Sun Sep 13, 2026 | 01:02 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

बार-बार गले में खराश होने के पीछे हो सकते हैं ये 6 कारण, न करें नजरअंदाज

बार-बार गले में खराश होना सिर्फ मौसम का असर नहीं होता, इसके पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं। डॉ. राजेश भारद्वाज के अनुसार, वायरल इंफेक्शन, एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स, प्रदूषण, स्मोकिंग और आवाज पर दबाव इसके कारण हैं।

बार-बार गले में खराश होना एक आम समस्या है। मौसम बदलने, सर्दी-जुकाम या वायरल इंफेक्शन के कारण कभी-कभी गले में दर्द और जलन हो सकती है. हालांकि अगर गले में खराश बार-बार होती है या ठीक होने के बाद दोबारा हो जाती है, तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi के अनुसार, बार-बार होने वाली गले की खराश एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स, धूल-प्रदूषण, स्मोकिंग और गले पर लगातार पड़ने वाले दबाव जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए, सिर्फ लक्षणों को दबाने के बजाय उसके सही कारणों को समझना जरूरी है।

गले में बार-बार खराश क्यों होती है?

Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, गले में बार-बार खराश होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। 2017 में Indian Journal of Otolaryngology and Head & Neck Surgery में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली गले की खराश टॉन्सिल और गले का पुराना इंफेक्शन, पेट का एसिड ऊपर गले में आना, लार ग्रंथि में सूजन और एलर्जी के कारण होती है।

1. वायरल इंफेक्शन

गले में खराश का सबसे आम कारण वायरल इंफेक्शन है। सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य वायरल इंफेक्शन में गले में दर्द, खराश, खांसी, नाक बहना या बुखार जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। ज्यादा वायरल इंफेक्शन कुछ दिनों में अपना आप ठीक हो जाती है। अगर कुछ समय बाद गले में इंफेक्शन जैसा महसूस हो रहा है तो बार-बार होने वाले इंफेक्शन के पीछे के अन्य कारणों को जानना जरूरी है।

2. एलर्जी और पोस्ट-नेजल ड्रिप

धूल-मिट्टी, पालतू जानवरों के बाल या रूसी और अन्य एलर्जेंस के कारण होने वाली एलर्जी भी गले में लगातार खराश को बढ़ा सकती है। एलर्जी के दौरान नाक में बनने वाला म्यूकस पीछे की ओर गले में जाने लगे तो इसे पोस्ट-नेजल ड्रिप कहा जाता है। इस समस्या के कारण गले में इरिटेशन, बार-बार गला साफ करने की इच्छा, खांसी और खराश हो सकती है। ऐसे मामलों में सिर्फ गले का इलाज करने के बजाय एलर्जी के कारण का पता लगाना जरूरी होता है।

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3. एसिड रिफ्लक्स

कई लोगों को बार-बार गले में खराश होने का कारण एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। जब पेट का एसिड ऊपर की ओर आकर गले तक पहुंचता है तो यह गले की सेंसिटिव परत को इरिटेट कर सकता है। ध्यान रहे हर व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स होने के साथ सीने में जलन हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में सुबह उठने पर गले में खराश, बार-बार खांसी, गला साफ करने की जरूरत या आवाज में भारीपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

4. धूल और प्रदूषण

वायु प्रदूषण, धूल और धुएं के लगातार संपर्क में रहने से गले में इरिटेशन हो सकती है। प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरत के अनुसार, मास्क का इस्तेमाल करना, धुएं वाले वातावरण से दूरी बनाए रखना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना मददगार हो सकता है।

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5. स्मोकिंग और पैसिव स्मोकिंग

सिगरेट या अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स का धुआं गले की परत को नुकसान पहुंचा सकता है। सिर्फ स्मोकिंग करने वाले ही नहीं, बल्कि लगातार धुएं के संपर्क में रहने वाले लोगों यानी पैसिव स्मोकिंग करने वालों में भी गले में खराश और खांसी की समस्या हो सकती है। अगर गले में बार-बार खराश होती है तो स्मोकिंग छोड़ना और स्मोकिंग वाले वातावरण से दूरी बनाना जरूरी है।

6. ज्यादा बोलना

लगातार तेज आवाज में बोलना, लंबे समय तक बोलना, चिल्लाना या गाने के दौरान आवाज पर ज्यादा प्रेशर डालना गले और वोकल कॉर्ड पर प्रेशर डाल सकता है। इससे गले में दर्द, खराश या आवाज बैठने जैसी परेशानी हो सकती है।

हर बार एंटीबायोटिक लेना कितना सही?

Dr. Rajesh के अनुसार, गले में खराश होने पर खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं होता है, क्योंकि कई मामलों में इसका कारण वायरल इंफेक्शन, एलर्जी, रिफ्लक्स या इरिटेशन हो सकता है। इन स्थितियों में एंटीबायोटिक फायदा नहीं करता है। आपको एंटीबायोटिक की जरूरत है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर जांच और आपके शरीर में नजर आने वाले लक्षणों के आधार पर कर सकते हैं।

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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर गले की खराश कुछ दिनों में ठीक नहीं होती है, बार-बार होने लगती है या इसके साथ तेज बुखार, खाना और पानी निगलने में बहुत ज्यादा दिक्कत, गले या गर्दन में सूजन, लगातार आवाज बैठना या तेज दर्द जैसे लक्षण हैं तो डॉक्टर से मिलना और समस्या के पीछे के सही कारणों के बारे में जानना जरूरी है।

निष्कर्ष
Dr. Rajesh का कहना है कि बार-बार गले में खराश को सिर्फ मौसम बदलने की समस्या मानना सही नहीं होता है। वायरल इंफेक्शन के अलावा एलर्जी, पोस्ट-नेजल ड्रिप, एसिड रिफ्लक्स, प्रदूषण, स्मोकिंग और आवाज पर ज्यादा दबाव के कारण गले में खराश की समस्या बार-बार हो सकती है। इसलिए, अगर समस्या बार-बार हो रही है तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके सही कारणों की पहचान करने की कोशिश करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • गले में खराश हो तो क्या करें?

    गले की खराश से तुरंत राहत पाने के लिए गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करना, हर्बल चाय पीना और भाप लेना असरदार हो सकता है।
  • क्या गर्म पानी पीने से गले की खराश दूर होती है?

    हां, गुनगुना पानी पीने से गले की खराश और दर्द में काफी आराम मिलता है, लेकिन ये बीमारी को पूरी तरह जड़ से खत्म नहीं करता है, बल्कि लक्षणों से राहत दिलाता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 13, 2026 11:05 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj

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