कान में कभी-कभार हल्की खुजली होना बहुत ही आम बात है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है या लगातार बनी रहती है तो इसके पीछे कुछ गंभीर कारण हो सकते हैं। कान के अंदर की स्किन बहुत नाजुक होती है और इसमें मौजूद नेचुरल ऑयल और इयरवैक्स इसे सूखने और बाहरी इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। जब इस प्राकृतिक संतुलन में बदलाव आता है तो कान में खुजली हो सकती है। आइए इस लेख में Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से विस्तार में जानते हैं कि कान में खुजली होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
कान में बार-बार खुजली होने के कारण
Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, कान में खुजली कई अलग-अलग कारणों से हो सकती है। हर व्यक्ति में इसका कारण अलग हो सकता है, जिनमें से कुछ कारण ये हैं-
1. कान के अंदर ड्राइनेस
कान की स्किन का अंदर से बहुत ज्यादा सूखा होने के कारण खुजली की समस्या हो सकती है। कान के अंदर की स्किन में प्राकृतिक नमी और तेल की कमी होने पर सूखापन और खुजली महसूस हो सकती है।
2. एलर्जी
धूल, परागकण, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स या किसी अन्य एलर्जिक चीज के संपर्क में आने के कारण कान के आस-पास या अंदर की तरफ बार-बार खुजली हो सकती है।
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3. एक्जिमा
एक्जिमा के कारण भी कान के अंदर की स्किन सूखी, लाल और खुजलीदार हो सकती है। यह समस्या कान की स्किन को भी प्रभावित कर सकती है।
4. डर्मेटाइटिस
किसी प्रोडक्ट या पदार्थ से स्किन में इरिटेशन होने पर डर्मेटाइटिस (स्किन से जुड़ी डिजीज) की समस्या हो सकती है, जिससे खुजली की परेशानी बढ़ सकती है।
5. फंगल इंफेक्शन
कान में फंगल इंफेक्शन होने पर भी बार-बार और बहुत ज्यादा खुजली जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल
ईयरफोन या इयरप्लग का लंबे समय तक इस्तेमाल कुछ लोगों में कान से जुड़ी समस्या को बढ़ा सकता है, जिससे कान के अंदरूनी स्किन में इरिटेशन और खुजली हो सकती है।

क्या कहती है स्टडी?
साल 2026 में Clinics in Dermatology में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार, "क्रोनिक ईयर प्रुरिटस यानी कान में खुजली जो 6 हफ्ते से ज्यादा रहती है, यह कई समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिससे आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ काफी खराब हो सकती है। यह सोरायसिस, सेबोरिक डर्मेटाइटिस, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, एटोपिक डर्मेटाइटिस, और ल्यूपस एरिथेमेटोसस जैसी प्राइमरी डर्मेटोलॉजिक कंडीशन के साथ-साथ स्केबीज और पेडीकुलोसिस कैपिटिस जैसे इन्फेक्शन से भी हो सकता है।"
इस स्टडी में आगे बताया गया है, "ओटोमाइकोसिस, क्रोनिक ओटिटिस एक्सटर्ना, और टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट डिसऑर्डर भी क्रोनिक ईयर प्रुरिटस का कारण बन सकते हैं। सिस्टमिक बीमारियां, जैसे डायबिटीज, हेमेटोलॉजिक मैलिग्नेंसी, या क्रोनिक लिवर और किडनी डिसऑर्डर, कानों में जनरलाइज्ड कान में खुजली के रूप में दिख सकती है।"
कॉटन बड से भी बन सकता है कान में खुजली का कारण
Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि कान को बार-बार कॉटन बड या किसी दूसरी चीज से साफ करने की आदत भी कान में खुजली की समस्या को बढ़ा सकती है। कान के अंदर की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है। कॉटन बड को कान के अंदर डालने से स्किन पर छोटे-छोटे घाव हो सकते हैं और खुजली बढ़ सकती है।
कान को बहुत ज्यादा कॉटन बड से साफ करने से प्राकृतिक ईयरवैक्स कम हो सकता है। ईयरवैक्स सिर्फ कान की गंदगी नहीं है, बल्कि यह कान की स्किन को सूखने से बचाने और बाहरी इंफेक्शन से सुरक्षा देने में मदद करता है। इसलिए, सिर्फ खुजली महसूस होने पर बार-बार कान के अंदर सफाई करना सही तरीका नहीं है।
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कान में ज्यादा ईयरवैक्स भी खुजली का हो सकता है कारण
Dr. Rajesh Bhardwaj के मुताबिक, कई बार कान में जमा हुआ ज्यादा वैक्स भी खुजली या कान बंद होने जैसा महसूस करा सकता है। कुछ लोगों को इसके कारण कान में भारीपन या सुनाई कम देना जैसी परेशानी भी महसूस हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार खुजली होने पर कान के अंदर से वैक्स निकालना जरूरी है। कान में मौजूद नॉर्मल मात्रा में ईयरवैक्स शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा का हिस्सा होता है।
अगर कानों में ईयरवैक्स ज्यादा जमा होने लगे और कान बंद महसूस हो रहा हो तो खुद से कान में किसी चीज को डालकर साफ करने से बचना चाहिए और डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए।
कान में खुजली से राहत के लिए क्या करें?
Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, कान में खुजली से राहत पाने के लिए सबसे जरूरी बात है कि कान के अंदर कॉटन बड, पिन, हेयरपिन या कोई दूसरी चीज न डालें। इससे कान की स्किन को नुकसान पहुंच सकता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, आप इन बातों का ध्यान रखें-
- कान के अंदर किसी भी चीज से खुजली न करें
- बिना डॉक्टर की सलाह के तेल या ईयरड्रॉप्स का उपयोग न करें
- कान में कोई घरेलू नुस्खा डालने से बचें
- कॉटन बड का इस्तेमाल कान की अंदरूनी सफाई के लिए न करें
- ईयरफोन, इयरप्लग या हियरिंग एड्स का इस्तेमाल करते समय हाइजीन का ध्यान रखें
- कान का बिना कारण बार-बार साफ न करें
- खुजली लगातार बनी रहने पर ENT स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि अगर कान में खुजली के साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में ENT स्पेशलिस्ट से जांच करवाना जरूरी हो सकता है। खासकर इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है-
- कान में दर्द होना
- कान से पानी या पस आना
- कान से बदबू आना
- सुनाई कम देना
- कान में भारीपन महसूस होना
- कान में सूजन
- खुजली का लगातार बने रहना
- खुजली का बार-बार होना
निष्कर्ष
कान में बार-बार खुजली होना हमेशा गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता है, लेकिन लगातार या बार-बार होने वाली खुजली को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कान में बहुत ज्यादा खुजली होना ड्राइनेस, एलर्जी, एक्जिमा, डर्मेटाइटिस, फंगल इंफेक्शन, ज्यादा इयरवैक्स या कान की स्किन में इरिटेशन के कारण हो सकता है। इसलिए, अगर कान में खुजली लगातार बनी हुई है तो खुद से कोई इलाज करने के बजाय ENT स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं।
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FAQ
अगर कान में इंफेक्शन हो जाए तो क्या करें?
कान में इंफेक्शन होने पर खुद से उसका इलाज करने से बचना चाहिए। इसके स्थान पर आपको डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक या एंटीफंगल और दर्द की दवाइयां लेनी चाहिए।कान में संक्रमण के लक्षण क्या हैं?
कान में इंफेक्शन होने पर बहुत ज्यादा दर्द, सुनने में कमी, कान में भारीपन, कान से पस बहना और शरीर का तापमान बढ़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
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Sep 16, 2026 09:29 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj