Fri Sep 25, 2026 | 06:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

हाई ब्‍लड प्रेशर में आलू खाना सही है या नहीं? जानें एक्‍सपर्ट की राय

हाई बीपी मरीजों के मन में अक्‍सर यह सवाल आता है क‍ि वे आलू का सेवन करें या नहीं क्‍योंक‍ि इसमें कार्ब्स मौजूद होता है। जानें डायटीश‍ियन की राय।
हाई ब्‍लड प्रेशर में आलू खाना सही है या नहीं? जानें एक्‍सपर्ट की रायहाई ब्‍लड प्रेशर में आलू खाना सही है या नहीं? जानें एक्‍सपर्ट की राय

सब्‍जी में जैसे ही आलू डलता है खाने का स्‍वाद ही बदल जाता है इसल‍िए भारतीय खान-पान में आलू का अध‍िक सेवन क‍िया जाता है। अक्‍सर हाई बीपी के मरीज यह सोचते हैं क‍ि वे आलू खा सकते हैं या नहीं? इसका सही जवाब है क‍ि आलू का सेवन हाई बीपी में भी क‍िया जा सकता है। आलू में पोटैश‍ियम होता है जो सोड‍ियम के बुरे प्रभावों को कम करने में मदद करता है। आलू स्‍ट्रेस मैनेजमेंट में भी मदद करता है जो क‍ि बीपी के मरीजों में होने वाली एक आम समस्‍या है।हालांक‍ि, आलू को पकाने का सही तरीका इस्‍तेमाल करना जरूरी है। आलू को सही ढंग से खाया जाए, तो यह सेहत के ल‍िए फायदेमंद साब‍ित हो सकता है। आलू को उबालकर या ग्र‍िल करके भी खा सकते हैं। आलू में कार्ब्स मौजूद होते हैं इसल‍िए लोग इसे खाने से डरते हैं। हालांक‍ि, इसमें कई पोषक तत्‍व भी मौजूद होते हैं जैसे फाइबर, पोटैश‍ियम, व‍िटाम‍िन बी, सी, कॉपर, मैंगनीज वगैरह। आइए जानते हैं क‍ि आलू कब हाई बीपी में नुकसानदायक साब‍ित हो सकता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

हाई बीपी में आलू का सेवन कैसे करें?

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आलू में कोलेस्‍ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट मौजूद नहीं होता है। इसल‍िए यह हाई बीपी, हाई कोलेस्‍ट्रॉल, मोटापे और हार्ट ड‍िजीज के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद है। हालांक‍ि, अगर आलू के फ्राइज या च‍िप्‍स का सेवन करते हैं, तो उसमें मौजूद ट्रांस फैट से हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है इसलि‍ए आलू को उबालकर खाएं। ज्‍यादातर लोग फ्राई क‍िया हुआ आलू खाना पसंद करते हैं इसल‍िए बीपी में इससे परहेज करने की सलाह अक्‍सर दी जाती है। आलू में पोटैश‍ियम ज्‍यादा और सोड‍ियम कम होता है इसल‍िए भी यह हाई बीपी मरीजों की डाइट में शाम‍िल क‍िया जा सकता है। 100 ग्राम आलू में करीब 400 से 430 mg पोटैशियम होता है और इसमें करीब 7 से 10 mg सोड‍ियम होता है।

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क्‍या कहती हैं स्‍टडीज?

साल 2021 में Nutrients में प्रकाशि‍त एक स्‍टडी के मुताब‍िक, आलू वाली डाइट में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में शुरुआत की तुलना में लगभग 6.0 mmHg की कमी देखी गई। आलू वाली डाइट में सोडियम रिटेंशन भी कम म‍िला। हालांक‍ि, स्‍टडी में हाई बीपी में आलू खाने की बात को समर्थन नहीं द‍िया है, लेक‍िन इस स्‍टडी में हाई बीपी मरीजों को बेक्‍ड और उबले आलू खाने से कोई नुकसान नहीं हुआ।

साल 2024 में Human Nutrition & Metabolism में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में प्रत‍िभाग‍ियों को तीन समूहों में रखा गया। एक को तले हुए आलू द‍िए गए, दूसरे को बिना तले आलू (उबले, बेक्ड) और तीसरे ग्रुप को बिना आलू वाली DASH डाइट दी गई। DASH डाइट से बीपी में कोई खास अंतर नहीं द‍िखा। वहीं ब‍िना तले आलू वाले ग्रुप का बीपी सामान्‍य रहा। ऐसे में स्‍टडी के मुताब‍िक, यह कहा जा सकता है क‍ि बीपी और डायब‍िटीज के मरीज इसे डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं।

आलू में मौजूद फाइबर है बीपी मरीजों के ल‍िए फायदेमंद

100 ग्राम आलू में लगभग 2 से 2.5 ग्राम फाइबर होता है। डाइटरी फाइबर ब्‍लड ल‍िप‍िड प्रोफाइल, ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल को संतुल‍ित करने में मदद करता है जो क‍ि बीपी के मरीजों के ल‍िए एक पॉज‍िट‍िव संकेत है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है। इससे ओवरईट‍िंग और टोटल कैलोरी सेवन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। वजन कंट्रोल रहेगा, तो बीपी को भी कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी।

ये पोषक तत्‍व भी बीपी को सपोर्ट करते हैं 

  • आलू में मौजूद व‍िटाम‍िन सी कोलेस्‍ट्रॉल के बुरे प्रभावों से धमन‍ियों को सुर‍क्ष‍ित रखने में मदद करता है।
  • आलू में व‍िटाम‍िन बी6 भी पाया जाता है जो होमोसिस्टीन (Homocysteine) के स्‍तर को कंट्रोल करता है। इसके अध‍िक स्‍तर से हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

आलू का सेवन हाई बीपी के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद होता है। आलू में पोटैश‍ियम अध‍िक और सोड‍ियम कम होता है जो क‍ि हाई बीपी मरीजों के ल‍िए एक अच्‍छा व‍िकल्‍प है। आलू में फाइबर, व‍िटाम‍िन बी, सी, कॉपर, मैंगनीज वगैरह पाए जाते हैं जो कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल, वेट मैनेजमेंट, शुगर कंट्रोल, हार्ट ड‍िजीज और स्‍ट्रोक जैसी बीमार‍ियों से बचाव में मदद करते हैं। कई लोग आलू को फ्राई करके खाते हैं ज‍िससे उसमें ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है और यह बीपी मरीजों के ल‍िए नुकसादायक बन जाता है। जबक‍ि आलू में कोलेस्‍ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट मौजूद नहीं होता है। अगर इसे उबालकर खाएंगे, तो बीपी भी कंट्रोल रहेगा और स्‍वास्‍थ्‍य भी बेहतर बनेगा।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या आलू में सोडियम ज्यादा होता है?

    आलू में प्राकृत‍िक रूप से सोड‍ियम की‍ मात्रा कम होती है, लेक‍िन आलू में ऊपर से नमक डालने से सोड‍ियम की मात्रा बढ़ सकती है इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में ही इसका सेवन करें।
  • क्या डायबिटीज में आलू खा सकते हैं?

    डायब‍िटीज में आलू से पूरी तरह परहेज करने की सलाह नहीं दी जाती है। हालांक‍ि, इसे पकाने के तरीके पर गौर क‍िया जाना चाह‍िए। आलू को फ्राई करके खाने के बजाय बेक्‍ड करके या उबालकर खाएं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 25, 2026 17:22 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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