Mon Oct 12, 2026 | 09:08 AM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

क्या आपको भी मानसून में बार-बार हो जाता है बुखार? फिजीशियन से जानें इसके 3 बड़े कारण

मानसून में बार-बार बुखार आना कमजोर इम्यूनिटी, वायरल इंफेक्शन, डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। यहां जानिए, इसके कारण और बचाव के तरीके क्या हैं?
क्या आपको भी मानसून में बार-बार हो जाता है बुखार? फिजीशियन से जानें इसके 3 बड़े कारण
क्या आपको भी मानसून में बार-बार हो जाता है बुखार? फिजीशियन से जानें इसके 3 बड़े कारण

मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत तो दिलाता है लेकिन यही मौसम कई संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने का कारण भी बनता है। इस दौरान यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को हर कुछ हफ्तों में बार-बार बुखार आ रहा है, तो इसे सिर्फ मौसम बदलने का असर समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। 

कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि बार-बार होने वाला बुखार कई बार वायरल इंफेक्शन, मच्छरों से होने वाली बीमारियों, बैक्टीरियल इंफेक्शन या कमजोर इम्यूनिटी का संकेत हो सकता है। यही कारण है कि मानसून में स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

बरसात के मौसम में बार-बार बुखार क्यों आता है?

डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है, ''बार-बार होने वाला बुखार शरीर का संकेत हो सकता है कि कहीं कोई इंफेक्शन पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है या रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है।''

  1. डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, मानसून में वायरल फीवर सबसे आम कारणों में से एक है।
  2. इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां भी बार-बार बुखार का कारण बन सकती हैं।
  3. कई बार इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाता, जिससे कुछ दिनों बाद दोबारा बुखार महसूस हो सकता है।

कमजोर इम्यूनिटी, पर्याप्त नींद की कमी, पौष्टिक डाइट की कमी और लगातार भीगने या गंदे पानी के संपर्क में रहने से इंफेक्शन का खतरा और बढ़ जाता है। यदि बुखार के साथ ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, पेट दर्द की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

साल 2026 में Journal of Family Medicine and Primary Care में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारत में मानसून के मौसम में 'अचानक होने वाले तेज बुखार' (Acute Febrile Illness) का सबसे बड़ा कारण डेंगू ही है। डेंगू के बाद सांस और पेट से जुड़े इंफेक्शन सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं। इस स्टडी से पता चलता है कि ज्यादातर मरीज सही समय पर इलाज और देखभाल मिलने से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। हालांकि, एक बड़ी चिंता यह है कि कई मामलों में बीमारी की सही और सटीक वजह का तुरंत पता नहीं चल पाता।

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किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटीज, किडनी या हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। इन लोगों के शरीर की इम्यूनिटी सामान्य लोगों की तुलना में कम हो सकती है, इसलिए उन्हें मानसून में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को तीन से चार सप्ताह के भीतर दो या ज्यादा बार तेज बुखार हो, तो केवल दवा लेकर आराम करने के बजाय उसकी पूरी जांच करानी चाहिए। कई बार बार-बार बुखार आने के पीछे यूरिन इंफेक्शन, फेफड़ों का इंफेक्शन, टीबी या अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं। समय पर जांच से बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।

बार-बार बुखार से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि मानसून में इंफेक्शन से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।

  • हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं और बाहर का खुला या बासी भोजन खाने से बचें।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का विकास न हो सके।
  • नियमित रूप से हाथ धोना, पर्याप्त नींद लेना और विटामिन, प्रोटीन व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बैलेंस डाइट लेना भी इम्यूनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है।
  • यदि बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे या बार-बार लौटकर आए, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार एंटीबायोटिक या पेन किलर दवाएं लेने से बचें।

निष्कर्ष

मानसून में हर कुछ हफ्तों में बुखार आना नॉर्मल नहीं माना जाना चाहिए। यह वायरल इंफेक्शन, मच्छर से होने वाली बीमारियों, कमजोर इम्यूनिटी या किसी अन्य छिपे हुए इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार यदि बुखार बार-बार लौटकर आए, लंबे समय तक बना रहे या उसके साथ अन्य गंभीर लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर सही कारण की पहचान, बैलेंस डाइट, साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और डॉक्टर की सलाह का पालन करके मानसून में होने वाले बार-बार बुखार के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या हर बार बुखार आने पर ब्लड टेस्ट कराना जरूरी होता है?

    जरूरी नहीं, लेकिन यदि बुखार बार-बार लौट रहा हो, तीन दिन से ज्यादा रहे या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है।
  • क्या घरेलू नुस्खों से बुखार ठीक किया जा सकता है?

    घरेलू उपाय केवल हल्की राहत दे सकते हैं, लेकिन बार-बार आने वाले बुखार के सही इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
  • बार-बार बुखार आने पर कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?

    बार-बार बुखार आने पर डॉक्टर से सलाह लें और उनके अनुसार टेस्ट करवाएं। सामान्यतौर पर आप CBC टेस्ट करवा सकते हैं और डॉक्टर की सलाह से मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड आदि टेस्ट करवाएं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 29, 2026 21:57 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 29, 2026 21:57 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma