Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

खाली पेट रहने से माइग्रेन क्यों होता है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

लंबे समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर कम होना, डिहाइड्रेशन और कई बार कैफीन की कमी माइग्रेन ट्रिगर कर सकती है।

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खाली पेट रहने से व्यक्ति को सिर में दर्द होना एक आम समस्या है। अक्सर लोगों को ऐसा महसूस भी होता है। लंबे समय तक भूखा रहने पर लोगों के सिर में दर्द शुरू हो जाता है। कई बार व्यक्ति को यह सिर दर्द नॉर्मल लगता है, लेकिन कुछ लोगों में यह माइग्रेन का रूप भी ले सकता है। यह समस्या खासतौर पर उन लोगों को ज्यादा होती है, जो पहले से माइग्रेन से परेशान हैं। ऐसे में कई बार लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि खाली पेट रहने से माइग्रेन क्यों होता है? Dr. Bharath Kumar Surisetti, Consultant Neurologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad का कहना है खाली पेट रहना सिर दर्द और कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक का कारण है।

भूखा रहने से सिर दर्द या माइग्रेन की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

Dr. Bharath Kumar Surisetti के अनुसार, "खाली पेट रहना सिर दर्द और कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक का एक कारण है। ऐसा तब होता है, जब हम टाइम से खाना नहीं खाते हैं या देर से खाते हैं। खाना न खाने और लंबे समय तक खाली पेट रहने से खून में ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है। ब्रेन को सही तरीके से काम करने के लिए लगातार ग्लूकोज की जरूरत होती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से जब ग्लूकोज का स्तर थोड़ा भी कम होता है, तो ब्रेन में दर्द पैदा करने वाले पाथवे एक्टिव हो जाते हैं और इस स्थिति में सिर दर्द शुरू हो सकता है।"

2025 के BMC Nutrition के रिव्यू के अनुसार, कुछ अध्ययनों में मिले-जुले रिजल्ट मिले हैं, लेकिन ज्यादातर स्टडीज में ये संकेत मिले हैं कि व्रत रखने और खाना छोड़ने से माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। अनियमित खान-पान माइग्रेन अटैक के कारणों में से एक है, इसलिए टाइम से बैलेंस डाइट लेना बेहद जरूरी है। टाइम से खाना खाने की आदत माइग्रेन से बचाव करने में मदद कर सकती है। 

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खाली पेट रहने पर माइग्रेन के क्या कारण हो सकते हैं?

डॉ. भरत कुमार के अनुसार, “लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक का खतरा बढ़ता है। ऐसा भूखे रहने के कारण होने वाले लो ब्लड शुगर, पानी की कमी और हार्मोन्स के असंतुलित होने जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है। ऐसे में इन समस्याओं को नजरअंदाज न करें।”

ब्लड शुगर हो जाता है कम 

डॉ. भरत कुमार बताते हैं, “लंबे समय तक खाली पेट रहने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कम होने लगता है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया भी कहा जाता है। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में शरीर इसके प्रति प्रतिक्रिया देते हुए कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे कुछ स्ट्रेस हार्मोन को रिलीज करता है। ये हार्मोन शरीर की ब्लड वेसल्स को ज्यादा सेंसिटिव या ब्लड वेसल्स में बदलाव (vascular reactivity) करते हैं और ब्रेन के उस सिस्टम को एक्टिव कर देते हैं, जिसे ट्राइजेमिनोवैस्कुलर सिस्टम (trigeminovascular system) कहा जाता है। बता दें, ये सिस्टम माइग्रेन में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इससे माइग्रेन अटैक की संभावना बढ़ जाती है।”

2022 में Genes में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, हाइपोग्लाइसीमिया यानी लो ब्लड शुगर एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जिससे माइग्रेन या सिर दर्द शुरू हो सकता है या सिर दर्द और भी बढ़ सकता है और यह गंभीर हो सकता है। जब हम शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाना नहीं खाते हैं, तो खून में ग्लूकोज का स्तर बहुत कम हो सकता है। ऐसा तब भी हो सकता है, जब कोई व्यक्ति खाना छोड़े, डाइटिंग करे या व्रत रखता है। 

