मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत तो दिलाता है लेकिन यही मौसम कई संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने का कारण भी बनता है। इस दौरान यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को हर कुछ हफ्तों में बार-बार बुखार आ रहा है, तो इसे सिर्फ मौसम बदलने का असर समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि बार-बार होने वाला बुखार कई बार वायरल इंफेक्शन, मच्छरों से होने वाली बीमारियों, बैक्टीरियल इंफेक्शन या कमजोर इम्यूनिटी का संकेत हो सकता है। यही कारण है कि मानसून में स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
बरसात के मौसम में बार-बार बुखार क्यों आता है?
डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है, ''बार-बार होने वाला बुखार शरीर का संकेत हो सकता है कि कहीं कोई इंफेक्शन पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है या रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है।''
- डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, मानसून में वायरल फीवर सबसे आम कारणों में से एक है।
- इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां भी बार-बार बुखार का कारण बन सकती हैं।
- कई बार इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाता, जिससे कुछ दिनों बाद दोबारा बुखार महसूस हो सकता है।
कमजोर इम्यूनिटी, पर्याप्त नींद की कमी, पौष्टिक डाइट की कमी और लगातार भीगने या गंदे पानी के संपर्क में रहने से इंफेक्शन का खतरा और बढ़ जाता है। यदि बुखार के साथ ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, पेट दर्द की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
साल 2026 में Journal of Family Medicine and Primary Care में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारत में मानसून के मौसम में 'अचानक होने वाले तेज बुखार' (Acute Febrile Illness) का सबसे बड़ा कारण डेंगू ही है। डेंगू के बाद सांस और पेट से जुड़े इंफेक्शन सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं। इस स्टडी से पता चलता है कि ज्यादातर मरीज सही समय पर इलाज और देखभाल मिलने से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। हालांकि, एक बड़ी चिंता यह है कि कई मामलों में बीमारी की सही और सटीक वजह का तुरंत पता नहीं चल पाता।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटीज, किडनी या हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। इन लोगों के शरीर की इम्यूनिटी सामान्य लोगों की तुलना में कम हो सकती है, इसलिए उन्हें मानसून में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को तीन से चार सप्ताह के भीतर दो या ज्यादा बार तेज बुखार हो, तो केवल दवा लेकर आराम करने के बजाय उसकी पूरी जांच करानी चाहिए। कई बार बार-बार बुखार आने के पीछे यूरिन इंफेक्शन, फेफड़ों का इंफेक्शन, टीबी या अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं। समय पर जांच से बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।
बार-बार बुखार से बचने के लिए क्या करें?
डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि मानसून में इंफेक्शन से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।
- हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं और बाहर का खुला या बासी भोजन खाने से बचें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का विकास न हो सके।
- नियमित रूप से हाथ धोना, पर्याप्त नींद लेना और विटामिन, प्रोटीन व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बैलेंस डाइट लेना भी इम्यूनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है।
- यदि बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे या बार-बार लौटकर आए, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार एंटीबायोटिक या पेन किलर दवाएं लेने से बचें।
निष्कर्ष
मानसून में हर कुछ हफ्तों में बुखार आना नॉर्मल नहीं माना जाना चाहिए। यह वायरल इंफेक्शन, मच्छर से होने वाली बीमारियों, कमजोर इम्यूनिटी या किसी अन्य छिपे हुए इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार यदि बुखार बार-बार लौटकर आए, लंबे समय तक बना रहे या उसके साथ अन्य गंभीर लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर सही कारण की पहचान, बैलेंस डाइट, साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और डॉक्टर की सलाह का पालन करके मानसून में होने वाले बार-बार बुखार के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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FAQ
क्या हर बार बुखार आने पर ब्लड टेस्ट कराना जरूरी होता है?
जरूरी नहीं, लेकिन यदि बुखार बार-बार लौट रहा हो, तीन दिन से ज्यादा रहे या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है।क्या घरेलू नुस्खों से बुखार ठीक किया जा सकता है?
घरेलू उपाय केवल हल्की राहत दे सकते हैं, लेकिन बार-बार आने वाले बुखार के सही इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।बार-बार बुखार आने पर कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?
बार-बार बुखार आने पर डॉक्टर से सलाह लें और उनके अनुसार टेस्ट करवाएं। सामान्यतौर पर आप CBC टेस्ट करवा सकते हैं और डॉक्टर की सलाह से मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड आदि टेस्ट करवाएं।
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Current Version
Jul 29, 2026 21:57 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jul 29, 2026 21:57 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma