Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

लगातार आने वाली छींक हो सकती है एलर्जिक राइनाइटिस का लक्षण, डॉक्टर से जानें इसके कारण और इलाज

सुबह उठते ही अगर आप लगातार छींकने लगते हैं और सिर भारी हो जाता है तो आपको एलर्जिक राइनाइटिस की बीमारी हो सकती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये बीमारी आपके घर में जमा गंदगी के कारण भी ट्रिकर कर सकती है।

छोटे बंद घरों में रहना और कई बार साफ सफाई की कमी भी कई बीमारियों को घर बैठे जन्म देती है। ऐसी ही एक बीमारी है एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis), जिसके लक्षण आपको कुछ ही समय में ज्यादा परेशान कर सकते हैं। दरअसल, इस बीमारी में हवा में मौजूद कुछ कण नाक की नली में घुस जाते हैं और एलर्जी को ट्रिगर करते हैं। हालांकि, बहुत से लोग इलर्जी को नजरअंदाज कर देते हैं जबकि समय के साथ ये दिक्कत बढ़ सकती है इसलिए जरूरी है कि आप जानें कि एलर्जिक राइनाइटिस का कारण क्या है? इस बीमारी को ट्रिगर करने वाली किन चीजों से आपको बचना चाहिए और क्या कोई इलाज है जिसकी मदद से ये बीमारी ठीक हो सकती है? जानते हैं इन तमाम सवालों के जवाब Dr. Pooja Pillai Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru

एलर्जिक राइनाइटिस क्या है?

एलर्जिक राइनाइटिस हमारे इम्यून सिस्टम से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है जिसमें कि हमारा इम्यून सिस्टम कुछ ट्रिगर्स के प्रति अलर्ट हो जाता है। इसे ऐसे समझें कि आपने धूल में सांस लिया और धूल के कण, आपकी नाक से होते हुए शरीर में पहुंच गए। फिर इम्यून सिस्टम ने इनसे लड़ने के लिए शरीर को अलर्ट किया और तब शरीर ने हिस्टामाइन नाम के केमिकल प्रड्यूस किया। हिस्टामाइन और धूल के कणों का यही रिएक्शन एलर्जिक राइनाइटिस कहलाता है।

एलर्जिक राइनाइटिस का कारण

NIH की ये रिपोर्ट एलर्जिक राइनाइटिस के कारणों पर खास ध्यान देते हुए कुछ तथ्यों का खुलासा करती है। इस स्टडी को ध्यान से पढ़ने पर समझ आता है कि पहले माना जाता था कि एलर्जिक राइनाइटिस सिर्फ नाक के रास्ते की बीमारी है लेकिन, 'यूनिफ़ाइड एयरवे थ्योरी' के आने के बाद, एलर्जिक राइनाइटिस को पूरे शरीर में होने वाली एलर्जिक प्रतिक्रिया का एक हिस्सा माना जाने लगा है। इसमें अस्थमा और एटोपिक डर्मेटाइटिस जैसी दूसरी बीमारियां भी शामिल हैं, जिनमें शरीर में एक ही तरह की एलर्जिक प्रक्रिया होती है।

इसी दौरान शोध करते हुए कुछ कारणों का भी पता चलता है जैसे मौसम, एलर्जिक राइनाइटिस का कारण हो सकती है। इस शोध में बताया गया है कि लगभग 20% मामले मौसमी होते हैं। अन्य कारणों में

  •  घर में कारपेट, पर्दे, बिस्तर, डोर मैट और फर्नीचर में रहने वाले डस्ट माइट्स इसका कारण हो सकते हैं।
  • पेड़ों, घास और खरपतवार से निकलने वाला पराग के कण भी एलर्जिक राइनाइटिस का टिर्गर कर सकते हैं।
  • पालतू जानवरों के बाल या उनसे निकले वाले डेड स्किन सेल्स भी इस एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं।
  • कॉकरोच और इनसे जुड़ी गंदगी भी एलर्जिक राइनाइटिस का कारण बन सकते हैं।

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एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण

एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षणों में व्यक्ति कुछ ही देर में जुकाम और हल्का बुखार जैसा महसूस कर सकता है जिसमें एलर्जिक राइनाइटिस के शुरुआती लक्षण ऐसे होते हैं-

  • लगातार आने वाली छींक
  • नाक बहना और लाल हो जाना
  • आंख, नाक और गले में खुजली महसूस करना
  • आंखों से लगातार पानी आना
  • सिर दर्द या नाक के ऊपरी हिस्से में भारी महसूस करना
  • बार-बार नाक और गले में बलगम आना

लंबे समय तक एलर्जी रहने पर शरीर का तापमान बढ़ सकता है, सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है और व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार महसूस कर सकता है।

