Sat Oct 17, 2026 | 05:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

डिलीवरी के बाद कितने दिन तक वजन नहीं उठाना चाहिए? गायनेकोलॉजिस्ट से जानें

डिलीवरी के बाद महिलाओं को भारी वजन उठाने से बचना चाहिए, क्योंकि शरीर को अंदरूनी रूप से ठीक होने में समय लगता है। भारी सामान उठाने से पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स और टांके खुलने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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डिलीवरी के बाद महिलाओं को खान-पान पर ज्यादा ध्यान देने और ज्यादा भारी सामान उठाने से मना किया जाता है, लेकिन कब तक यह सवाल कई महिलाओं के मन में आता है। आइए इस बारे में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानें।

डिलीवरी के बाद कब तक भारी वजन नहीं उठाना चाहिए?

डॉ. अंजू के अनुसार, डिलीवरी (Delivery) चाहे नॉर्मल हो या सिजेरियन (C-Section), मां के शरीर को अंदरूनी रूप से रिकवर होने में समय लगता है। इस दौरान वजन उठाने पर बहुत सख्त रिस्ट्रिक्शन होता है।

नॉर्मल डिलीवरी (Normal/Vaginal Delivery): अगर डिलीवरी नॉर्मल हुई है और टांके नहीं आए हैं या कम हैं, तो भी कम से कम 6 से 8 हफ्ते (लगभग 2 महीने) तक किसी भी तरह का भारी वजन उठाने से बचना चाहिए।

सिजेरियन डिलीवरी (C-Section Delivery): जिन महिलाओं की सी-सेक्शन सर्जरी हुई है, उनके पेट की मांसपेशियों और बच्चादानी (Uterus) पर बड़ा चीरा लगा होता है। इन इंटरनल टांके और टिश्यू को पूरी तरह जुड़ने में कम से कम 10 से 12 हफ्ते (2.5 से 3 महीने या डॉक्टर की अनुमति मिलने तक) का समय लगता है। इस दौरान भारी वजन उठाने से पूरी तरह बचना चाहिए।

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वजन उठाने से शरीर पर बुरा असर

डॉ. अंजू बताती हैं, डिलीवरी के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों और गर्भाशय ज्यादा खिंच जाते हैं। शरीर के हार्मोन्स (जैसे Relaxin) के कारण लिगामेंट्स भी ढीले होते हैं। ऐसे में भारी वजन उठाने से गंभीर परेशानियां हो सकती हैं।

1. पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स (Pelvic Organ Prolapse)

अगर आप शुरुआती हफ्तों में भारी बाल्टी, गैस सिलेंडर या वजन उठाती हैं, तो पेट के अंदर का दबाव (Intra-abdominal Pressure) अचानक बहुत बढ़ जाता है। इससे कमजोर हो चुकी पेल्विक मांसपेशियां गर्भाशय, ब्लैडर या मलाशय को संभाल नहीं पातीं हैं और वे अपनी जगह से खिसककर नीचे योनि की तरफ लटक सकते हैं।

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2. सिजेरियन के टांकों का खुलना (Suture Dehiscence)

सी-सेक्शन के बाद अगर आप वजन उठाती हैं, तो पेट के अंदरूनी और बाहरी टांकों पर बहुत ज्यादा स्ट्रेस पड़ता है। इससे टांके फटने, ब्लीडिंग होने या अंदरूनी हर्निया (Incisional Hernia) का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

3. गर्भाशय से ब्लीडिंग बढ़ना (Postpartum Hemorrhage)

अत्यधिक शारीरिक जोर पड़ने से गर्भाशय का संकुचन (uterine contractions) प्रभावित होता है और बंद हो चुकी ब्लीडिंग अचानक फिर से तेज शुरू हो सकती है।

इस दौरान क्या उठा सकती हैं और क्या नहीं?

डॉ. अंजू का कहना है, इस दौरान महिलाएं कुछ बातों का ध्यान रखते हुए बच्चे को उठा सकती हैं। वहीं, कुछ चीजों को उठाने से बचना चाहिए।

क्या उठा सकती हैं?

आप अपने नवजात शिशु को अपनी गोद में उठा सकती हैं, क्योंकि शिशु का वजन नॉर्मल सीमा में होता है। ध्यान रहे, आप रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर, घुटनों के बल बैठकर उसे उठाएं, सीधे कमर झुकाकर नहीं।

क्या बिल्कुल न उठाएं?

भारी पानी की बाल्टियां, ग्रॉसरी के भारी बैग, घर का कोई भारी सामान, बड़े फर्नीचर या 5 किलो से ज्यादा का कोई भी वजन न उठाएं।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2022 में International Journal of Sports Physical Therapy में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद महिलाओं को सही एक्सरसाइज और रिहैबिलिटेशन को लेकर सही सलाह नहीं मिल पाती है। खेलकूद या नॉर्मल एक्टिविटी शुरू करने से पहले धीरे-धीरे और छोटे-छोटे स्टेप लेने चाहिए। डिलीवरी के तुरंत बाद ज्यादा एक्टिविटी करने से रिकवरी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, पेल्विक फ्लोर थेरेपी असरदार है।

प्रेग्नेंसी और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपने शरीर की बदलती स्थिति को लगातार समझना चाहिए। एक्सरसाइज और काम में छोटे-छोटे स्टेप लेते हुए वापस लौटना चाहिए, ताकि हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।

डॉक्टर की सलाह पर करें एक्टिविटी

डॉ. अंजू का कहना है, यह समय मां के लिए हीलिंग का समय होता है। ऐसे में इस दौरान किसी भी हैवी चीज को उठाने से बचें या ऐसा कोई काम न करें, जिससे कोई परेशानी हो।

  • घर के कामों में अपने परिवार के सदस्यों या पति से मदद लें।
  • डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद जब आप अपना पहला पोस्टपार्टम चेकअप करवाने जाएं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें कि अब आप हल्के काम या एक्सरसाइज शुरू कर सकती हैं या नहीं। डॉक्टर के कहने के बाद ही धीरे-धीरे अपनी फिजिकल एक्टिविटीज को बढ़ाएं।

निष्कर्ष

डिलीवरी चाहे नॉर्मल हो या सिजेरियन, शरीर को अंदरूनी रूप से रिकवर होने में समय लगता है। ऐसे में नॉर्मल डिलीवरी के बाद 6 से 8 हफ्ते और सिजेरियन डिलीवरी के बाद 10 से 12 हफ्ते तक 5 किलो से ज्यादा वजन उठाने से पूरी तरह बचना चाहिए। इस दौरान भारी सामान उठाने से पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स (अंगों का नीचे खिसकना), सी-सेक्शन के टांकों का फटना और ब्लीडिंग बढ़ने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

आप सिर्फ सही तरीके से अपने बच्चे को उठा सकती हैं। घर के कामों में परिवार की मदद लें और 6 हफ्ते बाद डॉक्टर की सलाह पर ही आम एक्टिविटीज शुरू करें। कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • डिलीवरी के बाद क्या खाएं?

    डिलीवरी के बाद प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर साबुत अनाज, फलों, हरी सब्जियों, पंजीरी, दलिया, खिचड़ी और दूध-दही को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • डिलीवरी के बाद क्या करें?

    डिलीवरी के बाद भरपूर नींद लें, बैलेंस डाइट लें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और घाव की देखभाल करें। स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 17, 2026 15:13 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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