Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

अक्सर छींक रोक लेते हैं? जानें शरीर के लिए क्यों नुकसानदायक हो सकती है ये आदत

छींक आना एक सामान्य बात मानी जाती है लेकिन अगर आप छींक रोकते हैं, तो इससे शरीर और सेहत पर बुरा असर हो सकता है। बार-बार छींक रोकने से कान, नाक और गले पर दबाव बढ़ सकता है।

आज के समय में कई लोग दूसरों के सामने छींकने से बचने के लिए नाक और मुंह बंद करके छींक रोक लेते हैं। उस समय यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन छींक शरीर का सिर्फ एक सामान्य रिफ्लेक्स नहीं, बल्कि नाक में मौजूद धूल, एलर्जी पैदा करने वाले कण और दूसरी परेशान करने वाली चीजों को बाहर निकालने का नेचुरल तरीका है।

मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि जब छींक आती है, तो शरीर फेफड़ों से हवा को तेजी से बाहर निकालता है। इसी वजह से छींक को अचानक रोकने पर हवा और उससे बनने वाला दबाव सामान्य तरीके से बाहर नहीं निकल पाता। एक बार छींक रोक लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको कोई गंभीर नुकसान जरूर होगा। समस्या खासतौर पर तब हो सकती है जब कोई व्यक्ति नाक और मुंह दोनों बंद करके जोर लगाकर छींक रोकने की कोशिश करता है।

छींक रोकने से क्या नुकसान होता है?

डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, सामान्य छींक के दौरान हवा तेजी से नाक और मुंह से बाहर निकलती है। अगर नाक और मुंह दोनों बंद कर दिए जाएं, तो हवा के निकलने का रास्ता अचानक रुक जाता है। इससे नाक, गले, कान और आसपास के हिस्सों में दबाव बढ़ सकता है। ज्यादातर मामलों में इससे कोई गंभीर नुकसान नहीं होता, लेकिन बहुत जोर लगाकर छींक रोकने की आदत कुछ परिस्थितियों में चोट का कारण बन सकती है।

1. कानों पर दबाव

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि नाक और कान के बीच एक रास्ता होता है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब कहा जाता है। छींक को जोर से रोकने पर दबाव इस रास्ते तक पहुंच सकता है। इससे कुछ लोगों को कान में दर्द, कम सुनाई देने की समस्या या असहजता महसूस हो सकती है। यदि पहले से कान में इंफेक्शन या कोई समस्या है, तो ज्यादा सावधानी रखना जरूरी है।

साल 2016 में Computer in Biology and Medicine में प्रकाशित पेपर के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सामान्य छींक को रोकने की कोशिश करता है, तो उससे उत्पन्न होने वाला ज्यादा दबाव और हवा का वेग शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इस तरह छींक दबाने से सिर की ब्लड वैसेल्स को नुकसान पहुंच सकता है, डायाफ्राम पर बुरा असर पड़ सकता है और यहां तक कि सुनने की क्षमता (hearing) को भी नुकसान होने का खतरा रहता है।

2. छींक रोकने से नाक को नुकसान

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि बहुत जोर से छींक रोकने पर नाक के अंदर दबाव बढ़ सकता है। दुर्लभ मामलों में इससे नाक या आसपास के टिश्यू को चोट पहुंच सकती है। हालांकि, ऐसी गंभीर घटनाएं बहुत असामान्य हैं। इसलिए छींक आने पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे रोकने के गलत तरीके से बचना जरूरी है।

side effects of Holding Sneeze

छींक को रोकने का सही तरीका क्या है?

डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि अगर आप सार्वजनिक जगह पर हैं और छींक आती है, तो मुंह और नाक को टिश्यू या अपनी कोहनी के अंदरूनी हिस्से से ढककर छींकें। इससे छींक के साथ निकलने वाली बूंदों को आसपास फैलने से रोकने में मदद मिलती है। अगर टिश्यू का इस्तेमाल किया है, तो उसे तुरंत फेंकें और हाथों को अच्छी तरह साबुन से साफ करें।

बार-बार छींक आए तो क्या करें?

  • डॉ. अक्षय चुघ कहते हैं कि अगर आपको लगातार छींक आती है, तो इसके पीछे धूल, पालतू जानवरों के बाल, धुआं या किसी अन्य चीज से एलर्जी हो सकती है।
  • कुछ लोगों में मौसम बदलने पर भी छींक बढ़ जाती है।
  • बार-बार छींक के साथ नाक बहना, नाक बंद होना या आंखों में खुजली जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर छींक रोकने के बाद तेज कान में दर्द, सुनने में परेशानी, नाक से खून, सांस लेने में दिक्कत या लगातार गले में दर्द जैसी समस्या हो, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसी तरह, अगर बिना किसी खास कारण के लंबे समय तक बार-बार छींक आती रहती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।

निष्कर्ष

छींक शरीर की एक नेचुरल प्रोसेस है और इसे नाक और मुंह बंद करके जोर से रोकना सही आदत नहीं है। इससे अनावश्यक दबाव पैदा हो सकता है और कुछ मामलों में कान, नाक या गले से जुड़ी चोट हो सकती है। सार्वजनिक जगह पर छींक आए तो उसे रोकने के बजाय टिश्यू या कोहनी से मुंह-नाक ढककर सुरक्षित तरीके से छींकना बेहतर है। बार-बार छींक या असामान्य लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या छींक रोकने से सिरदर्द हो सकता है?

    कुछ लोगों को छींक रोकने या जोर लगाने के बाद सिर या चेहरे में दबाव महसूस हो सकता है लेकिन इससे सिरदर्द हो ऐसा जरूरी नहीं है।
  • क्या धूप में जाने से छींक आती है?

    कुछ लोगों को तेज रोशनी, खासकर अचानक धूप में जाने पर छींक आन की समस्या हो सकती है।
  • छींक के साथ नाक से खून आए तो क्या करें?

    एक-दो बार हल्का खून आना नाक की ड्राईनस या जलन से जुड़ा हो सकता है लेकिन बार-बार खून आए, ज्यादा ब्लीडिंग हो या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

Read Next

नहाने के बाद क्यों आने लगती है तेज नींद और थकान? डॉक्टर से जानें इसके पीछे की वजह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 10, 2026 15:59 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content