जब मेडिकल रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लीसराइड्स लेवल हाई आता है तो ज्यादातर लोग अपने खान-पान में तुरंत बदलाव करना शुरू कर देते हैं। हालांकि, खराब कोलेस्ट्रॉल लेवल कैसे कम या कंट्रोल करना है, इस बारे में लोगों के बीच जागरूकता की कमी हो सकती है। खराब कोलेस्ट्रॉल लेवल को मैनेज करने से जुड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जो दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं।
Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मोम जैसा पदार्थ है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से लिवर करता है। जब खून में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है तो यह धमनियों में जमा होकर प्लाक बनाने लगता है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई होने पर डाइट से जुड़ी कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए।
हाई कोलेस्ट्रॉल में डाइट से जुड़ी 8 गलतियां
साल 2018 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में सबसे बड़ी गलती सिर्फ भोजन के कोलेस्ट्रॉल या अंडे और झींगे जैसी चीजों को नुकसानदायक मानना है। जबकि असली नुकसान सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट हैं, जो LDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। अंडे और झींगे में सैचुरेटेड फैट बहुत कम होता है, इसलिए इन्हें संतुलित आहार में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
इसी तरह हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर डाइट से जुड़ी कई गलतियां अक्सर लोग करने लगते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल पर बुरा असर डालता है। इसलिए, Dr. Akshay Chugh से जानते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर डाइट से जुड़ी किन गलतियों से बचना चाहिए?
1. हर तरह का फैट खाना पूरी तरह बंद कर देना
लोग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट की रिपोर्ट आते ही घी, तेल, ड्राई फ्रूट्स और हर तरह के फैट को पूरी तरह लेना खत्म कर देते हैं। शरीर को हेल्दी रखने, हार्मोन्स बनाने और गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बेहतर रखने के लिए हेल्दी फैट्स की जरूरत होती है। जब आप फैट पूरी तरह लेना बंद कर देते हैं तो गुड कोलेस्ट्रॉल भी कम हो जाता है।
आपको सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट से बचना चाहिए, लेकिन मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स जैसे अखरोट, अलसी, जैतून का तेल, सरसों का तेल और कद्दू के बीज को सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करवाना चाहिए।
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2. रिफाइंड कार्ब्स और चीनी को नजरअंदाज करना
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सिर्फ अंडे की जर्दी या मलाईदार दूध से ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जबकि वे बेझिझक मैदा, बिस्किट, नमकीन और मीठी चीजें खाते रहते हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी लिवर को ट्राइग्लीसराइड्स और वीएलडीएल ज्यादा बनाने के लिए उकसाते हैं। चीनी और मैदा सैचुरेटेड फैट से भी तेजी से बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।
इसलिए, आप अपनी डाइट में सफेद ब्रेड, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक्स और मैदे से बनी चीजों को पूरी तरह बंद करें।
3. घुलनशील फाइबर को नजरअंदाज करना
खाने से फैट तो हटा देते हैं लोग, लेकिन थाली में फाइबर की मात्रा नहीं बढ़ाते हैं। घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र में एक जेल बनाता है, जो भोजन में मौजूद कोलेस्ट्रॉल से जुड़कर उसे शरीर से बाहर निकाल देता है। फाइबर की कमी के कारण कोलेस्ट्रॉल दोबारा खून में सोख जाता है। अपने रोजाना की डाइट में ओट्स, इसबगोल की भूसी, दालें, राजमा, सेब, अमरूद और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
4. जीरो कोलेस्ट्रॉल या हार्ट-हेल्दी पैक्ड फूड्स खाना
बाज़ार में मिलने वाले जीरो कोलेस्ट्रॉल नमकीन, डाइट बिस्किट या रिफाइंड हार्ट-हैंडी ऑयल को पूरी तरह सुरक्षित समझकर लोग भरपूर मात्रा में खाने लगते हैं। पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स में भले ही कोलेस्ट्रॉल जीरो लिखा हो, लेकिन उनमें ट्रांस फैट्स, ज्यादा सोडियम और हिडन शुगर होती है। ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
ऐसी स्थिति में किसी भी पैक्ड आइटम को खरीदने से पहले उसके इंग्रेडिएंट्स में 'Partially Hydrogenated Oil' की जांच करें और पैक्ड स्नैक्स खाने से बचें।
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5. फल और सब्जियों का कम सेवन करना