कई मरीजों के लिए ब्लड शुगर का कम होना माइग्रेन अटैक का एक बड़ा कारण माना जाता है। रिसर्च के अनुसार, लगभग 39% से 66% मरीजों में माइग्रेन का सिर दर्द व्रत या लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से शुरू होता है। 

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डिहाइड्रेशन की समस्या 

अक्सर खाना कम खाने पर लोग पानी भी कम पीते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने के कारण कई बार व्यक्ति को शरीर में पानी की कमी होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति को हल्की डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसका असर ब्रेन के टिश्यू पर पड़ता है और इससे सिर दर्द शुरू हो सकता है, क्योंकि इससे दर्द महसूस करने वाले स्ट्रक्चर एक्टिव और सेंसिटिव हो जाते हैं। 

2021 के Current Pain and Headache Reports में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी अकेले सिर दर्द का कारण बन सकती है, लेकिन अक्सर यह शरीर की पहले की बीमारियों को और भी बिगाड़ देता है, जैसे कि प्राइमरी सिर दर्द यानी माइग्रेन या ऐसी अन्य समस्याएं, जो शरीर में पानी की कमी या लिक्विड के बैलेंस पर निर्भर होती हैं।

कैफीन की समस्या 

अक्सर लोग सुबह के समय खाली पेट चाय या कॉफी का सेवन करते हैं, उनके लिए कैफीन भी अहम भूमिका निभा सकती है। अगर ऐसे व्यक्ति समय पर खाना नहीं खाता है, तो अक्सर उनकी चाय या कॉफी भी छूट जाती है या देर से मिलती है। कैफीन के अचानक से कम होने से शरीर में बदलाव होते हैं। इसके कारण ब्रेन की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिससे सिर दर्द हो सकता है। ऐसे में जिन लोगों को कैफीन की आदत होती है, उनके लिए खाली पेट रहना और भी ज्यादा सिर दर्द का कारण बन सकता है। वहीं, कई लोगों को कैफीन का सेवन करने से भी माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। 

2020 के Frontiers In Neurology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अचानक से कैफीन (चाय-कॉफी) बंद कर देना माइग्रेन अटैक को बढ़ावा दे सकता है और दर्द को काफी बढ़ा सकता है।

2023 में Nutrients में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, कैफीन और सिर दर्द का आपस में गहरा लेकिन उलझा हुआ संबंध है। कैफीन माइग्रेन के दर्द का एक कारण (trigger) बन सकता है। वहीं, दूसरी तरफ, अगर किसी को कैफीन (जैसे चाय या कॉफी) की आदत है और वह व्यक्ति इसे अचानक छोड़ दे, तो कैफीन की कमी के कारण भी तेज सिर दर्द हो सकता है।

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खाली पेट रहने से माइग्रेन के लक्षण कैसे होते हैं?

डॉ. भरत कुमार बताते हैं, “क्लिनिकल रूप से भूख के कारण होने वाले सिर दर्द में आमतौर पर हल्का और दबाव जैसा महसूस होता है। लेकिन कुछ मरीजों में, खासकर जिन्हें पहले से माइग्रेन होता है, यह एक पूरे माइग्रेन अटैक में बदल सकता है। माइग्रेन के दौरान कुछ लक्षण दिखाई देते हैं -

  • सिर के एक तरफ तेज दर्द होना 
  • मतली (उल्टी जैसा महसूस होने)
  • तेज रोशनी से परेशानी होने
  • आवाज के प्रति सेंसिटिव होने
  • उल्टी आना
  • काम करने में परेशानी होने 
  • थकान और कमजोरी होने

ये सभी समस्याएं व्यक्ति की नियमित कामों को प्रभावित करते हैं।”

सिर दर्द है या माइग्रेन, कैसे करें पहचान?

