सर्दियां अपने साथ सेहत से जुड़ी कई सारी समस्याएं लाती हैं। ज्यादातर लोग स्किन की समस्याओं से परेशान रहते हैं तो कुछ लोगों को हर कुछ दिनों पर सर्दी-जुकाम की दिक्कत बनी रहती है। इसी तरह कुछ लोगों को इस मौसम में गले में इंफेक्शन की दिक्कत होती है तो लगातार दर्द और खिचखिच की समस्या परेशान करती है। ऐसे में हर बार दवाओं की मदद लेना सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं है बल्कि, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप गले में इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ देसी उपचारों (gale me infection ka ilaj in hindi) की मदद ले सकते हैं जैसे कि अदरक-मुलेठी का काढ़ा (ginger licorice kadha for throat infection)। तो आइए जानते हैं इस बारे में हमारे आयुर्वेदि एक्सपर्ट Dr. Deepak Joshi से।
क्या अदरक-मुलेठी का काढ़ा गले के इन्फेक्शन को ठीक कर सकता है?
Dr. Deepak Joshi कहते हैं कि हां, अदरक-मुलेठी का काढ़ा गले के इन्फेक्शन में काफी हद तक राहत दे सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इलाज नहीं माना जाना चाहिए। दरअसल, ये पुराना देसी नुस्खा है जिसका इस्तेमाल गले की खुजली कम करने के साथ खिचखिच से राहत दिलाने में मददगार है। इतना ही नहीं, गले के इंफेक्शन होने के बाद लंबे समय तक जो समस्याएं लोगों को महसूस होती रहती हैं उनमें भी इस काढ़े का पीना मददगार हो सकता है। इस काढ़े को पीने के तमाम फायदे हैं जैसे
एंटी इंफ्लेमेटरी है ये काढ़ा
अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होता है तो मुलेठी गले की सूजन से राहत दिलाने वाला है। इससे गले की सूजन में कमी आती है और आप राहत महसूस कर सकते हैं। इसलिए इन दोनों से बने काढ़े को पीने से आपको बेहतर फील हो सकता है और धीमे-धीमे गले की सूजन कमी आ सकती है।
इसे भी पढ़ें: गले की खराश और दर्द में तुरंत राहत देंगे ये आयुर्वेदिक गरारे और हर्बल चाय, आयुर्वेदाचार्य से जानें
एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर
अदरक-मुलेठी का काढ़ा एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है जिससे गले में बैक्टीरियल इंफेक्शन पैदा बनने वाले बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में मदद मिल सकती है। अदरक मुलेठी का काढ़ा गले की खुजली को कम करने के साथ खांसी कम करने में मदद कर सकता है जिससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं।

दर्द और खराश को कम करने में मददगार
गले में इंफेक्शन होने पर लगातार दर्द और खराश की समस्या बनी रहती है और इस स्थिति में अदरक और मुलेठी का काढ़ा पीना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, अदरक जहां गले के दर्द को ठीक कर सकता है वहीं मुलेठी गले में एक सॉफ्ट कोटिंग करता है जिससे खराश कम करने में मदद मिलती है।
इसे भी पढ़ें: Mumps Home Remedies: गले की सूजन और दर्द (गलसुआ) को ठीक करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय
जलन और खांसी से राहत दिलाने वाला
मुलेठी गले की परत पर सुकून देने वाली कोटिंग बनाती है, जिससे जलन और खांसी में आराम मिलता है तो अदरक का रस खांसी कम करने में मददगार है। इस काढ़े को पीने से बलगम ढीला होता है और आवाज बैठने की समस्या में भी राहत मिल सकती है।
हालांकि, हल्के वायरल या मौसमी इन्फेक्शन में यह घरेलू उपाय सहायक हो सकता है, लेकिन अगर गले में तेज दर्द, बुखार, पस या इन्फेक्शन लंबे समय तक बना रहे, तो केवल काढ़े पर निर्भर न रहें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सही इलाज इस स्थिति से जल्दी उबरने में मदद कर सकता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से आप जल्द ही बाहर आ सकते हैं। हालांकि, आपको इस नुस्खे को एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए।
FAQ
5 मिनट में सूखी खांसी से कैसे छुटकारा पाएं?
सूखी खांसी से छुटकारा पाने के लिए 5 मिनट किसी भी तरह से काफी नहीं है। हालांकि, अगर आप अपने मुंह में 1 चम्मच शहद डाल लें या मुलेठी रख लें तो सूखी खांसी से छुटकारा मिल सकता है।रात में खांसी को रोकने के लिए क्या करें?
रात में खांसी को रोकने के लिए आप 1 चम्मच शहद में रस में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर ले लें। इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि गुड़ का एक 1 टुकड़ा भी खा सकते हैं।लेटने पर खांसी क्यों आती है?
लेटने पर खांसी होने का सबसे बड़ा कारण है फेफड़े द्वारा एयर वेसेल्स को साफ करने की क्षमता में कमी आ जाना और गले का बार-बार सूखना जिससे आपको रह-रहकर तेज खांसी आ सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 30, 2026 13:55 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 30, 2026 13:55 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Deepak Joshi