Wed Oct 7, 2026 | 06:56 PM IST

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कान के दर्द में लहसुन के तेल का प्रयोग कितना सुरक्षित है?

कई बार लोगों को कान में दर्द होने की समस्या होती है। ऐसे में क्या कान के दर्द से राहत के लिए लहसुन के तेल का इस्तेमाल करना सही है? आइए लेख में जानें -
कान के दर्द में लहसुन के तेल का प्रयोग कितना सुरक्षित है?कान के दर्द में लहसुन के तेल का प्रयोग कितना सुरक्षित है?

Does Garlic Oil Reduce Pain In Hindi: कान शरीर के लिए जरूरी अंगों में से एक हैं। इसे सुनने और समझने में मदद मिलती है, लेकिन कई बार लोगों को कान में दर्द होने की समस्या होती है। ऐसे में इससे राहत के लिए अक्सर लोग कई तरह के उपायों को अपनाते हैं। इन्हीं में से एक है लहसुन का तेल, लेकिन क्या कान के दर्द में इसका इस्तेमाल करना सही है? ऐसे में आइए सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानें कान के दर्द में लहसुन के तेल का इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है?

कान के दर्द में लहसुन के तेल का इस्तेमाल सही है? - Is It Right To Use Garlic Oil For Ear Pain?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, कान के दर्द में लहसुन के तेल का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद है। यह कान के लिए अच्छा है। डॉ. श्रेय शर्मा आगे कहते हैं कि ऊर्ध्व जत्रु गत यानी कंधों के ऊपर यानी गले से ऊपर के अंग (supra clavicle area or above the clavicle) ये सारा जो एरिया है, आयुर्वेद के अनुसार, यह कफ का स्थान है, चाहे वो सिर हो, नाक ग्रहणी इंद्रियां या जीभ, सभी जगह कफ की हैं।

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डॉ. श्रेय कहते हैं कि सिर्फ एक एक्सेप्शन है, वो श्रोत्र इंद्री (सुनने की इंद्रिया या कान) मतलब जो हमारे कान हैं वो वायु का स्थान हैं। वायु में सबसे अच्छा वात शामक तेल काम करता है और उनमें भी लहसुन वाला तेल सबसे अच्छा है। इसको श्रेष्ठ वात शामक बोला गया है। इससे कान से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलती है।

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नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, लहसुन में एलिसिन (allicin) और SAC ने कम कॉन्सेंट्रेशन (Concentration) में भी प्रभावी एंटी-माइक्रोबियल एक्टिविटीज दिखाई हैं। लहसुन के अर्क में एंटीबायोटिक के गुण होते हैं, जो कान के इंफेक्शन से राहत देने में सहायक है।

कान के दर्द के लिए कैसे करें तेल का इस्तेमाल? - How To Use Oil For Ear Pain?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि कान के दर्द के लिए लहसुन का तेल, वो भी सरसों के तेल में आप लहसुन डालकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसको नियमित रूप से रूटीन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ओवरऑल कान के लिए अच्छा है। ध्यान रहे, इसका अधिक इस्तेमाल करने से बचें।

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सावधानियां

डॉ. श्रेय बताते हैं कि कान को पानी से नुकसान होता है। ऐसे में कान का पानी से बचाव करने के लिए नहाते समय कान में रुई लगाकर नहाना चाहिए। ऐसा करने से कानों को खराब होने से बचाने, बहरेपन के खतरे को कम करने और मैल बनने की समस्या भी कम होती है। ध्यान रहे, इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें और इसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

कान के दर्द की समस्या से राहत के लिए लहसुन के तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। ऐसे में सरसों के तेल में लहसुन को डालकर इसका इस्तेमाल करने से कान के दर्द को कम करने और कान के इंफेक्शन से बचाव करने में मदद मिलती है, लेकिन ध्यान रहे, इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में डॉक्टर की सलाह के साथ करें। इससे कोई भी तरह की परेशानी होने पर इस तेल का इस्तेमाल करने से बचें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • भीतरी कान में संक्रमण के क्या लक्षण हैं?

    कान के अंदर के हिस्से में इंफेक्शन होने पर लोगों को कान में तेज दर्द होने, सुनने में परेशानी होने, भारीपन होने, चक्कर आने, भारीपन होने, खुजली होने, कान में घंटी बजने और कान में दर्द होने की समस्या हो सकती है। 
  • कान में दर्द होने पर कौन सा तेल डालना चाहिए?

    कान के दर्द से राहत के लिए जैतून के तेल, नारियल तेल और सरसों के तेल को गर्म करके इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे, इनका इस्तेमाल करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • कान में बहुत ज्यादा दर्द हो तो क्या करना चाहिए?

    कान में बहुत अधिक दर्द होने पर हल्की राहत के लिए ठंडी या गर्म सिकाई की जा सकती हैं। इसके अलावा, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और डॉक्टर की सलाह के साथ दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी किया जा सकता है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 22, 2025 12:49 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Dec 22, 2025 12:49 IST

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