आज के समय में कई लोग दूसरों के सामने छींकने से बचने के लिए नाक और मुंह बंद करके छींक रोक लेते हैं। उस समय यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन छींक शरीर का सिर्फ एक सामान्य रिफ्लेक्स नहीं, बल्कि नाक में मौजूद धूल, एलर्जी पैदा करने वाले कण और दूसरी परेशान करने वाली चीजों को बाहर निकालने का नेचुरल तरीका है।
मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि जब छींक आती है, तो शरीर फेफड़ों से हवा को तेजी से बाहर निकालता है। इसी वजह से छींक को अचानक रोकने पर हवा और उससे बनने वाला दबाव सामान्य तरीके से बाहर नहीं निकल पाता। एक बार छींक रोक लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको कोई गंभीर नुकसान जरूर होगा। समस्या खासतौर पर तब हो सकती है जब कोई व्यक्ति नाक और मुंह दोनों बंद करके जोर लगाकर छींक रोकने की कोशिश करता है।
छींक रोकने से क्या नुकसान होता है?
डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, सामान्य छींक के दौरान हवा तेजी से नाक और मुंह से बाहर निकलती है। अगर नाक और मुंह दोनों बंद कर दिए जाएं, तो हवा के निकलने का रास्ता अचानक रुक जाता है। इससे नाक, गले, कान और आसपास के हिस्सों में दबाव बढ़ सकता है। ज्यादातर मामलों में इससे कोई गंभीर नुकसान नहीं होता, लेकिन बहुत जोर लगाकर छींक रोकने की आदत कुछ परिस्थितियों में चोट का कारण बन सकती है।
1. कानों पर दबाव
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि नाक और कान के बीच एक रास्ता होता है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब कहा जाता है। छींक को जोर से रोकने पर दबाव इस रास्ते तक पहुंच सकता है। इससे कुछ लोगों को कान में दर्द, कम सुनाई देने की समस्या या असहजता महसूस हो सकती है। यदि पहले से कान में इंफेक्शन या कोई समस्या है, तो ज्यादा सावधानी रखना जरूरी है।
साल 2016 में Computer in Biology and Medicine में प्रकाशित पेपर के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सामान्य छींक को रोकने की कोशिश करता है, तो उससे उत्पन्न होने वाला ज्यादा दबाव और हवा का वेग शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इस तरह छींक दबाने से सिर की ब्लड वैसेल्स को नुकसान पहुंच सकता है, डायाफ्राम पर बुरा असर पड़ सकता है और यहां तक कि सुनने की क्षमता (hearing) को भी नुकसान होने का खतरा रहता है।
2. छींक रोकने से नाक को नुकसान
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि बहुत जोर से छींक रोकने पर नाक के अंदर दबाव बढ़ सकता है। दुर्लभ मामलों में इससे नाक या आसपास के टिश्यू को चोट पहुंच सकती है। हालांकि, ऐसी गंभीर घटनाएं बहुत असामान्य हैं। इसलिए छींक आने पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे रोकने के गलत तरीके से बचना जरूरी है।

छींक को रोकने का सही तरीका क्या है?
डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि अगर आप सार्वजनिक जगह पर हैं और छींक आती है, तो मुंह और नाक को टिश्यू या अपनी कोहनी के अंदरूनी हिस्से से ढककर छींकें। इससे छींक के साथ निकलने वाली बूंदों को आसपास फैलने से रोकने में मदद मिलती है। अगर टिश्यू का इस्तेमाल किया है, तो उसे तुरंत फेंकें और हाथों को अच्छी तरह साबुन से साफ करें।
बार-बार छींक आए तो क्या करें?
- डॉ. अक्षय चुघ कहते हैं कि अगर आपको लगातार छींक आती है, तो इसके पीछे धूल, पालतू जानवरों के बाल, धुआं या किसी अन्य चीज से एलर्जी हो सकती है।
- कुछ लोगों में मौसम बदलने पर भी छींक बढ़ जाती है।
- बार-बार छींक के साथ नाक बहना, नाक बंद होना या आंखों में खुजली जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर छींक रोकने के बाद तेज कान में दर्द, सुनने में परेशानी, नाक से खून, सांस लेने में दिक्कत या लगातार गले में दर्द जैसी समस्या हो, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसी तरह, अगर बिना किसी खास कारण के लंबे समय तक बार-बार छींक आती रहती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
निष्कर्ष
छींक शरीर की एक नेचुरल प्रोसेस है और इसे नाक और मुंह बंद करके जोर से रोकना सही आदत नहीं है। इससे अनावश्यक दबाव पैदा हो सकता है और कुछ मामलों में कान, नाक या गले से जुड़ी चोट हो सकती है। सार्वजनिक जगह पर छींक आए तो उसे रोकने के बजाय टिश्यू या कोहनी से मुंह-नाक ढककर सुरक्षित तरीके से छींकना बेहतर है। बार-बार छींक या असामान्य लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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FAQ
क्या छींक रोकने से सिरदर्द हो सकता है?
कुछ लोगों को छींक रोकने या जोर लगाने के बाद सिर या चेहरे में दबाव महसूस हो सकता है लेकिन इससे सिरदर्द हो ऐसा जरूरी नहीं है।क्या धूप में जाने से छींक आती है?
कुछ लोगों को तेज रोशनी, खासकर अचानक धूप में जाने पर छींक आन की समस्या हो सकती है।छींक के साथ नाक से खून आए तो क्या करें?
एक-दो बार हल्का खून आना नाक की ड्राईनस या जलन से जुड़ा हो सकता है लेकिन बार-बार खून आए, ज्यादा ब्लीडिंग हो या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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Aug 10, 2026 15:59 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh