When Can A Woman Have Sex After Delivery: आमतौर पर डिलीवरी के बाद महिलाएं कुछ समय के लिए पूरी तरह सेक्स से दूरी बना लेती हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो डिलीवरी के बाद शरीर काफी कमजोर होता है, यौन संबंध बनाने पर जल्दी कंसीव करने का रिस्क भी रहता है और कुछ महिलाओं के लिए डिलीवरी के बाद यौन संबंध बनाना दर्दभरा एहसास भी हो सकता है। सवाल है, डिलीवरी के कितने दिन बाद तक सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाया जा सकता है? आमतौर पर इसके लिए 6 सप्ताह तक इंतजार करने की सलाह दी जाती है। जानें, ऐसा क्यों कहा जाता है और डिलीवरी के बाद सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

डिलीवरी के कितने दिनों बाद करें सेक्स (After How Long After Delivery Can You Have Intercourse)
StatPearls की मानें, तो डिलीवरी के बाद महिलाओं को सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने से पहले 4 से 6 सप्ताह तक इंतजार करना चाहिए। इसी बात को सरल तरीके से डॉ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, “डिलीवरी के बाद महिलाओं को सबसे पहले अपनी रिकवरी पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए 4-6 सप्ताह का समय लगता है। इसलिए, इस समयावधि में महिलाओं को सेक्स नहीं करना चाहिए।” वहीं, NHS की मानें तो डिलीवरी के बाद सेक्स की शुरुआत करने का कोई स्थति फार्मूला नहीं होता है। आप जब रेडी हो जाएं, तभी सेक्शुअल रिलेशनशिप बना सकती हैं।
डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, “डिलीवरी के बाद कब सेक्स करना चाहिए, इसका कोई यूनिवर्सल नियम नहीं है। जब महिला शारीरिक तथा मानसिक रूप से खुद को यौन संबंध के लिए तैयार महसूस करें, उसके बाद से वे शारीरिक संबंध बना सकती हैं। हां, महिलाओं को डिलीवरी के बाद संबंध बनाने से पहले डॉक्टर से अपनी जांच करवा लेनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह के आधार पर आपको सेक्शुअल रिलेशनशिप की शुरुआत करनी है या नहीं, इसका फैसला ले सकती हैं।
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डिलीवरी के कितने दिनों बाद करें सेक्स
StatPearls की मानें, तो डिलीवरी के बाद महिलाओं को सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने से पहले 4 से 6 सप्ताह तक इंतजार करना चाहिए। इसी बात को सरल तरीके से डॉ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, "डिलीवरी के बाद महिलाओं को सबसे पहले अपनी रिकवरी पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए 4-6 सप्ताह का समय लगता है। इसलिए, इस समयावधि में महिलाओं को सेक्स नहीं करना चाहिए।" वहीं, NHS की मानें तो डिलीवरी के बाद सेक्स की शुरुआत करने का कोई स्थति फार्मूला नहीं होता है। आप जब रेडी हो जाएं, तभी सेक्शुअल रिलेशनशिप बना सकती हैं।
डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, "डिलीवरी के बाद कब सेक्स करना चाहिए, इसका कोई यूनिवर्सल नियम नहीं है। जब महिला शारीरिक तथा मानसिक रूप से खुद को यौन संबंध के लिए तैयार महसूस करें, उसके बाद से वे शारीरिक संबंध बना सकती हैं। हां, महिलाओं को डिलीवरी के बाद संबंध बनाने से पहले डॉक्टर से अपनी जांच करवा लेनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह के आधार पर आपको सेक्शुअल रिलेशनशिप की शुरुआत करनी है या नहीं, इसका फैसला ले सकती हैं।"
डिलीवरी के तुरंत बाद सेक्स करने के नुकसान
डिलीवरी के तुरंत बाद किसी भी महिला को सेक्स नहीं करना चाहिए। इससे उनके स्वास्थ्य को गहरा नुकसान हो सकता है, जैसे-
गर्भाशय में संक्रमण का खतरा बना रहता है। असल में, डिलीवरी के बाद गर्भाशय बहुत कमजोर होता है और प्लेसेंटा निकाले जाने के कारण घाव भी बना होता है। ऐसी स्थिति में सेक्स करने से अंदर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में महिला को पेट दर्द, बुखार और अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
डिलीवरी के तुरंत बाद यौन संबंध बनाने से हैवी ब्लीडिंग या हैमरेज हो सकता है। दरअसल, रिकवरी होने से पहले ही यौन संबंध बना लिया जाए, तो घाव गहरे हो सकते हैं, जिससे हैवी ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। नतीजतन, महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर खतरनाक रूप से गिर सकता है, जो कि अपने आप में एक इमरजेंसी कंडीशन है।
डिलीवरी के तुरंत बाद यौन संबंध किसी भी स्थिति में नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे टांके टूटने या उसके क्षतिग्रस्त होने का जोखिम बढ़ जाता है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "शारीरिक संबंध बनाने के दबाव से सिजेरियन के कट या योनि के फटने पर लगे टांके खुल सकते हैं या टूट सकते हैं। ऐसे में दर्द, घाव से खून आना और दोबारा टांके लगाने की नौबत आ सकती है।"
क्या डिलीवरी के बाद पहली बार सेक्स करने पर दर्द होता है?
