डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाएं पहले की तुलना में अधिक कमजोरी, थकान महसूस करती हैं। असल में, यह वह दौर होता है, जब ज्यादा रेस्ट करने की जरूरत होती है। हालांकि, डिलीवरी के बाद कितने दिनों तक रेस्ट करना चाहिए और उनकी बॉडी को रिकवरी में कितना समय लग सकता है, इस तरह के तमाम सवाल महिलाओं के दिमाग में होते हैं।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "महिलाओं को डिलीवरी के बाद कम से कम 6 सप्ताह तक आराम करना चाहिए। कुछ महिलाओं को इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। वास्तव में, महिला को कितने दिनों तक आराम करना चाहिए, यह पूरी तरह महिला स्वास्थ्य और उसकी रिकवरी की दर पर निर्भर करता है।"
डिलीवरी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?

आमतौर पर यह माना जाता है कि डिलीवरी के बाद पहले जैसा महसूस करने और पूरी तरह रिकवरी में 6 सप्ताह का समय लगता है। हालांकि, रिकवरी हमेशा महिलाओं के शरीर और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए, रिकवरी की समय सीमा को लेकर कोई सटीक पैमाना नहीं है। इस संबंध साल 2025 में European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology में प्रकाशित एक शोध पत्र से पता चलता है कि डिलीवरी के बाद महिलाओं को पूरी तरह ठीक होने और पहले जैसा महसूस करन में 6 सप्ताह से अधिक समय लगता है।
अध्ययन में आगे बताया गया है कि प्रसव के 3-6 महीने बीत जाने के बाद भी 42.5 फीसदी महिलाएं ही सभी तरह से यानी शारीरिक, मानसिक, यौन और रोजमर्रा के कामकाज के संबंध में खुद को पूरी तरह फिट महसूस करती हैं। सामान्यतः महिलाओं को पूरी तरह रिकवर होने में औसतन 14.5 से 15 सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं, सेक्शुअल रिलेशनशिप के लिए वे 6-7 सप्ताह बाद खुद को तैयार पाती हैं।
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किस तरह होती है रिकवरी?
डिलीवरी के बाद शरीर के हर हिस्से को रिकवरी के लिए अलग-अलग समय लगता है। इसे हम विस्तार से समझते हैं-
1. गर्भाशय में सिकुड़न
प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु के विकास के लिए गर्भाशय का आकार भी फैलता रहता है। आमतौर पर महिलाओं को लगता है कि डिलीवरी होते ही गर्भाशय सिकुड़ जाता है। ऐसा नहीं है। गर्भाशय को पुरानी अवस्था में लौटने में कम से कम 6 सप्ताह का समय लगता है। यह प्रक्रिया धीमी है और समय लेती है। Cleveland Clinic के अनुसार, डिलीवरी के बाद गर्भाशय में सिकुड़ने की प्रक्रिया के दौरान महिला को पेट दर्द, क्रैंपिंग महसूस हो सकती है।
2. योनि से रक्तस्राव
वजाइनल डिलीवरी के बाद हर महिला को हैवी ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है। कुछ महिलाओं को 10 दिनों तक लगातार ब्लीडिंग हो सकती है। वहीं, कुछ महिलाओं को 6 सप्ताह तक लगातार स्पॉटिंग या डिस्चार्ज हो सकता है। यह समस्या भी महीने भर में पूरी तरह ठीक होती है।
NCBI Bookshelf पर उपलब्ध Open Resources for Nursing पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय के अनुसार, प्रसव के बाद होने वाली ब्लीडिंग तीन चरण (Rubra, Serosa, Alba) में होती है, जो की धीरे-धीरे ठीक होते हैं। इसे ठीक होने में 10 से 28 दिन का समय लग सकता है।
3. टांकों का सूखना
हालांकि, आजकल ऐसे टांके आ गए हैं, जिन्हें कटवाने के लिए डाॅक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन, इसकी रिकवरी दर भी हर महिला के लिए अलग-अलग होती है। कुछ महिलाओं के टांके जल्दी सूख जाते हैं। हालांकि, दर्द बना रहता है। इसे पूरी तरह ठीक होने में 6 सप्ताह या इससे अधिक समय भी लग सकता है।
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4. सी-सेक्शन में रिकवरी
सी-सेक्शन की रिकवरी वजाइनल डिलीवरी की तुलना में अलग होती है। डाॅ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "सी-सेक्शन होने पर महिला को कट और घाव को ठीक होने में भले ही 4 से 6 सप्ताह का समय लगता है, लेकिन अंदरूनी टिश्यूज की रिकवरी में कई महीने भी लग जाते हैं।"
5. पेल्विक फ्लोर
प्रेग्नेंसी के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां काफी ज्यादा स्ट्रेच होती हैं, ताकि शिशु के भार को सपोर्ट कर सके। इसी तरह, डिलीवरी के दौरान इन मांसपेशियों का अहम योगदान होता है। हालांकि, डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सामान्य स्थिति में आने 3 से 6 महीने का समय लग जाता है। कई मामलों में पुरानी स्ट्रेंथ हासिल करने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
6. हार्मोनल संतुलन
प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इसी तरह, डिलीवरी के बाद भी हार्मोन में उतार-चढ़ाव बना रहता है, क्योंकि शरीर ब्रेस्टफीड के लिए खुद को तैयार करता है। ऐसे में महिला के लिए पूरी रिकवरी में 3 से 6 माह का समय लग सकता है। इसके बाद कहीं जाकर उनका हार्मोनल बदलाव में स्थिरता नजर आती है।
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निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद रिकवरी में एक निश्चित समय लगे, यह जरूरी नहीं है। हर महिला का शरीर अलग होता है। कुछ महिलाओं को रिकवरी में कम समय लगता है, तो कुछ महिलाओं को ज्यादा। हालांकि, हर महिला को डिलीवरी के बाद पर्याप्त रेस्ट करना चाहिए, अच्छी डाइट लेनी चाहिए और जरूरी हो,तो डाॅक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स ले सकती हैं। इस तरह रिकवरी की गति तेज होती है। इससे महिला मानसिक रूप से भी खुद को बेहतर महसूस करने लगती हैं।
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Sep 17, 2026 11:24 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta