Wed Sep 30, 2026 | 02:49 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shreya Gupta , Consultant – Ophthalmology, Sri Balaji Action Medical Institute, New Delhi

आंख दर्द के साथ सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

आंखों में दर्द के साथ सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है, जिनमें आई स्ट्रेन, ग्लूकोमा, माइग्रेन, साइनसाइटिस और ड्राई आई सिंड्रोम शामिल हैं। इसके कारणों और बचाव के उपायों जैसे 20-20-20 नियम, पर्याप्त नींद और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।
आंख दर्द के साथ सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारणआंख दर्द के साथ सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस और स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण कई बार लोगों को आंखों में भारीपन, तेज दर्द और चुभन जैसा महसूस होता है, जिसके कारण कई बार व्यक्ति को सिर में दर्द जैसी समस्याएं भी होती हैं। आइए इस बारे में Dr. Shreya Gupta, Consultant - Ophthalmology, Sri Balaji Action Medical Institute, Delhi से जानें।

आंखों के दर्द के साथ सिरदर्द क्यों होता है?

डॉ. श्रेया गुप्ता के अनुसार, जब आंखों में कोई परेशानी होती है, तो इसका असर सिर्फ देखने की क्षमता पर ही नहीं बल्कि यह सिर की तंत्रिकाओं को भी प्रभावित करती है। कई बार यह नजर के कमजोर होने का संकेत होती है, तो कभी-कभी किसी मेडिकल कंडीशन का। जैसे-

1. आंखों के कमजोर होने या आई स्ट्रेन

कंप्यूटर, स्मार्टफोन और टैबलेट का ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण आंखों में स्ट्रेस बढ़ जाता है और स्क्रीन देखते समय व्यक्ति आंखें कम झपकाता है। ऐसे में घंटों तक बिना ठीक से पलके झपकाएं रहने से आंखों पर स्ट्रेन पड़ता है, जिसके कारण आंखें कमजोर होने लगती हैं।

आंखों के कमजोर होने पर वहां की मांसपेशियों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और खिंचाव आता है। इस स्थिति में सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

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2. ग्लूकोमा की समस्या

आंखों में दर्द और सिरदर्द का एक गंभीर कारण ग्लूकोमा हो सकता है। जिसे आम भाषा में काला मोतिया कहा जाता है। इस स्थिति में आंखों के अंदर का दबाव अचानक से बढ़ जाता है, खासकर एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा की स्थिति में।

इस स्थिति में व्यक्ति को बहुत तेज दर्द, सिरदर्द, धुंधला दिखने, आंखों के लाल होने, उल्टी और मतली की समस्या हो सकती है। यह एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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3. माइग्रेन के कारण

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है, लेकिन कई मामलों में माइग्रेन की शुरुआत या असर आंखों के आसपास महसूस होता है।

माइग्रेन की स्थिति में व्यक्ति को रोशनी से परेशानी, आंखों के पीछे तेज दर्द और कभी-कभी धुंधला दिखने जैसी समस्याएं होती हैं।

4. साइनसाइटिस के कारण

इंफेक्शन या एलर्जी के कारण साइनस में सूजन आने की समस्या होती है और वहां कफ जमा हो जाता है। साइनस का दबाव सीधे तौर पर आंखों के ऊपरी हिस्से, गालों और माथे पर पड़ता है। इसके कारण आंखों के पीछे और सिर के निचले हिस्से में भारीपन और दर्द की समस्या होती है।

इस दौरान झुकने पर या सुबह उठते ही दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।

5. ड्राई आई सिंड्रोम

जब आंखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बनते हैं या आंसू बहुत जल्दी सूख जाते हैं, तो इसे ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। आंखों में पर्याप्त नमी न होने के कारण जलन, चुभन, रेडनेस या दर्द की समस्या हो सकती है।

एसी में ज्यादा रहने, प्रदूषण या कम पानी पीने से आंखों के ड्राई होने की समस्या होती है। ड्राई आई के कारण आंखों की सतह पर स्ट्रेस बढ़ जाता है, जो तंत्रिकाओं के जरिए सिरदर्द का कारण बन सकता है।

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6. ऑप्टिक न्यूरिटिस के कारण

आंख को ब्रेन से जोड़ने वाली मुख्य नस को ऑप्टिक नर्व कहते हैं। जब किसी कारण से इस नस में सूजन आती है, तो इसे ऑप्टिक न्यूरिटिस कहा जाता है। इस स्थिति में जब व्यक्ति आंख की पुतली को इधर-उधर घुमाता है, तो उसे आंख के पीछे गहरा दर्द महसूस होता है, साथ ही सिरदर्द भी होता है।

आंखों के साथ सिरदर्द की समस्या से बचाव के उपाय

डॉ. श्रेया गुप्ता के अनुसार, अगर व्यक्ति को आंखों में हल्का दर्द या तनाव महसूस हो रहा है, तो लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है।

20-20-20 रूल फॉलो करें

स्क्रीन पर काम करने के दौरान स्क्रीन पर काम करते समय हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड के लिए देखें।

पर्याप्त नींद लें

आंखों को हेल्दी रखने के लिए कम से कम 7-8 घंटों की पर्याप्त नींद लें। इससे आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं।

आंखें धोएं और हाइड्रेटेड रहें

स्वस्थ आंखों के लिए आंखों को धोएं और दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर और आंखें अच्छे से हाइड्रेटेड रहें। ऐसा करने से आंखों में पानी की कमी से बचा जा सकता है।

खुद से दवा न लें

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप या पेनकिलर लेने से बचें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

अगर आंखों के लाल होने, ड्राई होने, आंखों में दर्द बना रहने और सिर में दर्द होने जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष

आंखों में दर्द के साथ सिरदर्द होना सिर्फ थकान के कारण नहीं बल्कि आंखों के कमजोर होने, आई स्ट्रेन, ड्राई आई, माइग्रेन, ग्लूकोमा, साइनसाइटिस, ड्राई आई सिंड्रोम और ऑप्टिक न्यूरिटिस की समस्या हो सकती है। ध्यान रहे, इससे राहत के लिए 20-20-20 रूल फॉलो करें, पर्याप्त नींद लें, शरीर को हाइड्रेटेड रखें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई न लें।

ध्यान रहे, अगर व्यक्ति को आंखों में दर्द पूरे दिन बना रहता है, आंखों के लाल होने और धुंधलापन होने जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • आंखों में दर्द के क्या कारण हैं?

    आंखों में सूखापन, कंजंक्टिवाइटिस, कॉर्नियल एब्रेशन, आंखों में एलर्जी, आंखों के किसी चीज के संपर्क में आने, ब्लेफेराइटिस, आंखों से जुड़ी समस्या और डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण व्यक्ति को आंखों में दर्द की समस्या हो सकता है।
  • रोज-रोज सिर दर्द होने का क्या कारण है?

    स्ट्रेस, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन देखने और दवाइयों का अधिक सेवन करने के कारण व्यक्ति को बार-बार सिरदर्द होने की समस्या हो सकती है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 13:58 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shreya Gupta