Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

शरीर में अचानक बिजली के झटके जैसा एहसास क्यों होता है? न्यूरोलॉजिस्ट से जानिए, कब है चिंता की बात

शरीर में अचानक बिजली या करंट जैसा झटका नसों पर दबाव, नर्व इरिटेशन या कुछ अन्य कारणों से महसूस हो सकता है। बार-बार ऐसा होने पर इसके कारण की जांच जरूरी है।

क्या कभी अचानक शरीर में ऐसा महसूस हुआ है जैसे करंट दौड़ गया हो या बिजली का हल्का झटका लगा हो? यह एहसास कुछ सेकंड के लिए हाथ, पैर, उंगलियों, पीठ या शरीर के किसी दूसरे हिस्से में हो सकता है और फिर अपने आप गायब हो जाता है। कई बार यह अनुभव इतना अचानक होता है कि व्यक्ति घबरा जाता है और सोचने लगता है कि आखिर शरीर में ऐसा क्यों हुआ? यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि शरीर में बिजली के झटके जैसा एहसास हर बार किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता।

दरअसल, हमारे शरीर की नसें दिमाग और शरीर के बीच संदेश पहुंचाने का काम करती हैं। जब किसी नस पर दबाव पड़ता है या उसके काम करने में परेशानी होती है, तो सामान्य सेंसेशन की जगह झनझनाहट, चुभन या बिजली के झटके जैसा एहसास हो सकता है।

शरीर में करंट जैसा महसूस होने का क्या कारण है?

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर में होने वाले किसी बदलाव का लक्षण हो सकता है। नसें शरीर के अलग-अलग हिस्सों से दिमाग तक संदेश पहुंचाती हैं। जब किसी नस पर दबाव पड़ता है, उसमें जलन होती है या उसके काम करने में किसी तरह की समस्या आती है, तो असामान्य सेंसेशन महसूस हो सकता है।

  • अगर लंबे समय तक पैर मोड़कर बैठें या हाथ के ऊपर वजन डालकर रहें, तो किसी नस पर अस्थायी दबाव पड़ सकता है। इससे हाथ या पैर में झुनझुनी, सुन्नपन या बिजली जैसा झटका महसूस हो सकता है।
  • आमतौर पर स्थिति बदलने या कुछ देर चलने-फिरने के बाद यह सेंसेशन कम हो जाती है।
  • अगर ऐसा कभी-कभार ही हो और जल्दी ठीक हो जाए, तो अक्सर गंभीर कारण नहीं होता।

1. नसों पर दबाव

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि कभी-कभी गर्दन या रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसों पर दबाव पड़ने से भी शरीर के किसी हिस्से में बिजली जैसा दर्द या झटका महसूस हो सकता है। उदाहरण के लिए गर्दन की नस प्रभावित होने पर हाथ या उंगलियों तक अजीब सेंसेशन पहुंच सकती है। अगर इसके साथ लगातार दर्द, हाथों में सुन्नपन या कमजोरी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: Brain Fog हर बार Stress नहीं, Vitamin B12 की कमी भी नसों को पहुंचा सकती है नुकसान

2. विटामिन B12 की कमी

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि विटामिन B12 शरीर में नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या चुभन जैसी समस्या हो सकती है। हालांकि, शरीर में बिजली जैसा एहसास होने का मतलब सीधे तौर पर विटामिन B12 की कमी होना नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर लक्षणों और अन्य कारणों को देखते हुए जांच की सलाह दे सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: क्या सच में दही से गुंथे आटे की रोटी खाने से विटामिन B12 मिलता है? डॉक्टर से जानें वायरल दावे की सच्चाई

3. डायबिटीज और नर्व से जुड़ी समस्या

लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल न रहने पर कुछ लोगों की नसें प्रभावित हो सकती हैं। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसमें पैरों या हाथों में जलन, झनझनाहट, सुन्नपन या चुभने जैसा एहसास हो सकता है। अगर व्यक्ति को डायबिटीज है और इस तरह के लक्षण बार-बार हो रहे हैं, तो डॉक्टर से इसकी जानकारी शेयर करना जरूरी है।

sudden electric shock feeling Causes

National Institute of Neurological Disorders and Stroke में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ट्रेमर यानी कंपन किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह मुख्य रूप से मीडियम उम्र और बुजुर्गों में सबसे आम है। महिला और पुरुष दोनों को यह समान रूप से प्रभावित करता है।

  • यह समस्या आमतौर पर दिमाग के उन हिस्सों में गड़बड़ी के कारण होती है जो मूवमेंट को कंट्रोल करते हैं।
  • हालांकि, कई मामलों में इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता, लेकिन यह कुछ परिवारों में आनुवंशिक रूप से भी चल सकता है।
  • इसके अलावा, पार्किंसंस डिजीज जैसी अन्य तंत्रिका संबंधी बीमारियां, कुछ दवाएं, कैफीन का ज्यादा सेवन, तनाव और थायराइड या डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी ट्रेमर का कारण बन सकती हैं।

सावधानियां

  • लंबे समय तक एक ही पॉश्चर में बैठने से बचें
  • बीच-बीच में शरीर को हिलाते-डुलाते रहें।
  • बैलेंस डाइट लें और बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन या सप्लीमेंट शुरू न करें।

अगर कोई खास एक्टिविटी या स्थिति बार-बार इस सेंसेशन को ट्रिगर करती है, तो उसे नोट करना डॉक्टर को कारण समझने में मदद कर सकता है।

कब इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी सलाह देते हैं कि-

  • अगर बिजली जैसा एहसास बार-बार हो रहा है, लगातार बना रहता है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
  • खासकर अगर इसके साथ हाथ-पैर में कमजोरी, लगातार सुन्नपन, चलने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में संवेदना कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें।
  • अचानक शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी या चक्कर जैसे लक्षण हों, तो यह आपात स्थिति का संकेत हो सकता है और तुरंत डॉक्टर की मदद की जरूरत होती है।

निष्कर्ष

शरीर में कभी-कभार बिजली के झटके जैसा एहसास होना नस पर अस्थायी दबाव जैसी सामान्य वजह से हो सकता है, लेकिन बार-बार होने वाली झनझनाहट या इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नसों पर दबाव, विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज से जुड़ी नर्व समस्या और अन्य कारण इसके पीछे हो सकते हैं। अगर यह समस्या लगातार हो रही है या कमजोरी और सुन्नपन जैसे लक्षणों के साथ है, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • शरीर में झनझनाहट हो तो क्या खाना चाहिए?

    शरीर में झनझनाहट होती है तो आप विटामिन B12 से भरपूर चीजों का सेवन करें, ऐसी बैलेंस डाइट का सेवन करें जिनसे शरीर को मैग्नीशियम, आयरन के साथ सभी तरह के विटामिन्स मिल सकें।
  • नसों की ताकत के लिए क्या खाना चाहिए?

    नसों की ताकत के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए।

Read Next

सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द क्यों होता है? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानिए, क्या यह सामान्य है?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 13, 2026 13:54 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content