अजवाइन का पानी पीना, पेट से जुड़ी कई समस्याओं में असरदार माना जाता है। सदियों से लोग अजवाइन के छोटे-छोटे बीजों को डाइजेशन बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करते आए हैं। अजवाइन में मिलने वाला बायोइंग्रीडिएंट थाइमोल सबसे शक्तिशाली कंपाउंड है जो कि पेट में एसिड बाइल जूस को बेअसर करता है और एसिडिटी को रोकता है। इतना ही नहीं, जब आप इसे पानी में उबालकर, इसे अर्क के रूप में लेते हैं तो ये पेट की सूजन को कम करने के साथ बॉवेल मूवमेंट को तेज करने में मदद करता है। इसके अलावा एसिडिटी में अजवाइन के कई फायदे हैं जानते हैं इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से।
अजवाइन का पानी गैस-एसिडिटी में कितना असरदार है?
डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं कि अजवाइन का उपयोग पेट से जुड़ी कई समस्याओं में असरदार माना जाता है। दरअसल, इसका मुख्य कंपाउंड थाइमोल, अपच की समस्या को कम करता है और डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ावा देता है जो एसिडिटी को बेअसर करता है। इतना ही नहीं जब आप अजवाइन का पानी पीते हैं तो इससे कई फायदे मिलते हैं जैसे-
गैस्ट्रिक जूस बनाने में मददगार
डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं कि जब आप अजवाइन के बीजों को उबालकर इसका पानी पीते हैं तो ये गैस्ट्रिक जूस बढ़ाने में मदद करता है। इससे ये पेट को नॉर्मल डाइजेस्टिव इंजाइम्स को बढ़ावा देता है और जिससे पाचन बेहतर होता है। इससे होता यह है कि आप जो कुछ भी खाते हैं वो आसानी से पच जाता है। इसके अलावा जब आप अजवाइन का पानी पीते हैं तो
- गैस, पेट में ऐंठन और ब्लोटिंग को कम होती है।
- अजवाइन का पानी पेट की परत की रक्षा करने और म्यूकस बनाने में मदद करता है, जिससे जलन कम होती है।
इसके अलावा भी साल 2014 में BioMed Research International में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, अजवाइन का सेवन पेट दर्द, ऐंठन और एसिड रिफ्लक्स जैसी पाचन से जुड़ी समस्याओं के इलाज में उपयोग किया जाता है। स्टडी से पता चलता है कि अजवाइन का अर्क पेट दर्द से राहत दिलाने में प्रभावी है, लेकिन यह पेट के एसिड के डिस्चार्ज की मात्रा और समय को बढ़ाता है इसलिए बार-बार इसका सेवन सही नहीं है।
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पेट का pH बैलेंस करने में मददगार
अजवाइन का पानी पेट के pH को बैलेंस करने में मददगार है। ये पेट के एसिड को न्यूट्रलाइज करने के साथ पीएच बैलेंस करने में मददगार है। इससे सीने में होने वाली जलन कम होती है और आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप खट्टी डकारें महसूस कर रहे हैं तो भी अजवाइन का पानी इसे कम करने में मददगार है।
गैस रिलीज हो जाती है
इसके अलावा जब आप अजवाइन का पानी पीते हैं तो ये गैस रिलीज करने में मदद करता है। थाइमोल जैसे एक्टिव कंपाउंड गैस बनने को कम करते हैं और पेट की परेशानी से राहत देते हैं। यह भारी खाने को पचाने और एसिड बनने से रोकने के लिए गैस्ट्रिक जूस को बढ़ावा देता है।
अजवाइन का पानी कैसे बनाएं?
- अजवाइन का पानी बनाने के लिए आपको करना ये है कि 2 चम्मच अजवाइन लें।
- अब इन बीजों को पानी में उबाल लें और पानी को छानकर अलग कर लें।
- इसके बाद इस पानी में थोड़ा सा नमक मिला लें और इसका सेवन करें।
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एसिडिटी में अजवाइन खाने के अन्य तरीके
अजवाइन का पानी पीने के अलावा आप अजवाइन के बीजों को चबा-चबाकर खा सकते हैं। आप सुबह-सुबह इसका सेवन खाली पेट कर सकते हैं जो कि मेटाबॉलिज्म तेज करने के साथ पाचन से जुड़ी तमाम समस्याओं को कम करने में मददगार है। इसके अलावा अजवाइन को तवे पर भूनकर इसका पाउडर बनाकर रख सकते हैं और इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पी लें। आप अजवाइन को जीरे के साथ भी ले सकते हैं जो कि एसिडिटी में मददगार है।
निष्कर्ष:
अंत में डॉ. किरण बताती हैं कि एसिडिटी में अजवाइन का सेवन फायदेमंद है, लेकिन ध्यान रखें कि बार-बार एसिडिटी की दिक्कत होना एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है जो बताता है कि ये लक्षण पेट और आंतों से जुड़ी बीमारियों की वजह से हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाएं, जरूरी जांच करवाएं और उनके सुझाव को मानें ताकि एसिडिटी आपको बार-बार परेशान न करे और आपका पाचन सही रहे।
FAQ
क्या गर्भवती महिला अजवाइन खा सकती है?
प्रेग्नेंसी में अजवाइन का सेवन थोड़ी मात्रा में तो कर सकते हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में इसे लेने से बचें। अजवाइन की प्रकृति गर्म होती है और इससे नुकसान हो सकता है।अजवाइन कब नहीं खानी चाहिए?
पेट की गर्मी बढ़ने, मुंह में छाले होने पर और लिवर से जुड़ी समस्याओं में अजवाइन का सेवन करना नुकसानदेह हो सकता है।
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Sep 09, 2026 17:07 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta