Sat Sep 26, 2026 | 10:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

कहीं आपका खानपान तो नहीं बन रहा सिरदर्द का कारण, जानें क्या खाएं और क्या न खाएं?

सिरदर्द की समस्या कई बार हमारे खान-पान के कारण भी ट्रिगर होती है, जो सिर में दर्द और माइग्रेन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सिरदर्द से राहत पाने और इसे रोकने के लिए कुछ फूड्स का सेवन करना और कुछ चीजों से परहेज करना जरूरी है। 
कहीं आपका खानपान तो नहीं बन रहा सिरदर्द का कारण, जानें क्या खाएं और क्या न खाएं?कहीं आपका खानपान तो नहीं बन रहा सिरदर्द का कारण, जानें क्या खाएं और क्या न खाएं?

सिरदर्द होना आज के समय में बहुत ही आम समस्या है, लेकिन जब यह बार-बार होने लगे या माइग्रेन, टेंशन सिरदर्द या साइनसाइटिस का रूप ले ले, तो यह आपके रोजाना के रूटीन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। दरअसल, जब मरीज सिरदर्द की समस्या लेकर आते हैं तो वे अक्सर पेनकिलर पर निर्भर रहते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि सिरदर्द की समस्या कई बार खान-पान के कारण ट्रिगर हो सकती है। इसलिए, सिरदर्द से बचाव के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? आइए लेख में विस्तार से जानते हैं।

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि हमारे द्वारा खाया गया खाना दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स, नसों के फैलाव और शरीर में सूजन को प्रभावित करते हैं। साल 2025 में Nutrients जर्नल के एक रिसर्च डेटा से पता चलता है कि लगभग 27-30% माइग्रेन के मरीजों को खाने-पीने की चीजों के कारण सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है।

सिरदर्द होने पर क्या खाएं?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि सिरदर्द को शांत करने और बार-बार होने वाले माइग्रेन अटैक को रोकने के लिए ऐसी डाइट लें, जो मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी2 और पानी से भरपूर हो।

1. हाइड्रेटिंग फूड्स और पर्याप्त पानी पिएं

डिहाइड्रेशन सिरदर्द का सबसे बड़ा और आम कारण होता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो दिमाग के टिश्यू सिकुड़ने लगते हैं, जिससे दर्द के रिसेप्टर्स एक्टिव हो जाते हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम 2.5 से 5 लीटर पानी पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, खीरा, तरबूज, संतरा और सूप जैसी हाइड्रेटिंग फूड्स को डाइट में शामिल करें।

2. मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स

मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स का सेवन नसों को आराम देता है और दिमाग में दर्द का संकेत देने वाले केमिकल्स को रोकता है। माइग्रेन के मरीजों में अक्सर मैग्नीशियम की कमी पाई जाती है। कद्दू के बीज, बादाम, काजू, अलसी के बीज, पालक, केला और दाल का सेवन करें।

इसे भी पढ़ें: सिरदर्द में पानी की कमी का क्या असर होता है, जानें रोज कितना पानी पीना चाहिए?

3. ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड दिमाग की नसों की सूजन को कम करते हैं और सिरदर्द को कम करते हैं। अखरोट, चिया सीड्स, अलसी के बीज और फैटी फिश जैसे साल्मन और ट्यूना को अपनी डाइट में शामिल करें।

4. अदरक और नेचुरल हर्बल टी

अदरक में मौजूद जिंजरोल एक नेचुरल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक तत्व होते हैं। यह सिरदर्द के साथ होने वाली मतली और उल्टी को भी शांत करता है। इसलिए, आप ताजा अदरक की चाय, पुदीने की चाय या कैमोमाइल टी पी सकते हैं।

5. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स

जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल अचानक कम होता है तो दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज नहीं मिल पाता है, जिससे सिरदर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में आप अपनी डाइट में ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और शकरकंद शामिल करें, जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखते हैं।

foods-to-eat-and-avoid-in-headachefoods-to-eat-and-avoid-in-headache

सिरदर्द होने पर क्या न खाएं?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, कुछ फूड्स में ऐसे नेचुरल केमिकल होते हैं जो दिमाग की नसों को अचानक फैला या सिकोड़ देते हैं, जिससे तेज सिरदर्द शुरू हो जाता। इसलिए, आपको इन फूड्स को खाने से परहेज करना चाहिए।

