कुछ लोग अक्सर यह शिकायत करते हैं कि सुबह उठने के बा ब्लड प्रेशर हाई मापने पर उसकी रेंज हाई आती है। सामान्यतः ब्लड प्रेशर शब्द सुनते ही हम सजग हो जाते हैं और हमें लगता है कि यह एक गंभीर समस्या है। इसे मैनेज किया जाना बहुत जरूरी है वरना भविष्य में हार्ट से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसे में यह सवाल मन में जरूर आता है कि सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ जाता है? एक्सपर्ट की मानें, तो सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर का बढ़ना कोई गंभीर समस्या नहीं है। हालांकि, इसके पीछे कुछ कारण जिम्मेदार हैं। आइए, Meerut, Director - Cardiology & Chief Interventional Cardiologist at Metro Hospital and Heart Institute के डॉ. राजीव सक्सेना से जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।
सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ जाता है?
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विशेषज्ञ बताते हैं शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक के कारण तड़के सुबह तनाव से जुड़े हार्मोन जारी होते हैं, जो आपको जगाने के लिए तैयार करते हैं, जिससे इस दौरान ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। हालांकि, इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हैं, जैसे-
नींद से जुड़ी समस्या
डॉ. राजीव सक्सेना कहते हैं, "अगर किसी को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया या नींद से जुड़ी अन्य समस्या है, तो उन्हें सुबह नींद से उठने के बाद ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है। सवाल ऐसा क्यों होता है? इस बारे में विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद से जुड़ी परेशानी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के कारण सोते समय बार-बार सांस रुकती है या इसकी गति धीमी हो जाती है। ऐसे में शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है, नतीजतन नर्वस सिस्टम अधिक सक्रिय हो जाता है।" यही कारण है कि रात में बीपी का स्तर कम होने के बजाय बढ़ जाता है और नींद से उठने पर भी बीपी हाई रहता है। Integrated Blood Pressure Control में प्रकाशित एक शोध पत्र से पता चलता है कि नींद भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है।
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दवाओं का प्रभाव
कई बार सुबह के समय बीपी हाई होने के पीछे इसे नियंत्रित करने वाली दवाएं भी जिम्मेदार होती हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो अगर आप हाई बीपी की दवा सुबह के समय लेते हैं, तो अगली सुबह यानी लगभग 24 घंटे बाद तक शरीर में उस दवा का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है या खत्म हो जाता है। दवा का असर घटने के कारण हाई बीपी का अगला डोज लेने तक या सुबह नींद से उठने के बाद सुबह-सुबह बीपी स्पाइक कर सकता है।
देर रात की गलत आदतें
क्या आप जानते हैं कि देर रात की आपकी गलत आदतें भी बीपी के स्तर को हाई कर सकती हैं। इसे डॉ. राजीव सक्सेना सरल शब्दों में समझाते हैं कि अगर कोई रात के खाने में अधिक नमक यानी सोडियम का सेवन करते हैं, तो इससे भी सुबह के समय बीपी का स्तर बढ़ सकता है। दरअसल, सोडियम का सेवन करने से शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है। वहीं, अगर कोई रात को शराब या धूम्रपान करता है, तो भी सुबह के समय सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को उत्तेजित रखता है, जिससे सुबह का बीपी बढ़ा हुआ आता है।
मानसिक तनाव
अगर कोई लंबे समय से तनाव में है, तो इसकी वजह से भी अगली सुबह बीपी का स्तर बढ़ सकता है। डॉ. राजीव सक्सेना भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि अगर कोई गहरे तनाव या अवसाद में होता है, तो संभवतः ऐसे लोगों को सुबह नींद से उठने के बाद हाई बीपी की समस्या हो सकती है। असल में, तनाव में होने के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। वहीं, रात को अच्छी नींद भी नहीं आती है, जिससे सुबह के समय प्राकृतिक रूप से ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है।
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सुबह किस समय ब्लड प्रेशर मापना चाहिए?
डॉ. राजीव सक्सेना के अनुसार, "सुबह उठने के तुरंत बाद शरीर में स्ट्रेस हार्मोन सक्रिय होते हैं। बीपी मापने का सही समय नींद से उठने के 30-60 मिनट बाद होता है। इसके लिए पहले मूत्राशय (Bladder) खाली कर लें यानि पेशाब कर लें और इसके बाद आराम से बैठकर बीपी मापना चाहिए है। तुरंत बिस्तर से उठते ही मापा गया बीपी प्राकृतिक रूप से बढ़ा हुआ आ सकता है।"
किन लोगों को होता है अधिक जोखिम?
मौजूदा जीवनशैली के कारण कम उम्र के लोग भी हाई बीपी के मरीज हो रहे हैं। इसके बावजदू, किन लोगों को इसका जोखिम अधिक होता है, यह पता होना चाहिए, जैसे-
- 65 साल से अधिक उम्र होना।
- परिवार में हाई बीपी की मेडिकल हिस्ट्री होना।
- नियमित रूप से शराब का सेवन करना।
- लगातार स्मोकिंग करना।
- एंग्जाइटी या तनाव में रहना।
- रोजाना अच्छी और गहरी नींद न लेना।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि कभी-कभार होने वाला हाई ब्लड प्रेशर हमेशा चिंता का विषय हो, यह जरूरी नहीं है। हां, अगर किसी को रोजाना हाई बीपी की समस्या होती है, तो उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह हृदय संबंधी जोखिमों को बढ़ा सकता है, जिसमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना अधिक होती है। यही कारण है कि अगर आप नोटिस करें कि हर रोज सुबह आपका बीपी हाई रहता है, तो इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेने में देरी न करें।
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निष्कर्ष
सुबह उठने के बाद बीपी का स्तर बढ़ जाए, तो तुरंत चिंतित न हों। कभी-कभी ऐसा होना पूरी तरह नॉर्मल होता है। इसके पीछे मुख्य रूप से आपकी जीवनशैली जिम्मेदार होती है। वहीं, आपकी डाइट और नशीले पदार्थों का किया गया सेवन भी अहम भूमिका अदा करता है। हालांकि, डॉक्टर यह स्पष्ट करते हैं कि अगर अक्सर सुबह के समय बीपी का स्तर बढ़ जाता है, तो यह नोटिस करें कि कहीं इसके पीछे कोई मेडिकल कंडीशन तो जिम्मेदार नहीं है। स्थिति को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर के पास जरूर जाएं।
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FAQ
क्या सुबह की पहली बीपी रीडिंग लेने से पहले चाय या कॉफी पीना सही है?
नहीं, चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है और बीपी को अस्थायी रूप से बढ़ा सकता है।मॉर्निंग सर्ज क्या है और यह नॉर्मल बीपी बढ़ने से कैसे अलग है?
सुबह उठते समय बीपी का थोड़ा बढ़ना सामान्य होता है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता हैं। लेकिन, अगर सुबह की बीपी रीडिंग रात की रीडिंग की तुलना में 20 mm Hg से ज्यादा आती है, तो स्थिति को मेडिकल भाषा में मॉर्निंग सर्ज कहते हैं। यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।
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Sep 21, 2026 08:50 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Sanjeev Saxena
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