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कान के मैल को कॉटन बड्स से साफ करना सुरक्षित है या नहीं? डॉक्टर से जानें

कान साफ करने के लिए लोग अक्सर कॉटन बड्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इससे कान के पर्दे और ईयर कैनाल को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

कान का मैल साफ करने के लिए कई लोग अक्सर कॉटन बड्स का इस्तेमाल करते हैं। कान साफ करने के लिए कॉटन बड्स का उपयोग करना नुकसानदायक माना जाता है। भले ही आपको लगता हो कि कान के अंदर कॉटन बड्स डालने से आपका कान साफ हो जाएगा, लेकिन यह आपके कान को डैमेज कर सकता है। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से जानते हैं कि कान के मैल को कॉटन बड्स से साफ करना कितना सही है?

कान के मैल को कॉटन बड्स से साफ करना कितना सुरक्षित है?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि कॉटन बड्स का इस्तेमाल करके कान के अंदर सफाई करना सुरक्षित नहीं माना जाता है, खासकर जब इसे कान की नली में अंदर तक डाला जाए। कान के अंदर कॉटन बड्स डालने से इयर वैक्स बाहर निकलने के बजाय और अंदर की ओर जा सकता है। इससे कान में ब्लॉकेज की समस्या हो सकती है और सुनाई देने या कान बंद लगने जैसी समस्या हो सकती है।

इसके अलावा, कान की नली की नाजुक स्किन पर चोट लग सकती है और बहुत गहराई तक कॉटन बड डालने पर ईयरड्रम को भी नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है।

Journal of the Royal Society of Medicine के अनुसार, कॉटन बड्स से कान की नली को साफ करना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि इसेक कारण होने वाली कान की चोटें ईएनटी क्लिनिकों में आमतौर पर देखी जाती है। बड्स के इस्तेमाल से कान का मैल और अंदर जा सकता है, कान के पर्दे में छेद, कान का इंफेक्शन, नली में चोट, बहरापन और चक्कर आने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

क्या कान का मैल साफ करना जरूरी है?

Dr. Rajesh Bhardwaj के मुताबिक, कान का मैल यानी इयर वैक्स गंदगी नहीं होती है, बल्कि शरीर की एक नेचुरल सुरक्षा तंत्र का हिस्सा होता है। यह कान की नली की स्किन की नमी को बनाए रखने में मदद करता है और धूल, गंदगी के साथ बाहरी कणों को कान के अंदर तक पहुंचने से रोकने में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर कान खुद ही धीरे-धीरे एक्स्ट्रा वैक्स को बाहर की ओर ले आता है। इसलिए हर व्यक्ति को कान के अंदर से मैल निकालने की जरूरत नहीं होती है।

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कान में कॉटन बड्स डालने से क्या होता है?

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि कई लोगों को कॉटन बड से कान साफ करने के बाद ज्यादा साफ महसूस होता है, लेकिन बार-बार इससे कान साफ करने से कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:

  • कान की अंदरूनी स्किन में इरिटेशन
  • कान का अंदर से ड्राई होना
  • कान में बार-बार खुजली
  • कान के अंदर इंफेक्शन

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि अगर कान में वैक्स इतना जमा हो गया है कि सुनाई कम दे रहा है, कान बंद लग रहा है, कानों में दर्द या असुविधा हो रही है तो डॉक्टर या ENT एक्सपर्ट से जांच करवानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कान के अंदर के वैक्स को सुरक्षित तरीके से निकाल सकते हैं और यह भी देख सकते हैं कि समस्या सिर्फ वैक्स के कारण है या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी हो सकता है।

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कान कैसे साफ करना चाहिए?

Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, कान की सफाई का सबसे आसान नियम है कि आप कान के बाहरी हिस्से को साफ रखें, लेकिन कान के अंदर कॉटन बड या कोई नुकीली चीज न डालें। कान में कुछ डालकर खुद से वैक्स निकालने की कोशिश करने के बजाय जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट या डॉक्टर की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित होता है।

निष्कर्ष
कॉटन बड्स से कान के अंदर का मैल साफ करना सुरक्षित नहीं माना जाता है। इससे मैल अंदर धकेलने और कान को चोट पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। कान को खुद से साफ होने देना बेहतर होता है। अगर मैल ज्यादा जमा हो या सुनने में परेशानी हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर विकल्प है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • कान में मैल जमने के क्या लक्षण हैं?

    कान में मैल जमने पर कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे- कान में भारीपन, कम सुनाई देना, कान में दर्द और खुजली महसूस होना।
  • क्या कान का मैल निकालना चाहिए?

    कान का मैल निकालना आमतौर पर जरूरी नहीं होता है, क्योंकि कान खुद को नेचुरल तरीका से साफ करते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 13, 2026 15:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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