Wed Sep 23, 2026 | 04:38 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के क्या कारण हो सकते हैं? क्या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत है

बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान कर सकते हैं, जिनके पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के क्या कारण हो सकते हैं? क्या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत हैबार-बार फंगल इंफेक्शन होने के क्या कारण हो सकते हैं? क्या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत है

बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन न सिर्फ शारीरिक रूप से बहुत परेशान करने वाला होता है, बल्कि यह मानसिक रूप से भी व्यक्ति को काफी परेशान कर सकता है। अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आम स्किन से जुड़ी समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या घरेलू नुस्खों से इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के पीछे कई छिपे हुए कारण हो सकते हैं। यह स्थिति न सिर्फ रोजाना के जीवन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि सही समय पर इसके कारणों की पहचान न होने पर यह गंभीर रूप भी ले सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD - Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi से जानते हैं कि क्या बार-बार फंगल इंफेक्शन होना खतरनाक होता है?

क्या बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन खतरनाक है?

Dr. Chandani Jain Gupta के अनुसार, बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन हमेशा खतरनाक नहीं होता है, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। बार-बार इंफेक्शन होने का मतलब कभी-कभी यह हो सकता है कि इंफेक्शन पूरी तरह ठीक नहीं हुआ, सही टाइप के फंगल की पहचान नहीं होना, दवा का असर प्रभावी नहीं है या कोई ऐसी अंदरूनी समस्या है जो इंफेक्शन को दोबारा होने का कारण बन सकती है। फंगल इंफेक्शन, स्किन, नाखून, मुंह, जननांग या शरीर के अन्य हिस्सों में हो सकता है और उसकी गंभीरता उसके प्रकार तथा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

साल 2022 में Open Forum Infectious Diseases की एक स्टडी में दी गई रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार, भारत में कुल 57,250,826 मरीज गंभीर फंगल बीमारियों से प्रभावित हैं। भारत की लगभग 4.1% आबादी इससे प्रभावित हो सकती है।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बार-बार होने वाला वुल्वोवैजिनल कैंडिडिआसिस (RVVC) भारत में लगभग 2.4 करोड़ महिलाओं को प्रभावित करता है, जो लाइफ की क्वालिटी पर गंभीर नकारात्मक असर डालता है। इसके अलावा, गंभीर अस्थमा और फंगल इंफेक्शन भी फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ाते हैं।

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बार-बार फंगल इंफेक्शन क्यों होता है?

Dr. Chandani Jain Gupta बताती हैं कि बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें ज्यादा पसीना आना, नमी, टाइट कपड़े पहनना, इंफेक्टेड व्यक्ति या सामान के संपर्क में आना और ट्रीटमेंट अधूरा छोड़ देना शामिल है। दाद त्वचा, सिर की त्वचा और नाखूनों को भी प्रभावित कर सकता है तथा तौलिये, चादर या सीधे स्किन के संपर्क में आने से फैल सकता है।

इतना ही नहीं, कुछ लोगों में बार-बार फंगल इंफेक्शन डायबिटीज, कमजोर इम्यून सिस्टम या कुछ दवाओं से भी जुड़ा हो सकता है। खासकर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में कुछ फंगल इंफेक्शन गंभीर रूप ले सकते हैं।

साल 2016 में Journal of Advances in Medicine and Medical Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, इंफेक्शन के दोबारा होने की यह समस्या 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में 75% देखी जाती है और करीब 15.6% मामलों में जेनेटिक्स भी अहम कारण हो सकता है।

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कब यह चिंता का विषय बन सकता है?

Dr. Chandani Jain Gupta बताती हैं कि बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर इन स्थितियों में गंभीरता से लेना चाहिए, जिसमें-

  • इंफेक्शन का बार-बार लौटना
  • दवा लेने के बाद ठीक न होना
  • इंफेक्शन का तेजी से फैलना
  • बहुत ज्यादा दर्द, सूजन, घाव या स्किन फटने जैसी समस्या होना
  • नाखून का लगातार मोटा, बदरंग होना या टूटना
  • स्कैल्प की स्किन पर इंफेक्शन के साथ बाल झड़ना
  • डायबिटीज या इम्यूनिटी कमजोर करने वाली कोई समस्या होना
  • इंफेक्शन का आंखों, फेफड़ों या शरीर के किसी हिस्से को प्रभावित करना

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बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन में सही जांच क्यों जरूरी है?

Dr. Chandani Jain Gupta का कहना है कि कई बार स्किन पर होने वाला हर खुजलीदार या लाल चकत्ते फंगल इंफेक्शन नहीं होता है। एक्जिमा, एलर्जी और दूसरी स्किन से जुड़ी समस्याएं भी मिलते-जुलते लक्षणों को बढ़ावा दे सकती हैं। ऐसे में फंगल इंफेक्शन होने पर इसके होने के कारण की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर जरूरत पड़ने पर स्किन या नाखून का छोटा सैंपल लेकर टेस्ट कर सकते हैं।

बार-बार होने वाले कैंडिडा इंफेक्शन में अलग-अलग प्रजातियां मौजूद हो सकती हैं और कुछ प्रकार नॉर्मल एंटीफंगल दवाओं पर कम रिएक्ट कर सकती हैं। लगातार लक्षण रहने पर डॉक्टर अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।

फंगल इंफेक्शन दोबारा होने से कैसे बचें?

फंगल इंफेक्शन को दोबारा होने से रोकने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें- 

  • स्किन को साफ और सूखा रखना
  • पसीने वाले कपड़े जल्दी बदलें
  • तौलिया और कपड़े शेयर करने से बचें
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स करें
  • पैरों और स्किन में नमी लंबे समय तक न रहने दें

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर फंगल इंफेक्शन बार-बार हो रहा है, ट्रीटमेंट के बाद इंफेक्शन वापस आ जाता है या दवा लेने पर सुधार नहीं हो रहा है तो स्किन स्पेशलिस्ट या अपने डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर माना जाता है। बार-बार इंफेक्शन का कारण पता चलने पर ट्रीटमेंट ज्यादा असरदार और सुरक्षित हो सकता है।

निष्कर्ष
Dr. Chandani Jain Gupta का कहना है कि बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन अपने आप में हमेशा खतरनाक नहीं होता है, लेकिन यह शरीर में किसी जोखिम कारक, गलत इलाज या दवा के सही तरह से असर न होने का संकेत हो सकता है। इसलिए, बार-बार इंफेक्शन होने पर सिर्फ क्रीम बदलते रहने से बचें, बल्कि सही निदान और इलाज लेने के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • फंगल इंफेक्शन किसकी वजह से होता है?

    फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी, पसीना, गर्मी और साफ-सफाई की कमी के कारण होता है। जब स्किन लंबे समय तक गीली या गंदी रहती है तो हवा या आस-पास मौजूद फंगस होने के कारण होते हैं।
  • फंगल इंफेक्शन के क्या लक्षण हैं?

    फंगल इंफेक्शन होने पर स्किन पर तेज खुजली, लाल चकत्ते, स्किन का फटना, स्किन की पपड़ी निकलना और नाखूनों का मोटा या पीला होना शामिल है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 08, 2026 16:15 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 08, 2026 16:15 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta

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