Wed Sep 16, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी या सौंफ का पानी? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें मां के लिए क्या है बेहतर

शिशु के जन्म के बाद आमतौर पर मां की रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए सौंफ या अजवाइन का पानी दिया जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी अच्छा होता है, तो कुछ लोग सौंफ के पानी को बेहतर मानते हैं। इस लेख में न्यूट्रिशनिस्ट ने दोनों के बारे में विस्तार से बताया है।  

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शिशु की डिलीवरी के बाद मां के लिए शरीर की रिकवरी करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। डिलीवरी के बाद एक तरफ शिशु की देखभाल में मां को थकान होती है, तो दूसरी तरफ ब्रेस्टफीडिंग के लिए मां खुद को तैयार करती है। ब्रेस्ट मिल्क ज्यादा आए और साथ ही मां को न्यूट्रिशन और एनर्जी दोनों मिलें। इसके लिए भारतीय घरों में अजवाइन या सौंफ का पानी दिया जाता है, लेकिन सवाल यह है कि डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी पीना ज्यादा फायदेमंद है या सौंफ का? इस बारे में जानने के लिए हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि अजवाइन और सौंफ दोनों को महिलाएं पाचन से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए लेती हैं, लेकिन इन्हें पोस्टपार्टम रिकवरी या ब्रेस्टफीडिंग का आधार नहीं माना जा सकता है।

डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी क्यों पिया जाता है?

Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं, “अजवाइन का इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है। डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को गैस, पेट फूलना या पेट असहज होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। अजवाइन में थायमोल समेत कई कम्पाउंड पाए जाते हैं। इसलिए अजवाइन का पानी पेट से जुड़ी समस्याओं को कुछ समय के लिए कम कर सकता है।”

क्या अजवाइन का पानी ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाता है?

BioMed Research International जर्नल के अनुसार, अजवाइन में मौजून साइटोएस्ट्रोजन होते हैं, जो महिलाओं में दूध के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा, अजवाइन जठर रस, पित्त और अग्न्याशय एंजाइम के स्त्राव को बढ़ाता है, जिससे खाना जल्दी पच जाता है। अजवाइन में मौजूद इथेनॉल अर्क शरीर के दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

हालांकि, Chief Dietician Meena Kumari इससे इत्तेफाक नहीं रखती। उनका मानना है कि अजवाइन के पानी को ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाला नहीं कह सकते हैं। अगर किसी महिला को इसे पीने में अच्छा महसूस होता है और डॉक्टर या डायटिशियन इसे लेने से मना नहीं करते, तो इसे सामान्य रूप से लिया जा सकता है।

सौंफ का पानी डिलीवरी के बाद कितना फायदेमंद है?

Meena Kumari का कहना है, “सौंफ में एरोमेटिक कम्पाउंड होता है। इसका इस्तेमाल भी पारंपरिक रूप से पाचन के लिए किया जाता है। इसके अलावा, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सौंफ को लेक्टेशन सपोर्ट के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस वजह से कई नई माओं को डिलीवरी के बाद सौंफ का पानी या सौंफ से बने लड्डू दिए जाते हैं।”

National Institute of Child Health and Human Development के मुताबिक, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि सौंफ का इस्तेमाल करने से दूध और फैट की मात्रा व शिशु के वजन बढ़ने में सुधार होता है।

  • सौंफ लेने से मां के खून में प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है या नहीं, इस पर वैज्ञानिक अध्ययनों के परिणाम मिले-जुले हैं। कुछ अध्ययनों में बढ़ोतरी देखी गई, तो कुछ में ऐसा कुछ नहीं मिला।
  • सौंफ का इस्तेमाल करने से शिशुओं के पेटदर्द के लिए भी अच्छा माना गया है। अगर मां सौंफ का पानी लेती है, तो दूध में इसकी थोड़ी मात्रा शिशु के लिए आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होती।
  • कई अध्ययनों में पाया गया है कि मां के द्वारा रोजाना 2 लीटर से ज्यादा सौंफ का पानी लेने से शिशु में उल्टी, दूध न पीना जैसे लक्षण देखे गए हैं।

ajwain or sauf water

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अजवाइन और सौंफ के पानी को कैसे लें?

Meena Kumari ने बताया कि अजवाइन और सौंफ का पानी बनाते समय एक लीटर पानी को उबालकर उसमें एक चम्मच सौंफ या अजवाइन डाल दें। फिर इसे ठंडा करके थोड़ा-थोड़ा लेते रहे। इससे मां के डाइजेशन में मदद मिल सकती है।

डिलीवरी के बाद अजवाइन और सौंफ में से क्या बेहतर है?

Meena Kumari ने कहा, “अगर डिलीवरी के बाद परेशानी गैस, पेट फूलना या हल्के पाचन की है, तो अजवाइन पानी विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर महिला को सौंफ पसंद है और वह इसे पाचन के लिए लेना चाहती है, तो सौंफ का पानी भी लिया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए सौंफ या अजवाइन का पानी न पिएं। ब्रेस्टफीडिंग और रिकवरी के लिए महिलाओं को अपने न्यूट्रिशन और फीडिंग पैटर्न पर ध्यान देना जरूरी है।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

Meena Kumari सलाह देती हैं कि डिलीवरी के बाद शरीर को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और फ्लूड की जरूरत होती है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां की न्यूट्रिशनल जरूरतें बढ़ सकती हैं। इसलिए रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने क लिए डाइट में प्रोटीन युक्त फूड्स, दालें, दूध-दही, अंडे, सब्जियां और फल लें। इसके अलावा, शिशु को बार-बार ब्रेस्टफीड कराना भी महत्वपूर्ण है।

उनका कहना है कि सौंफ या अजवाइन का पानी सिर्फ पाचन जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए लें। इसे किसी भी तरह से दवा या डाइट की जगह इस्तेमाल न करें। इसके अलावा, अजवाइन या सौंफ का पानी ज्यादा न पिएं, क्योंकि इससे पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ भी सकती हैं।

निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद सौंफ या अजवाइन का पानी पीना पाचन के लिए बेहतर है, लेकिन इसे डाइट की जगह इस्तेमाल न करें। जिन महिलाओं की सर्जरी हुई है, ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है या मेडिकल परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह पर ही अजवाइन या सौंफ का पानी लें। पोस्टपार्टम रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए बैलेंस्ड डाइट, प्रोटीन, पर्याप्त फ्लूड और आराम करना चाहिए।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या अजवाइन और सौंफ का पानी एक साथ मिलाकर पिया जा सकता है?

    अजवाइन और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर उबालना सबसे बेस्ट कॉम्बिनेशन माना जाता है। यह पाचन दुरुस्त करता है और अजवाइन की तासीर की गर्मी को सौंफ संतुलित कर देती है।
  • डिलीवरी के बाद अजवाइन या सौंफ का पानी कितने दिनों तक लगातार पीना चाहिए?

    आमतौर पर डिलीवरी के बाद 40 दिनों तक ये दोनों पानी पिएं जा सकते हैं। शुरुआती 40 दिनों में शरीर को रिकवरी, गर्भाशय की सफाई और दूध की सप्लाई स्थिर करने के लिए इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 16, 2026 19:26 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari

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