Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

डिलीवरी के बाद हो जाती है वजाइनल ड्राइनेस, जानें इसके 4 बड़े कारण

Vaginal Dryness After Delivery: डिलीवरी के बाद वजाइनल ड्राइनेस होना सामान्य होता है। हालांकि, ऐसा क्यों कहा जा रहा है और वजाइनल ड्राइनेस होने पर महिलाओं को क्या करना चाहिए? जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।

Vaginal Dryness Causes: प्रेग्नेंसी का सफर हर महिला के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें तरह-तरह की परेशानियों और शारीरिक-मानसिक बदलाव का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। इसी तरह डिलीवरी के बाद भी महिलाओं के लिए फिजिकल बदलाव कम नहीं होते हैं। डिलीवरी के बाद उनके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिर जाता है। यहां तक कि कई महिलाओं को रिकवरी में समय लगता है और वे वजाइनल ड्राइनेस भी महसूस करती हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर मन में उठता है कि आखिर डिलीवरी के बाद वजाइनल ड्राइनेस क्यों हो जाती है? आखिर इसका क्या कारण है? आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं इसके मुख्य कारणों के बारे में।

डिलीवरी के बाद वजाइनल ड्राइनेस के कारण- Causes Of Vaginal Dryness After Delivery

what causes vaginal dryness after delivery 01 (10)

1. पोस्टपार्टम हार्मोन में बदलाव

प्रेग्नेंसी के दौरान जो एस्ट्रोजन हार्मोन अपनी पीक पर होता है, वही डिलीवरी के बाद तेजी से गिर जाता है। इसे आप हार्मोनल शिफ्ट कह सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि डिलीवरी के 24 घंटे के अंदर ही महिलाओं के साथ ऐसा होता है। इस दौरान प्रोजेस्टेरोन में भी कमी आती है। ऐसे में महिलाओं में वजाइनल ड्राइनेस बढ़ सकती है। National Institutes of Health (NIH) | (.gov)  से भी इस बात की पुष्टि होती है की कम एस्ट्रोजन का स्तर योनि की चिकनाई में कमी का कारण बन सकता है।

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2. ब्रेस्टफीडिंग के कारण

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है, लेकिन यह सच है कि जो महिलाएं ब्रेस्टफीड करवाती हैं, उनमें भी वजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो जाती है। दरअसल, ब्रेस्टफीड प्रकिया भी एस्ट्रोजन के स्तर को प्रभावित करती है। इसके अलावा, ब्रेस्टफीडिंग करवाने की वजह से शुरुआती लगभग 6 माह तक महिलाओं को पीरियड्स नहीं होते हैं। ऐसे में हार्मोन संतुलित नहीं हो पाते हैं। नतीजतन, महिलाओं को वजाइनल ड्राइनेस का सामना करना पड़ता है।

3. टिश्यूज में बदलाव

वजाइनल डिलीवरी के बाद वजाइनल टिश्यूज की इलास्टिसिटी प्रभावित हो जाती है। यह भी वजाइनल ड्राइनेस का एक मुख्य कारण है। कई बार शिशु का सिर बड़ा होने के कारण महिलाओं वजाइनल डिलीवरी के दौरान योनि में कट मारना पड़ता है, ताकि डिलीवरी स्मूद हो सके। डिलीवरी के तुरंत बाद योनि में स्टिचेस लगाए जाते हैं, ताकि प्रभावित हिस्सा पहले की तरह हो सके। यह कंडीशन भी योनि में ड्राइनेस पैदा कर सकती है

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4. तनाव और थकान

डिलीवरी के बाद नई मांएं अपने शिशु की देखभाल, नींद की कमी और शारीरिक थकान महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। ध्यान रखें कि जब शरीर बहुत ज्यादा तनाव से गुजरता है, तो कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है। इसकी वजह से वजाइनल ड्राइनेस की समस्या भी हो जाती है और यौन उत्तेजना में भी कमी आती है। दरअसल, थकान की वजह से ब्लड फ्लो पर नेगेटिव असर पड़ता है।

वजाइनल ड्राइनेस से कैसे छुटकारा पाएं?

vaginal health after delivery

वजाइनल ड्राइनेस ज्यादा हो, तो महिलाएं यहां बताए गए कुछ टिप्स अपना सकती हैं, जैसे-

  1. लुब्रिकेंट और मॉइस्चराइजर का यूज कर सकते हैं।
  2. दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  3. इंटरनल हाइजीन का प्रॉपर ध्यान रखें।
  4. ड्राइनेस ज्यादा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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निष्कर्ष

ध्यान रखें कि डिलीवरी के बाद वजाइनल ड्राइनेस अस्थाई है। यह कोई पर्मानेंट समस्या नहीं है। इसलिए, इसे लेकर ज्यादा परेशान न हों। हां, अगर ड्राइनेस ज्यादा परेशान कर रही है, इसकी वजह से घाव या खुजली बढ़ रही है, तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से मिलें और अपना इलाज करवाएं। वे आपको मॉइस्चराइजर या लुब्रिकेंट लगाने के लिए दे सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर ही समय-समय पर इसका यूज करें। आपकी समस्या कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • डिलीवरी के बाद प्राइवेट पार्ट कैसा होता है?

    डिलीवरी के बाद प्राइवेट पार्ट (योनि) में शुरुआती दिनों में सूजन होती है और अधिक सेंसिटिव हो जाती है। स्टिचेस लगने की वजह से वहां जलन, दर्द और लाइट ब्लीडिंग भी हो सकती है। हालांकि, कुछ हफ्तों में इसमें बदलाव देखने को मिलता है और योनि अपनी पुरानी अवस्था में लौट आती है।
  • डिलीवरी के बाद गर्भाशय कब तक ठीक होता है?

    डिलीवरी के बाद योनि को ठीक होने में कुछ सप्ताह का समय लगता है। हालांकि, यह महिला की रिकवरी दर कैसी है, इस बात पर भी निर्भर करता है।
  • महिला डिलीवरी के कितने दिन बाद प्रेग्नेंट हो जाती है?

    आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करवाने की वजह से महिलाओं में ओव्यूलेशन 6 सप्ताह तक डिले हो जाते हैं। जैसे ही पीरियड्स शुरू हो जाते हैं और महिला सेक्शुअली एक्टिव हो जाती हैं, इसके बाद वे कभी भी कंसीव कर सकती हैं।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 29, 2026 15:14 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jan 29, 2026 15:14 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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