डॉ. भरत कुमार के अनुसार, “खाली पेट सिर दर्द या माइग्रेन की पहचान करना मुश्किल नहीं है। इसकी पहचान आमतौर पर पैटर्न देखकर की जाती है, जैसे अगर आपको बार-बार लंबे समय तक भूखे रहने के बाद सिर दर्द होता है और खाना खाने के थोड़ी देर बाद ठीक हो जाता है तो ये माइग्रेन के संकेत हो सकते हैं।

ऐसे में अगर आप सिर दर्द के समय और खाने के पैटर्न पर ध्यान दें, तो आप आसानी से समझ सकते हैं कि माइग्रेन की यह समस्या खाली पेट रहने की वजह से हो रही है या नहीं।”

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खाली पेट रहने के कारण होने वाले माइग्रेन से राहत के उपाय

डॉ. भरत कुमार के अनुसार, “माइग्रेन के दर्द का इलाज और बचाव करना काफी आसान है, अगर आप कुछ हेल्दी आदतों को अपनाएं, जो स्वास्थ्य के लिए भी कई तरीकों से फायदेमंद हो सकती हैं। 

  • टाइम पर खाना खाएं
  • बैलेंस डाइट लें
  • पर्याप्त पानी पिएं
  • लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें
  • नियमित खाने की आदत बनाएं”

डॉ. भरत कुमार आगे कहते हैं कि, “जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है, उन्हें लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए, क्योंकि शरीर का संतुलन बनाए रखना माइग्रेन के अटैक की गंभीरता को कम करने के लिए बहुत जरूरी होता है।”

डॉक्टर से कब मिलें?

लंबे समय तक खाली पेट रहने से बार-बार सिर में दर्द होने, भूखे रहने से जब सिर दर्द नॉर्मल से ज्यादा बढ़ जाए, पेनकिलर से दर्द ठीक न होने, लो ब्लड शुगर होने के साथ सिर दर्द होने, एनर्जी की कमी होने और अधिक स्ट्रेस होने पर सिर में दर्द महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। ऐसे में इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए डॉक्टर के पास जाएं, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या से समय रहते बचा जा सके।

निष्कर्ष 

लंबे समय तक खाली पेट रहने से व्यक्ति को नॉर्मल सिर दर्द या माइग्रेन की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह समस्या व्यक्ति को शरीर में ब्लड शुगर के कम होने, शरीर में हार्मोन के असंतुलित होने, शरीर में पानी की कमी होने और कैफीन की कमी होने के कारण होती है। इनके कारण ब्रेन पर प्रेशर पड़ता है और सिर में तेज दर्द होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में इससे राहत के लिए बैलेंस डाइट लेने, पर्याप्त पानी पीने और टाइम से खाना खाने की आदत डालना फायदेमंद होता है। ध्यान रहे, अगर ऐसा लगातार होता है, तो इसको नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। 

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FAQ

  • माइग्रेन होने पर क्या परहेज करना चाहिए?

    माइग्रेन की समस्या होने पर व्यक्ति को कैफीन, अल्कोहल, चॉकलेट, प्रोसेस्ड मीट, अधिक मीठा, अधिक नमक वाले फूड्स और खट्टे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए। इन फूड्स का अधिक सेवन करने से व्यक्ति का माइग्रेन ट्रिगर कर सकता है।
  • माइग्रेन में कौन सा फल खाएं?

    माइग्रेन में स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रसभरी और तरबूज जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर फलों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन ध्यान रहे, इस दौरान अधिक पके फलों का सेवन करने से भी बचें। कुछ लोगों में ये फल माइग्रेन ट्रिगर का कारण बन सकते हैं।
  • क्या माइग्रेन में दूध पी सकते हैं?

    माइग्रेन में दूध का सेवन किया जा सकता है, लेकिन कुछ लोगों में दूध उनके माइग्रेन को ट्रिगर भी कर सकता है। ऐसे में इसका सेवन सतर्कता के साथ करें।
  • माइग्रेन में क्या खाना चाहिए?

    माइग्रेन की स्थिति में बादाम, अदरक की चाय, ताजे फलों, सब्जियों और साबुत अनाज जैसे फूड्स का सेवन किया जा सकता है। इनसे सिर दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • क्या माइग्रेन में चावल खा सकते हैं?

    माइग्रेन की स्थिति में चावल का सेवन किया जा सकता है। इनसे शरीर को एनर्जी देने और कुछ हद तक सिर दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। 

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Priyanka Sharma

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प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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