Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

एग रिट्रीवल (अंडा निकालने) के बाद बॉडी को रिकवर होने में कितना समय लगता है? बता रहे हैं डॉक्टर

एग रिट्रीवल के बाद रिकवर होने में महिलाओं को एक से दो सप्ताह का समय चाहिए होता है। हालांकि, शुरुआती 24 घंटे काफी अहम होते हैं। ऐसा क्यों है? जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।

एग रिट्रीवल एक छोटी सी सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसे आईवीएफ के दौरान किया जाता है। इसके जरिए महिला के अंडाशय से मैच्योर एग बाहर निकाले जाते हैं। इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए महिला को करीब 8 से 10 दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन दिया जाता है, ताकि कई अंडे बन सकें। इसके बाद महिला को एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिसके बाद डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की मदद से एक पतली सुई को योनि के रास्ते फॉलिकल्स तक पहुंचाते हैं और अंडों को सुरक्षित रूप से निकाला जाता है। बहरहाल, एग रिट्रीवल की यह प्रक्रिया सुनने में भले ही सरल लगती है, लेकिन इसके बाद महिलाओं को रिकवरी के लिए पर्याप्त समय चाहिए। इस लेख में हम वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानेंगे कि आईवीएफ में एग रिट्रीवल के बाद महिलाओं को रिकवर होने में कितना समय लग सकता है?

एग रिट्रीवल के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?

how long does body take to recover after egg retrieval 01 (19)

शुरुआती 24 घंटे में

चूंकि, एग रिट्रीवल प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया दिया जाता है, इसलिए सर्जरी खत्म होने के बाद शुरुआती 24 घंटे काफी संवेदनशील होते हैं। इस दौरान महिला को हल्की सुस्ती या चक्कर आने की आशंका बनी रहती है। इस दौरान महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द, ऐंठन और भारीपन भी महसूस हो सकता है। इस अवस्था में महिला को 24 घंटे रेस्ट करने की सलाह दी जाती है।

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2 से 5 दिन बाद

सामान्य तौर पर आईवीएफ में एग रिट्रीवल प्रक्रिया के करीब 2 से 5 दिन के भीतर महिला पूरी तरह सामान्य जीवनशैली में लौट जाती हैं। हालांकि, इस अवस्था में भी महिलाओं को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे ब्लोटिंग, कब्ज और हल्की ब्लीडिंग। यह सब हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। इस दौरान महिलाओं को हैवी वर्कआउट नहीं करना चाहिए और भारी सामान उठाने से भी बचना चाहिए।

1 से 2 सप्ताह बाद

करीब 1 से 2 सप्ताह बाद महिला पूरी तरह रिकवर कर लेती है। असल में, अंडाशय को सामान्य आकार में आने में लगभग 7 से 14 दिन का समय लगता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो प्रक्रिया के बाद जब अगला पीरियड आ जाता है, तो समझ लेना चाहिए कि शरीर पूरी तरह रिकवर कर चुका है।

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कब जाएं डॉक्टर के पास

आईवीएफ में एग रिट्रीवल प्रक्रिया प्रोफेशनल लोग ही करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि महिलाओं की रिकवरी सही तरह से हो। इसके बावजूद, अगर महिला को यहां बताई गई समस्याएं महसूस हों, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए, जैसे-

  • एग रिट्रीवल के 24 घंटे के भीतर लगभग 1 किलोग्राम तक का वजन बढ़ जाना।
  • पेट के निचले हिस्से में तीव्र दर्द होना।
  • प्रक्रिया के बाद अचानक सांस संबंधी समस्या होना।
  • मतली और उल्टी जैसी समस्या होना।
  • प्रक्रिया के तुरंत बाद वजाइनल डिसचार्ज से बदबू आना और बुखार आना।

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निष्कर्ष

एग रिट्रीवल के कुछ दिनों बाद ही महिलाएं सामान्य दिनचर्या में लौट आती हैं। हालांकि, इसके बाद महिलाओं को जरूरी सलाह दी जाती है, जैसे भारी सामान न उठाएं, हैवी वर्कआउट न करें आदि। ध्यान रखें कि किसी भी मेडिकल प्रक्रिया के बाद शरीर को रिकवरी के लिए न्यूनतम समय की जरूरत होती है। कम से कम 1 से 2 सप्ताह तक शरीर को पूरा आराम दें। इस दौरान किसी भी तरह की शारीरिक समस्या महसूस हो, तो डॉक्टर से मिलें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या एग रिट्रीवल के बाद दर्द होता है?

    एग रिट्रीवल प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया दिया जाता है। इसलिए, इसमें दर्द का एहसास नहीं होता है। हालांकि, प्रक्रिया के बाद हल्की ऐंठन या दर्द हो सकता है।
  • क्या प्रक्रिया के अगले दिन रोजमर्रा के कामकाज किए जा सकते हैं?

    एग रिट्रीवल प्रक्रिया के तुरंत बाद शारीरिक काम करने से बचना चाहिए। डेस्क जॉब करने वाली वर्किंग महिलाएं अगले दिन से काम शुरू कर सकती हैं, लेकिन डॉक्टर इसकी सलाह नहीं देते हैं।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 01, 2026 09:00 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 01, 2026 09:00 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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