सब्जियों को ज्यादा तेल और मसालों में पकाकर खाना और फलों को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। फलों और सब्जियों में प्लांट स्टेरोल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को नेचुरल तरीके से रोकते हैं। रोजाना कम से कम 2 से 3 तरह के ताजे फल और कच्चा सलाह जैसे खीरा, गाजर और चुकंदर भोजन करने से पहले लें।
6. रात का खाना देर से और भारी खाना
दिनभर भूखा रहना या हल्का खाना और रात को देर से हैवी, फैट से भरपूर भोजन करना हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को बढ़ा सकता है। हमारा लिवर रात के समय सोने के दौरान कोलेस्ट्रॉल का संश्लेषण सबसे ज्यादा करता है। अगर आप रात में भारी या देर से भोजन करते हैं तो लिवर ज्यादा मात्रा में फैट और वीएलडीएल बनाने लगता है। इसलिए, रात का खाना सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले खाएं और डिनर हमेशा हल्का रखें।
7. पर्याप्त पानी न पीना और शराब का सेवन करना
पानी कम पीना और यह सोचना की थोड़ी शराब पीने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है, एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। डिहाइड्रेशन से खून गाढ़ा होता है, जिससे नसों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ता है। वहीं शराब सीधेतौर पर ट्राइग्लीसराइड्स के लेवल को बढ़ाती है और लिवर के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है। इसलिए, आप दिनभर में 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं और शराब का सेवन बंद या बिल्कुल सीमित कर दें।
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8. सिर्फ डाइट पर निर्भर रहना
यह सोचना कि सिर्फ उबला हुआ खाना खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल हो जाएगा, भले ही आप दिनभर एक जगह बैठे रहें। अच्छे कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाने का सिर्फ एक ही सबसे असरदार तरीका है, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना। बिना कसरत के सिर्फ अच्छी डाइट लेने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। रोजाना 30 से 40 मिनट की वॉक करें, साइकिल चलाएं या योग करें और 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें।
हाई कोलेस्ट्रॉल में क्या खाएं और क्या न खाएं?
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल लेवल को नॉर्मल रखने के लिए डाइट में इन गलतियों को करने से बचने के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इस बात का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
श्रेणी |
क्या खाएं? | क्या न खाएं? |
अनाज |
ओट्स, जौ, दलिया, ब्राउन राइस, बाजरा | मैदा, सफेद ब्रेड, बेकरी आइटम्स, नूडल्स |
कुकिंग ऑयल |
कच्ची घानी सरसों का तेल, तिल का तेल, जैतून का तेल (सीमित मात्रा में खाएं) | डालडा, वनस्पति घी, पाम ऑयल, बार-बार गर्म किया तेल खाने से बचें |
प्रोटीन |
मूंग दाल, अंकुरित अनाज, टोफू, मछली, अंडे का सफेद हिस्से | रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट, फुल-क्रीम दूध या पनीर |
स्नैक्स |
अखरोट, अलसी के बीज, भुना हुआ चना, ताजे फल | चिप्स, समोसा, भुजिया, पैक्ड डाइट नमकीन |
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने का मतलब भूखा रहना या बेस्वाद भोजन करना बिल्कुल नहीं है। यह खराब फैट्स और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स को सही डाइट से बदलने की प्रक्रिया है। अगर आपका LDL या ट्राइग्लीसराइड्स बहुत ज्यादा है, तो सिर्फ डाइट में सुधार करने के साथ-साथ अपने कार्डियोलॉजिस्ट या फिजिशियन से कंसल्ट करना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर दवा शुरू की जा सके और दिल से जुड़ी किसी भी बीमारी के जोखिम को कम किया जा सके।
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FAQ
खराब कोलेस्ट्रॉल के क्या लक्षण हैं?
खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के शुरुआती स्टेज में आमतौर पर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए इसे साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है। आमतौर पर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में तकलीफ और हाथ-पैरों में सुन्नपन हो सकता है।शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए?
हेल्दी व्यक्ति के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का लेवल 100 mg/dL से कम होना चाहिए। इससे ज्यादा लेवल दिल की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
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Sep 26, 2026 20:53 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