Allergic Rhinitis

एलर्जिक राइनाइटिस का इलाज

डॉक्टर पूजा बताती हैं किसी भी एलर्जी में सबसे पहला इलाज है इसके कारणों से बचना। एक बार अगर आपको मालूम पड़ जाए कि आपको ये बीमारी किस चीज से हुई है तो आपको उस चीज से दूरी बनानी चाहिए जैसे
-घर के कारपेट, पर्दे, बिस्तर, डोर मैट और फर्नीचर की लगातार डस्टिंग करते रहें।
-पालतू जानवरों से जुड़ी साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
-धूल और गंदगी वाली जगहों पर मास्क लगाएं।

आगे कहती हैं कि एलर्जी राइनाइटिस का कोई एक इलाज नहीं है जो सभी को स्थायी रूप से ठीक कर दे, लेकिन लक्षणों को अक्सर बहुत प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। लक्षणों की गंभीरता के आधार पर डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन, स्टेरॉयड नेज़ल स्प्रे या अन्य दवाएं लेने की सलाह दे सकते हैं।

जिन लोगों को लगातार या परेशान करने वाली एलर्जी है, उनके लिए एलर्जन इम्यूनोथेरेपी पर विचार किया जा सकता है। इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली को धीरे-धीरे नियंत्रित मात्रा में एलर्जन के संपर्क में लाया जाता है और समय के साथ संवेदनशीलता कम हो सकती है। व्यक्ति के लक्षणों और कारकों का आकलन करने के बाद, एलर्जी विशेषज्ञ या ईएनटी डॉक्टर द्वारा उपचार व्यक्तिगत रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए।

एलर्जिक राइनाइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए?

डॉक्टर पूजा कहती हैं कि एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित सभी लोगों के लिए कुछ निश्चित खाद्य पदार्थों की सूची नहीं है जिनसे उन्हें परहेज करना चाहिए। आमतौर पर भोजन से एलर्जिक राइनाइटिस नहीं होता, जब तक कि व्यक्ति को किसी अन्य खाद्य पदार्थ से एलर्जी न हो या उसे किसी विशेष खाद्य पदार्थ से संबंधित प्रतिक्रिया न हो। कुछ लोगों को बहुत मसालेदार भोजन खाने के बाद नाक संबंधी लक्षण बढ़ सकते हैं क्योंकि इससे अस्थायी रूप से नाक बंद हो सकती है या नाक बह सकती है। कुछ लोगों में शराब भी नाक बंद होने की समस्या को बढ़ा सकती है। 

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हालांकि, कुछ मामलों में फर्मेंटेड और प्रिजरवेटिव चीजों के सेवन से दूर रहना चाहिए। ठंडी चीजों को न खाएं। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें। दूध और दही से बलगम बढ़ सकता है इसलिए इससे भी दूरी बनाएं। ज्यादा तले-भुने और मसालेदार भोजन से दूर रहें।

एलर्जिक राइनाइटिस का घरेलू इलाज क्या है?

कई सरल उपाय एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। जैसे
धूल से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखने, चेहरा धोने और बाहर समय बिताने के बाद कपड़े बदलने से एलर्जी पैदा करने वाले कणों के संपर्क में आने का जोखिम कम हो जाता है।

  • बिस्तर की चादरों को नियमित रूप से गर्म पानी से धोने और घर के अंदर की जगहों को साफ रखने से धूल के कणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने से बलगम पतला रखने में मदद मिल सकती है।
  • एलर्जिक राइनाइटिस के घरेलू इलाज में आप गर्म चीजों का सेवन कर सकते हैं जो कि इसके लक्षणों को शांत करने में मदद करते हैं।
  • नमक के पानी से गरारा करें इससे नेशल पैसेज शांत होगा।
  • बाहर से आने पर पहले कपड़े बदलें और तब बिस्तर पर जाएं इससे एलर्जी का खतरा कम होता है।
  • पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ-पैर जरूर धोएं।

निष्कर्ष:

अंत में डॉक्टर बताती हैं कि एक साफ ह्यूमिडिफायर कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है, हालांकि अत्यधिक नमी से फफूंद और धूल के कण पनप सकते हैं। घरेलू उपचार इलाज में सहायक हो सकते हैं, लेकिन जब लक्षण लगातार बने रहें या गंभीर हों तो आपको डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या नींबू एलर्जिक राइनाइटिस के लिए अच्छा है?

    NIH की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि नींब एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। नींबू में मिलने वाला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स हिस्टमाइन को शांत करने में मदद कर सकते हैं जिससे एलर्जी के लक्षणों में कमी आ सकती है।
  • एलर्जिक राइनाइटिस में क्या खाना चाहिए?

    एलर्जिक राइनाइटिस में आपको विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए जैसे संतरा, कीवी और नींबू। आप गर्म मसालों और जड़ी बूटियों का सेवन कर सकते हैं जैसे हल्दी, लौंग, काली मिर्च, अदरक और लहसुन जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ नाक बहने से रोकते हैं।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 10, 2026 16:04 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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