कई लोगों की रात को नींद बार-बार खुल जाती है। कुछ लोगों की नींद तो इतनी कच्ची होती है कि जरा सी आहट से ही गहरी नींद से उठ जाते हैं। भले ही हम इसे सामान्य समझें, लेकिन ऐसा होना सामान्य नहीं है। इसके पीछे कुछ ठोस कारणों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। आइए, ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Director-Neurology डॉ. अभिनव गुप्ता से जानते हैं कि रात को बार-बार नींद खुलने के पीछे क्या कारण हैं?
रात में बार-बार नींद खुलने के कारण
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1. नींद से संबंधित बीमारी
नींद से संबंधित कई तरह की बीमारियों के कारण मरीज रात को गहरी नींद नहीं ले पाते हैं। इनमें इंसोमनिया, स्लीप एप्निया और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम शामिल हैं। इंसोमनिया की बात करें, तो इसमें अक्सर लोगों को नींद नहीं आती है। नतीजतन, वे रात भर जगे रहते हैं। वहीं, स्लीप एप्निया होने की स्थिति में मरीज को सांस लेने में रुकावट पैदा होती है। एयर फ्लो बनाए रखने के लिए ब्रेन थोड़ी-थोड़ी देर में व्यक्ति उठा देता है, ताकि ऑक्सीजन सप्लाई बनी रहे। रेस्टलेस लेग सिंड्रोम में पैरों को हिलाने की आदत होती है, जो कि रात को सोते समय और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में पैरों में झुनझनाहट भी महसूस हो सकती है।
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2. स्वास्थ्य समस्याएं
अगर किसी को क्रोनिक बीमारी है, बाॅडी पेन या हार्मोनल समस्याएं हैं, तो संभवतः मरीज को रात को गहरी नहीं आ पाती है। ऐसी स्थिति में मरीज न चाहते हुए भी रात को बार-बार नींद से उठने लगते हैं। उदाहरण के रूप में समझें। अगर किसी क्रोनिक पेन है, तो रात को सोते हुए दर्द और ज्यादा महसूस होता है। ऐसे में व्यक्ति अच्छी नींद नहीं ले पाता है। इसी तरह, अगर किसी का ब्लड शुगर रात के समय गिर जाता है, तो भी नींद लेने में दिक्कतें आ सकती हैं।
3. मानसिक स्वास्थ्य
जिस तरह फिजिकल हेल्थ में हमें अच्छी और गहरी नींद लेने से रोकता है, उसी तरह बुरे मानसिक स्वास्थ्य का भी हमारी नींद पर बुरा असर पड़ता है। विशेषकर, स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन के मरीजों में नींद की कमी देखी जा सकती है। Sleep Foundation की मानें, तो तनाव, चिंता या अवसाद की स्थिति दिमाग बहुत ज्यादा सक्रिय रहता है। ऐसे में नींद में बने रहना काफी मुश्किल हो जाता है। चिंता से जूझ रहे लोग अक्सर बेचैनी से घिरे रहते हैं और अवसाद के मरीजों का स्लीप साइकिल बाधित होता है।
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निष्कर्ष
नींद बाधित होने के पीछे कई तरह के कारण है। इसलिए, किसी एक कारण को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है। नींद की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने सर्कैडियन रिदम को सुधारें। इसके लिए रात को सोने से 2-3 घंटे पहले डिनर कर लें, मोबाइल फोन से दूर रहें और सोते समय कमरे की बत्ती बुझा लें। इसके बावजूद, रात के समय नींद बार-बार टूटती है, तो डाॅक्टर के पास जाने में देरी न करें।
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FAQ
क्या बार-बार नींद खुलना किसी गंभीर बीमारी का संकेत है?
हां, बार-बार नींद खुलना स्लीप एप्निया (Sleep Apnea) या रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है।स्लीप एप्निया में नींद बार-बार क्यों टूटती है?
स्लीप एप्निया होने पर मरीज को सोते समय सांस में बार-बार रुकावट आती है। शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए मस्तिष्क आपको बार-बार जगा देता है ताकि आप ऑक्सीजन सप्लाई बानी रहे।तनाव हमारी नींद को कैसे प्रभावित करता है?
तनाव दिमाग को हमेशा अलर्ट मोड में रखता है। इससे शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो व्यक्ति को गहरी नींद में जाने से रोकता है।
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Current Version
May 04, 2026 15:26 IST
Modified By : Meera Tagore May 04, 2026 15:26 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhinav Gupta