1. कैफीन का ज्यादा सेवन या अचानक बंद करना

थोड़ी मात्रा में चाय या कॉफी पीने से कई लोगों को सिरदर्द से राहत मिल सकता है। हालांकि, अगर आप दिनभर में 3 से 4 कप से ज्यादा चाय या कॉफी पीते हैं या अचानक चाय पीना बंद कर देते हैं तो यह कैफीन विथड्रॉल सिरदर्द का कारण बनता है। इसलिए, दिनभर में 1 या 2 कप से ज्यादा चाय या कॉफी पीने से बचें।

2. प्रोसेस्ड मीट और नाइट्रेट्स

बेकन, सॉसेज, हॉट डॉग और पैक्ड मीट में नाइट्रेट्स और नाइट्राइट्स नाक के प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। ये केमिकल ब्लड वेसल्स को फैला देते हैं, जिससे माइग्रेन का दर्द ट्रिगर होता है।

3. पुराना या फर्मेंटेड फूड

पुराने पनीर, फर्मेंटेड फूड्स जैसे पुराना सिरका, सोया सॉस में टाइरामाइन नाम का तत्व बढ़ता है, जो नसों में प्रेशर बढ़ाकर सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।

4. एमएसजी / अजीनोमोटो

चाइनीज फूड, सूप्स, पैक्ड नूडल्स और चिप्स में इस्तेमाल होने वाला एमएसजी (MSG) कई लोगों में गंभीर माइग्रेन का कारण बन सकते हैं और गर्दन के साथ सिर में जकड़न पैदा करता है।

5. आर्टिफिशियल स्विटनर

डाइट सोडा, शुगर-फ्री गम्स और पैक्ड डाइट ड्रिंक्स में मौजूद एस्पार्टेम दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स को प्रभावित करके सिरदर्द बढ़ा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: छींकने या खांसने पर सिर में दर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें

6. शराब और रेड वाइन

शराब का सेवन शरीर को डिहाइड्रेट करती है। खासकर रेड वाइन में हिस्टामाइन और टैनिन्स पाए जाते हैं, जो तुरंत सिर में तेज दर्द या हैंगओवर ट्रिगर का कारण बनता है।

सिरदर्द के प्रकार और डाइट गाइड

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, सिरदर्द कई तरह के होते हैं और उनके हिसाब से ही फूड्स का सेवन या परहेज करना चाहिए, जैसे-

सिरदर्द का प्रकार

क्या खाएं या पिएं? किस चीज से बचें?

माइग्रेन

मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स, अदरक की चाय और पानी एमएसजी, प्रोसेस्ड मीट, रेड वाइन, एस्पार्टेम, टाइरामाइन

टेंशन सिरदर्द

ओमेगा-3, हरी सब्जियां, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, पर्याप्त पानी पीना ज्यादा कैफीन, डिहाइड्रेशन, खाली पेट रहना

साइनस सिरदर्द

गर्म सूप, हल्दी दूध, अदरक, स्टीम लें बहुत ठंडा पानी, आइसक्रीम, ज्यादा डेयरी लेने से बचें

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

आमतौर पर सिरदर्द नॉर्मल होते हैं, जो आराम करने या दवा लेने से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, अगर आपको अचानक और बहुत तेज सिरदर्द हो, सिरदर्द के साथ चक्कर आना, कमजोरी, धुंधला दिखना, तेज बुखार के साथ गर्दन में अकड़न,दौरे पड़ना या 50 साल की उम्र के बाद पहली बार गंभीर सिरदर्द शुरू होना जैसे लक्षण महसूस हों तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि सिरदर्द से राहत पाने के लिए हर बार पेनकिलर खाना इसका इलाज नहीं होता है। ज्यादा पेनकिलर लेने से दवाओं से होने वाला सिरदर्द शुरू हो सकता है। इसलिए, अपने खान-पान में पर्याप्त मात्रा में पानी, मैग्नीशियम और ताजा प्राकृतिक आहार शामिल करें। इसके साथ ही, पैकेज्ड और केमिकल वाले फूड्स से परहेज करें, जो सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • गैस बनने से सिर दर्द होता है क्या?

    हां, पेट में गैस या एसिडिटी होने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है, जिसे आम भाषा में गैस्ट्रिक सिरदर्द कहा जाता है। पेट में ज्यादा गैस या अपच होने पर यह नर्व प्रभावित होती है और तनाव या माइग्रेन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
  • रोज-रोज सिर दर्द होने का क्या कारण हो सकता है?

    रोजाना सिरदर्द का मुख्य कारण ज्यादा तनाव, नींद की कमी या दर्द निवारक दवाओं का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना हो सकता है।

Read Next

→ हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर भूलकर भी न करें डाइट से जुड़ी ये 8 गलतियां, दिल की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 26, 2026 21:14 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content