आजकल खाने-पीने, लाइफस्टाइल और स्ट्रेस की वजह से लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है। ऐसे में डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और लोगों के मन में यह सवाल होता है कि अब खाने में क्या खाया जाए और किन चीजों से दूरी बनाई जाए। इस बारे में Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad ने बताया कि हाई कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने के लिए खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव किए जा सकते हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल में क्या खाएं?
Mayo Clinic के मुताबिक, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने के लिए डाइट में फाइबर, हेल्दी फैट्स, ओमेगा 3 फूड्स और साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, डाइट में प्रोटीन और खूब सारी फल व सब्जियां भी ली जा सकती है।
Meena Kumari ने हाई कोलेस्ट्रॉल में डाइट को विस्तार से समझाया है। हालांकि, उनका कहना है किसी एक फूड या डाइट के जरिए कोलेस्ट्रॉल को कम नहीं किया जा सकता। इसलिए लाइफस्टाइल और डाइट में सही तरीके से बदलाव करें।
1. साबुत अनाज और फाइबर खाएं
Chief Dietician Meena Kumari सलाह देती हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को खाने में साबुत अनाज जैसे दलिया, दालें, मोटा अनाज और सब्जियों को हमेशा शामिल करना चाहिए।
- कई लोग खाने में मैदे का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसमें फाइबर बहुत कम होता है। इसलिए हमेशा कोशिश करते रहना चाहिए कि ओट्स, बाजरा, रागी, ज्वार, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं की रोटी जैसे विकल्पों को ही अपनाना चाहिए।
- खाने में दालें जैसे मूंग, मसूर, चना, राजमा और छोले जैसे ऑप्शंस भी खाने को फाइबर और दूसरे पोषक तत्व देने में मदद करते हैं।
- सब्जियों की बात करें, तो रोज करीब 2-3 सर्विंग सब्जियां लेने की कोशिश की जानी चाहिए। वैसे तो मौसमी सब्जियां लेना बेहतर होता है, लेकिन हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज लौकी, तोरई, भिंडी, करेला, गाजर और बीन्स को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
2. जूस के बजाय फल खाएं
Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं कि रोजाना डाइट में सेब, अमरूद, संतरा, पपीता, नाशपाती और बेरीज जैसे फल जरूर शामिल करें। इससे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि फलों को साबुत खाएं। कई लोगों को फलों का जूस पीना ज्यादा बेहतर लगता है, लेकिन उन्हें पूरे फल का फाइबर नहीं मिल पाता। इसलिए साबुत फल को ही अच्छे तरीके से धोकर खाएं।
3. फैट को सीमित मात्रा में लें
Meena Kumari का कहना है, “हाई कोलेस्ट्रॉल के कई मरीज अपनी डाइट से फैट बिल्कुल खत्म कर देते हैं, लेकिन असल में फैट किस तरह का लेना चाहिए और कितनी मात्रा में लिया जा सकता है। यह जानना बहुत जरूरी है। मैं मरीजों को फैट सीमित करने की सलाह देती हूं। इसमें बादाम, अखरोट, अलसी और चिया जैसे मेवे और सीड्स को सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। खाना बनाने के लिए सरसों, राइस ब्रान, तिल या ऑलिव ऑयल जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जो लोग नॉन वेजिटेरियन खाना खाते हैं, वे ओमेगा-3 के लिए फैटी फिश को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं।”
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4. दूध-दही का सीमित इस्तेमाल करें
Meena Kumari ने बताया कि अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो डेयरी प्रोडक्ट्स चुनते समय उनका फैट जरूर चेक करें।
टोंड या स्किम्ड मिल्क, कम फैट वाला दही और छाछ का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर किसी को पनीर खाना हो, तो उसकी मात्रा का जरूर ध्यान रखें। हमेशा पनीर लो-फैट वाला ही लें।
5. मेथी, लहसुन और इसबगोल लेना फायदेमंद
Meena Kumari ने कहा कि मेथी, लहसुन और इसबगोल जैसे फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। खासतौर पर इसबगोल में सॉल्बल फाइबर होते हैं, जो हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेते समय पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
हाई कोलेस्ट्रॉल में किन चीजों से परहेज किया जा सकता है?
Meena Kumari ने बताया कि अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो कुछ फूड्स को रोज की डाइट में कम करना बेहतर हो सकता है।
- तली-भुनी चीजें जैसे समोसा, पकौड़े, पूरी, भटूरा, कचौड़ी और दूसरे फ्राइड स्नैक्स को सीमित करें।
- मक्खन, मलाई, ज्यादा घी, फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, हाई फैट चीज और आईसक्रीम जैसी फुल फैट फूड्स की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
- वनस्पति या डालडा जैसे हाइड्रोजनेटेड ऑयल वाले पैकेज्ड फूड्स नहीं खाने चाहिए। इसमें बिस्कुट, केक और पेस्ट्री जैसी चीजें शामिल हैं।
- सफेद ब्रेड, पिज्जा बेस, रिफाइंड पास्ता, नूडल्स और मैदा से बने प्रोसेस्ड फूड्स कम लें।
- मिठाई, सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और चीनी वाले पैकेज्ड फूड्स का इस्तेमाल सीमित रखें।
लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी
Meena Kumari ने सलाह दी है कि हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को लाइफस्टाइल में भी कुछ बदलाव करने चाहिए।
- रोजाना करीब आधा घंटा फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।
- स्मोकिंग से बिल्कुल परहेज करें।
- शराब से बचें।
- पैकेज्ड फूड खरीदते समय न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें।
- सिर्फ खाने की मात्रा ही नहीं, बल्कि क्वालिटी पर भी ध्यान दें।
निष्कर्ष
हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब यह नहीं है कि खाना बिल्कुल ही बिना तेल, घी या मसालों का बना लें, बल्कि खाने को चुनते समय थोड़ी समझदारी बरती जा सकती है। मैदे और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड की जगह अनाज, दालें, सब्जियां या फल चुनें। अनहेल्दी फैट की जगह हेल्दी फैट को डाइट का हिस्सा बनाएं। अगर हाई कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित नहीं हो रहा, तो समय पर डॉक्टर की सलाह लें।
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FAQ
क्या अंडा और ड्राई फ्रूट्स खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?
अंडे का सफेद भाग और सीमित मात्रा में भिगोए हुए बादाम या अखरोट खाना पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है। हालांकि, अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है, तो इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में किया जा सकता है।सिर्फ डाइट बदलने से कितने दिनों में कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार दिखता है?
न्यूट्रिशनिस्ट-अप्रूव्ड डाइट और रोजाना 30 मिनट की वॉक से कुछ महीनों में एलडीएल (LDL) और ट्राइग्लीसराइड्स के स्तर में कमी आ सकती है।
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Sep 25, 2026 18:37 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Meena Kumari
