इन 3 प्रकार से होता है आईवीएफ (IVF) ट्रीटमेंट, जानें निःसंतान लोग कैसे चुनें अपने लिए सही IVF का तरीका

माता-पिता बनने के सपने काे पूरा करने के लिए लाेग आईवीएफ का सहारा लेते हैं। आईवीएफ तीन तरीकाें से किया जा सकता है। जानें इनके बारे में

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Aug 12, 2021
इन 3 प्रकार से होता है आईवीएफ (IVF) ट्रीटमेंट, जानें निःसंतान लोग कैसे चुनें अपने लिए सही IVF का तरीका

क्या आप इनफर्टिलिटी की समस्या फेस कर रहे हैं? हर पति-पत्नी का सपना हाेता है, माता-पिता बनना। लेकिन कई कपल अपने इस सपने काे पूरा करने में असफल हाे जाते हैं। देशभर में कई लाेग प्रजनन क्षमता से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। दरअसल, खराब जीवनशैली, खानपान और एक्सरसाइज की कमी का असर फर्टिलिटी पर पड़ता है। जिससे वे दांपत्य जीवन में माता-पिता काे सुख प्राप्त करने में असमर्थ हाे जाते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि आप मां-बाप का सुख प्राप्त कर सकते हैं। इस स्थिति में आईवीएफ प्रक्रिया (IVF Process) मददगार साबित हाे सकती है। आईवीएफ का पूरा नाम इन विर्टाे फर्टिलाइजेशन है। इसकी मदद से संतान सुख से वंचित महिलाओं काे मां बनने का सुख प्राप्त हाेता है।

आईवीएफ उन दंपत्तियाें के लिए सही है, जाे बांझपन से जूझ रहे हैं लेकिन माता-पिता बनने की चाह रखते हैं। आईवीएफ करवाने से पहले आपकाे हमेशा डॉक्टर से कंसल्ट करने की जरूरत हाेती है। क्याेंकि कंसीव न कर पाने या गर्भ न ठहरने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हाे सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर आपकाे आईवीएफ करवाने काे लेकर सही सलाह दे सकते हैं। 

IVF

(Image Source : headtopics)

आईवीएफ के प्रकार (Types of IVF)

आईवीएफ के जरिए संतान सुख प्राप्त करने या पाने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार हाेते हैं। इन तीनाें के कुछ लाभ हाेते हैं, ताे कुछ जाेखिम भी हाेते हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में-

नेचुरल आईवीएफ (Natural IVF)

नेचुरल आईवीएफ काे नेचुरल साइकिल इन विर्टाे फर्टिलाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है। नेचुरल आईवीएफ कुदरती अंडे के जरिए किया जाता है। इसमें स्टिमुलेशन के जरिए तैयार अंडाणु से नहीं किया जाता है। जाे महिलाएं बहुत ज्यादा खर्च, दवाइयाें से बचना चाहती हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प हाे सकता है। नेचुरल आईवीएफ में एग काे एकत्रित करके पुरूष के स्पर्म के साथ मिलाया जाता है, जिससे भ्रूण का निर्माण हाे सके। इसे बाद में महिला के गर्भाशय में इंप्लांट किया जाता है।

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नेचुरल आईवीएफ के लाभ (Benefits of Natural IVF)

  • नेचुरल आईवीएफ की प्रक्रिया में अंडाशय काे उत्तेजित किया जाता है। यानी  स्टिमुलेशन के जरिए तैयार अंडाणु से नहीं किया जाता है इसलिए इसमें हाइपरस्टिमुलेशन हाेने का खतरा नहीं रहता है।
  • इसमें एक ही भ्रूण का निर्माण किया जाता है। अतिरिक्त भ्रूण का इसमें निर्माण नहीं हाेता है।
  • जिन महिलाओं काे एफएसएच स्तर अधिक हाेता है, उनके लिए आईवीएफ का यह तरीका कारगर हाे सकता है।

नेचुरल आईवीएफ के नुकसान (Side Effects of Natural IVF)

  • नेचरुल आईवीएफ में एक ही भ्रूण का निर्माण किया जाता है, इसलिए इसका सफल हाेना थाेड़ा मुश्किल हाेता है।
  • इस प्रक्रिया में असफल एग रिट्रीवल हाे सकता है, जिससे भ्रूण निर्माण के असफल हाेने का जाेखिम बढ़ जाता है।
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(Image Source : carolinasfertilityinstitute.com)
 

मिनिमल स्टिमुलेशन आईवीएफ

आईवीएफ की मिनिमल स्टिमुलेशन प्रक्रिया में महिलाओं काे दवाई खिलाकर एक स्वस्थ अंडाणु तैयार किया जाता है। इससे अंडाशय में अधिक अंडे बनते हैं। इस प्रक्रिया में मासिक धर्म काे नहीं राेका जाता है। आईवीएफ की यह प्रक्रिया कई बार फेल भी हाे जाती है।

मिनिमल स्टिमुलेशन आईवीएफ के लाभ 

  • इसमें ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन सिंड्राेम का खतरा कम रहता है। 

मिनिमल स्टिमुलेशन आईवीएफ के जाेखिम 

  • इसमें कम अंडाें की जरूरत हाेती है, जिससे कम भ्रूणाें काे ट्रांसफर किया जाता है। 

कनर्वेशनल आईवीएफ

कनर्वेशनल आईवीएफ काे पारंपरिक आईवीएफ भी कहा जाता है। इसमें अंडाणु और वीर्य काे मिलाया जाता है, प्रजनन की क्षमता बढ़ जाती है। आईवीएफ में इस तरीके का सबसे अधिक उपयाेग किया जाता है। इस प्रक्रिया में महिला के पीरियड्स या मासिक धर्म काे राेककर गर्भाशय काे एग बनाने के लिए उत्तेजित किया जाता है। इसके बार इन एग्स काे स्पर्म के साथ मिलाया जाता है। इससे भ्रूण तैयार हाेने लगता है। इस प्रक्रिया में 2-3 भ्रूणाें काे इंप्लांटेशन के लिए चुना जाता है, बाकि भ्रूणाें काे नष्ट कर दिया जाता है।

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कनर्वेशनल आईवीएफ  के लाभ 

  • कनर्वेशनल आईवीएफ प्रक्रिया में कंसीव करने या गर्भधारण करने की संभावना अधिक रहती है। 
  • इसमें सर्वाेत्तम भ्रूण का चुनाव किया जाता है, इसलिए गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

कनर्वेशनल आईवीएफ के नुकसान 

  • आईवीएफ के इस प्रकार में अंडाशन उत्तेजित हाेते हैं, इसलिए कई बार हाइपरस्टिमुलेशन हाेने की संभावना बढ़ जाती है। 
  • इसमें एग रिट्रीवल के बाद रक्तस्त्राव हाे सकता है।

जिन महिलाओं में अंडाें की कमी हाेती है, उनके लिए नेचुरल आईवीएफ और मिनिमल स्टिमुलेशन आईवीएफ सही रहता है। कई बार यह नाकाम भी हाे सकता है, ऐसे में इसे दाेहराना पड़ता है।

( Main Image Source : theconversation.com, Webmd)

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