Fri Sep 11, 2026 | 09:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Joshi , Ayurveda Expert

अदरक-मुलेठी का काढ़ा: इस काढ़े को पीकर ठीक हो सकता है गले का इंफेक्शन, खुद एक्सपर्ट ने बताया

गले में इंफेक्शन से अक्सर लोग परेशान रहते हैं और सर्दियों में ये दिक्कत कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। ऐसे में अदरक और मुलेठी का काढ़ा पीना कितना कारगर हो सकता है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

सर्दियां अपने साथ सेहत से जुड़ी कई सारी समस्याएं लाती हैं। ज्यादातर लोग स्किन की समस्याओं से परेशान रहते हैं तो कुछ लोगों को हर कुछ दिनों पर सर्दी-जुकाम की दिक्कत बनी रहती है। इसी तरह कुछ लोगों को इस मौसम में गले में इंफेक्शन की दिक्कत होती है तो लगातार दर्द और खिचखिच की समस्या परेशान करती है। ऐसे में हर बार दवाओं की मदद लेना सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं है बल्कि, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप गले में इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ देसी उपचारों (gale me infection ka ilaj in hindi) की मदद ले सकते हैं जैसे कि अदरक-मुलेठी का काढ़ा (ginger licorice kadha for throat infection)। तो आइए जानते हैं इस बारे में हमारे आयुर्वेदि एक्सपर्ट Dr. Deepak Joshi से

क्या अदरक-मुलेठी का काढ़ा गले के इन्फेक्शन को ठीक कर सकता है?

Dr. Deepak Joshi कहते हैं कि हां, अदरक-मुलेठी का काढ़ा गले के इन्फेक्शन में काफी हद तक राहत दे सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इलाज नहीं माना जाना चाहिए। दरअसल, ये पुराना देसी नुस्खा है जिसका इस्तेमाल गले की खुजली कम करने के साथ खिचखिच से राहत दिलाने में मददगार है। इतना ही नहीं, गले के इंफेक्शन होने के बाद लंबे समय तक जो समस्याएं लोगों को महसूस होती रहती हैं उनमें भी इस काढ़े का पीना मददगार हो सकता है। इस काढ़े को पीने के तमाम फायदे हैं जैसे

एंटी इंफ्लेमेटरी है ये काढ़ा

अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होता है तो मुलेठी गले की सूजन से राहत दिलाने वाला है। इससे गले की सूजन में कमी आती है और आप राहत महसूस कर सकते हैं। इसलिए इन दोनों से बने काढ़े को पीने से आपको बेहतर फील हो सकता है और धीमे-धीमे गले की सूजन कमी आ सकती है।

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एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर

अदरक-मुलेठी का काढ़ा एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है जिससे गले में बैक्टीरियल इंफेक्शन पैदा बनने वाले बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में मदद मिल सकती है। अदरक मुलेठी का काढ़ा गले की खुजली को कम करने के साथ खांसी कम करने में मदद कर सकता है जिससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं।

throat infection

दर्द और खराश को कम करने में मददगार

गले में इंफेक्शन होने पर लगातार दर्द और खराश की समस्या बनी रहती है और इस स्थिति में अदरक और मुलेठी का काढ़ा पीना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, अदरक जहां गले के दर्द को ठीक कर सकता है वहीं मुलेठी गले में एक सॉफ्ट कोटिंग करता है जिससे खराश कम करने में मदद मिलती है।

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जलन और खांसी से राहत दिलाने वाला

मुलेठी गले की परत पर सुकून देने वाली कोटिंग बनाती है, जिससे जलन और खांसी में आराम मिलता है तो अदरक का रस खांसी कम करने में मददगार है। इस काढ़े को पीने से बलगम ढीला होता है और आवाज बैठने की समस्या में भी राहत मिल सकती है।

हालांकि, हल्के वायरल या मौसमी इन्फेक्शन में यह घरेलू उपाय सहायक हो सकता है, लेकिन अगर गले में तेज दर्द, बुखार, पस या इन्फेक्शन लंबे समय तक बना रहे, तो केवल काढ़े पर निर्भर न रहें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सही इलाज इस स्थिति से जल्दी उबरने में मदद कर सकता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से आप जल्द ही बाहर आ सकते हैं। हालांकि, आपको इस नुस्खे को एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए।

FAQ

  • 5 मिनट में सूखी खांसी से कैसे छुटकारा पाएं?

    सूखी खांसी से छुटकारा पाने के लिए 5 मिनट किसी भी तरह से काफी नहीं है। हालांकि, अगर आप अपने मुंह में 1 चम्मच शहद डाल लें या मुलेठी रख लें तो सूखी खांसी से छुटकारा मिल सकता है।
  • रात में खांसी को रोकने के लिए क्या करें?

    रात में खांसी को रोकने के लिए आप 1 चम्मच शहद में रस में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर ले लें। इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि गुड़ का एक 1 टुकड़ा भी खा सकते हैं।
  • लेटने पर खांसी क्यों आती है?

    लेटने पर खांसी होने का सबसे बड़ा कारण है फेफड़े द्वारा एयर वेसेल्स को साफ करने की क्षमता में कमी आ जाना और गले का बार-बार सूखना जिससे आपको रह-रहकर तेज खांसी आ सकती है।

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Disclaimer

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 30, 2026 13:55 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 30, 2026 13:55 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Deepak Joshi

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