महिलाएं जब भी डिलीवरी के बाद पहली बार सेक्स करती हैं, तो उन्हें दर्द का एहसास हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे-
हार्मोन के स्तर में बदलावः डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में एक बार फिर हार्मोनल उतार-चढ़ाव होने लगते हैं। विशेषकर, उनके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। नतीजतन, वजाइनल ड्राईनेस हो सकती है, जिससे यौन संबंध बनाने दर्द भरा हो जाता है।
संवेदनशील निशान रह जानाः नॉर्मल डिलीवरी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को खिंचाव, टांकों या एपिसीओटोमी के कारण संवेदनशील निशान रह जाते हैं, जो दबाव पड़ने पर खिंचते हैं और दर्द करते हैं।
थकान और तनावः प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और ब्रेस्टफीडिंग। ये तीनों ऐसी प्रक्रियाएं हैं, जिसकी वजह से महिलाएं काफी ज्यादा थक जाती हैं। उन्हें ब्रेस्टफीड कराते हुए शिशु का पूरा ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में न सिर्फ वे थकान से भर जाती हैं, बल्कि तनाव भी होने लगता है। ऐसे में उन्हें डिलीवरी के बाद सेक्स को लेकर डर बना रहता है।
क्या डिलीवरी के बाद पहली बार सेक्स से प्रेग्नेंसी हो सकती है?
डॉ. शोभा गुप्ता स्पष्ट करती हैं, "डिलीवरी के लगभग 3 सप्ताह यानी 21 दिन बाद दोबारा प्रेग्नेंसी ठहर सकती है। इसलिए जब भी महिलाएं डिलीवरी के बाद यौन संबंध बनाएं, तो उन्हें पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि दो बच्चों के बीच कम से कम 3 साल का गैप रखें। इससे पहले बच्चे को मां का पूरा समय मिलता है और दूसरी प्रेग्नेंसी भी पूरी तरह नॉर्मल होती है।"
American Pregnancy Association के अनुसार, बच्चे को जन्म देने के बाद ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) किसी भी समय दोबारा शुरू हो सकती है। चूंकि डिलीवरी के बाद पहला पीरियड आने से पहले ही ओव्यूलेशन हो जाता है, इसलिए इस दौरान बिना कंट्रासेप्शन के संबंध बनाने से आप दोबारा गर्भवती हो सकती हैं। इसलिए डिलीवरी के बाद जब भी सेक्स करें, प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना न भूलें।
डिलीवरी के बाद सेक्स करने से क्या तकलीफ हो सकती है

स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "प्रेग्नेंसी से लेकर डिलीवरी और फिर शिशु को स्तनपान कराने तक महिलाओं के शरीर में असंख्य बदलाव होते हैं। इस दौरान वे कई तरह के हार्मोनल बदलाव से भी गुजरती हैं। ऐसे में उन्हें वजाइनल ड्राईनेस, योनि में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर महिला ने पूरी तरह रिकवरी न की हो, तो डिलीवरी के बाद वह जब भी सेक्स करेगी, तो उसे दर्द का अहसास हो सकता है।"
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डिलीवरी के बाद सेक्स के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
दर्द निवारक लेंः स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता की मानें, “डिलीवरी के बाद जब भी आप पहली बार सेक्स करें, तो कुछ खास किस्म के दर्दनिवारक जरूर लें। जरूरी नहीं है कि आप दवाईयों का सेवन करें। इसके उलट, आपको चाहिए कि सेक्स से पहले यूरिन कर लें, वॉर्म बाथ ले लें। ऐसा करने से पेल्विक एरिया को खुलने में मदद मिलेगी और दर्द नेचुरल तरीके से कम होगा। अगर सेक्स करने के बाद योनि में जलन महसूस हो, तो बर्फ का इतेमाल करें।”
लुब्रिकेंट लगाएंः स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता आगे सलाह देती हैं, “डिलीवरी के बाद महिलाओं को सेक्स करने से पहले लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, सेक्स पूरी तरह माइंड गेम होता है। अगर आप मेंटली सेक्स करने के लिए तैयार नहीं होंगी, तो इससे योनि में ड्राईनेस बनी रहेगी। ऐसे में अगर सेक्स किया जाए, तो इससे आपको तकलीफ हो सकती है। वहीं, लुब्रिकेंट के इस्तेमाल से सेक्स प्रक्रिया सहज हो जाएगी।”
समय का ध्यान रखेंः डिलीवरी के बाद जब भी पहली बार सेक्स करें, तो बहुत ज्यादा कॉन्शस रहें। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब भी अपने अंतरंग संबंध की नई शुरुआत करें, तो वह मानसिक तौर पर सुकून देने वाली होनी चाहिए। ऐसा करने से सेक्स में होने वाली छोटी-मोटी तकलीफों को नजरअंदाज करना आसान हो जाता है।
चीजों को योनि से रखें दूर: आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता आगे सलाह देती हैं, "डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी योनि में कोई भी बाहरी चीज नहीं डालनी चाहिए। इनमें टैम्पोन जैसी चीजें शामिल हैं। ध्यान रखें, आपकी ग्रीवा अभी तक सिकुड़ी नहीं है। बच्चा होने के बाद, आपकी इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो जाती है। बैक्टीरिया आपकी गर्भाशय में प्रवेश कर आपको आसानी से बीमार कर सकता है। इंटिमेट रिश्ते के लिए भी कम से कम 6-7 सप्ताह का समय लें।"
डॉक्टर के पास कब जाएं?
