटीन शामिल करें

प्रेग्नेंसी के बाद टिशू की रिकवरी के लिए प्रोटीन मुख्य पोषक तत्वों में से एक है। डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजें जैसे दालें, अंडे, चिकन, मछली आदि शामिल करनी चाहिए। अगर भूख न लगे, तो दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ऐसा खाना खाएं जिसमें प्रोटीन हो।

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2. खून की कमी के बाद आयरन की भरपाई करें

बच्चे के जन्म के समय खून का बहना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा खून बहने से एनीमिया हो सकता है। इसलिए, इस दौरान आयरन से भरपूर चीजें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फलियां, तिल, अंडे, मीट और मछली का सेवन करना जरूरी है।

आयरन के अवशोषण (सोखने) में मदद के लिए आयरन वाले वेजिटेरियन फूड्स के साथ विटामिन-C वाली चीजें जैसे आंवला, अमरूद, संतरा और नींबू भी लेनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार, आयरन सप्लीमेंट लेना जारी रख सकते हैं।

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3. फाइबर और लिक्विड डाइट को नजरअंदाज न करें

डिलीवरी के शुरुआती दिनों में कम फिजिकल एक्टिविटी, दर्द और आयरन के सेवन के कारण कब्ज हो सकती है। ऐसे में इससे बचने के लिए डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें (फल, सब्जियां, ओट्स, साबुत अनाज और दालें) शामिल करें।

शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना चाहिए, खासकर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान।

4. कैल्शियम और हेल्दी फैट्स शामिल करें

कैल्शियम से भरपूर चीजें जैसे दही, दूध और पनीर हड्डियों की सेहत के लिए अच्छी होती हैं। सलाह दी जाती है कि आप नट्स और सीड्स के साथ-साथ हेल्दी कुकिंग ऑयल का सीमित मात्रा में सेवन करें ताकि आपको इन सोर्स से फैट्स और कैलोरी मिल सकें। डिलीवरी के बाद फैट्स को पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है।

5. खाना सिंपल, बैलेंस और नियमित रखें

डिलीवरी के बाद बहुत ज्यादा कैलोरी वाले खाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड खाने की चीजें, ज्यादा चीनी या बहुत ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने के बजाय प्रोटीन, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट वाला संतुलित खाना खाएं। किसी भी पोषक तत्व से युक्त फल, सब्जी या मसाले आदि को सीमित करने की जरूरत नहीं है।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2024 में Journal of Family Medicine and Primary Care में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रसव के बाद यानी पोस्टपार्टम में अपनाई जाने वाली ज्यादातर आदतें मां के लिए फायदेमंद थीं, लेकिन कुछ आदतें नुकसानदायक भी थीं जैसे प्रोटीन वाली चीजें न लेना, कम सब्जियां खाना, ज्यादा फल खाना और रात का खाना न खाना। खान-पान से जुड़ी इन गलत आदतों को मां और खाना बनाने वाले या देखभाल करने वालों को सही जानकारी देकर सुधारा जा सकता है।

वजन घटाने के बजाय रिकवरी पर दें ध्यान

Dr. Lavanya का कहना है, डिलीवरी के बाद के शुरुआती सात दिनों में डाइट के बजाय ठीक होने पर ध्यान देना चाहिए। कुछ महिलाओं को काफी ज़्यादा खून बहने, एनीमिया, जेस्टेशनल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या सी-सेक्शन सर्जरी के बाद की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें खास न्यूट्रिशन से जुड़ी सलाह की जरूरत होती है। यह बहुत जरूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद बताए गए न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स का ठीक से पालन किया जाए।

Dr. Lavanya कहती हैं, बच्चे के जन्म के बाद का न्यूट्रिशन प्लान रिस्ट्रिक्टिव वाला नहीं, बल्कि ठीक होने में मदद करने वाला होना चाहिए। बच्चे के जन्म के बाद पहले हफ्ते में सही मात्रा में खाना और लिक्विड डाइट लेना बहुत जरूरी है।

निष्कर्ष

डिलीवरी के शुरु के साल दिनों में खान-पान से जुड़ी बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं को प्रोटीन, आयरन, फाइबर, कैल्शियम और हेल्दी फैट्स से युक्त सिंपल एवं बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। इसके साथ-साथ शरीर की हाइड्रेशन का ध्यान रखते हुए पर्याप्त पानी पिएं और लिक्विड डाइट लें।

ध्यान रहे, इसके लिए डॉक्टर की सलाह ली जा सकती है, ताकि शरीर को पर्याप्त पोषण मिल सके और रिकवरी जल्दी हो सके।

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FAQ

  • डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए क्या करें?

    डिलीवरी के बाद शरीर की सही रिकवरी के लिए भरपूर आराम करें, पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें, शरीर को हाइड्रेट रखें, हल्का चलें-फिरें, लोगों से बात करें, घाव की सही देखभाल करें और स्ट्रेस को मैनेज करें।
  • डिलीवरी के बाद कितने दिन तक वजन नहीं उठाना चाहिए?

    नॉर्मल डिलीवरी के बाद 4 से 6 हफ्तों और सी-सेक्शन के मामलों में 6-8 हफ्तों तक भारी सामान उठाने से पूरी तरह बचना चाहिए।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 14, 2026 18:00 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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