डिलीवरी के बाद जब भी आप शारीरिक-मानसिक रूप से खुद को फिट मानें, इसके बाद यौन संबंध बना सकती हैं। इसके बावजूद, नाॅर्मल डिलीवरी के बाद यौन संबंध बनाने की शुरुआत करने से पहले अपने शरीर में नजर आ रहे लक्षणों पर गौर करें और तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं, जैसे-
- अगर बहुत ज्यादा या बदबूदार स्राव हो रहा है
- अचानक बहुत तेज ब्लीडिंग हो
- पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द,
- बहुत तेज बुखार हो
- यदि टांके में लालिमा, सूजन, मवाद आने लगे
- टांके खुलने लगे या फिर पेशाब में जलन व छाती में दर्द जैसी समस्या दिखे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने की बात यह है कि डिलवरी के बाद कम से कम 4 से 6 सप्ताह तक इंतजार करने के बाद महिलाएं यौन संबंध बना सकती हैं। हालांकि, उन्हें अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। अगर वे महसूस करें कि डिलीवरी के 6 सप्ताह बाद भी यौन संबंध के लिए तैयार नहीं हैं, तो इस संबंध में अपने पार्टनर से बातचीत कर सकती हैं। हां, जरूरी हो, तो डाॅक्टर से संपर्क कर अपनी मन की सारी परेशानियां साझा की जा सकती है।
All Image Credit: Magnific
FAQ
डिलीवरी के कितने दिन बाद गर्भ ठहर सकता है?
पहली डिलीवरी के बाद तुरंत कंसीव करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इस दौरान महिला का शरीर काफी कमजोर होता है और नवजात शिश को भी मां की जरूरत होती है। डिलीवरी के बाद कम से कम एक साल तक दूसरी प्रेग्नेंसी का इंतजार करना चाहिए। आपको बता चलें कि अगर महिला पहली डिलीवरी के तुरंत बाद कंसीव कर लेती है, तो इससे सेकेंड बेबी प्रीमैच्योर हो सकता है या फिर जन्म के समय वह अंडरवेट हो सकता है।नॉर्मल डिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है?
नॉर्मल डिलीवरी के बाद यह बात ज्यादा मायने रखती है कि मां बच्चे को अपना दूध पिलाती है या नहीं। दरअसल, डिलीवरी के बाद अगर महिला बच्चे को अपना दूध पिलाती है, तो करीब 6 माह तक महिला को पीरियड्स नहीं होते हैं। हालांकि, हर महिला के लिए यह समय अलग-अलग हो सकता है। वहीं, अपना स्तनपान न कराने वाली महिला को जल्दी पीरियड्स शुरू हो सकते हैं।डिलीवरी के बाद कितने दिन तक काम नहीं करना चाहिए?
डिलीवरी के बाद कम से कम 40 दिनों तक महिला को आराम करना चाहिए। इस दौरान महिला का शरीर बहुत कमजोर होता है और शिशु भी मां के दूध पर ही निर्भर रहता है। इसलिए, इस दौरान महिला को अच्छा खानपान लेना चाहिए और पूरा रेस्ट करना चाहिए।क्या वजाइनल डिलीवरी की तुलना में सी-सेक्शन के बाद जल्दी यौन संबंध बनाए जा सकते हैं?
नहीं, सी-सेक्शन के बाद भी गर्भाशय की रिकवरी, प्लेसेंटा के घाव और पेट के निचले हिस्से के टांकों को भरने में काफी समय लगता है। इस स्थिति में 6-8 सप्ताह का समय रिकवरी में लगता है।क्या डिलीवरी के बाद सेक्स के दौरान होने वाले पेन को कम करने के लिए सिर्फ लुब्रिकेंट लगाना काफी है?
सबसे पहले यह जानें कि आपको सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाते हुए दर्द क्यों हो रहा है? अगर ड्राईनेस के कारण ऐसा हो रहा है, तो वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट (Water-based Lubricant) का उपयोग करने से ड्राईनेस कम होती है और संबंध बनाना आसान भो जाता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
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Aug 24, 2026 17:04 IST
Modified By : Meera Tagore Dec 06, 2023 17:48 IST
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Modified By : Meera TagoreDec 06, 2023 17:48 IST
Modified By : Meera TagoreJun 12, 2023 15:00 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta