आलू में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन जब यही आलू अंकुरित हो जाए, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। जैसे-जैसे आलू अंकुरित होता है उसमें मौजूद सोलेनिन (Solanine) और चाकोनीन (Chaconine) नामक दो हानिकारक कंपाउंड या रसायन की मात्रा बढ़ने लगती है। एक मीडियम साइज के आलू में 20 से 30 एमजी सोलेनिन हो सकता है। अगर शरीर में 200 एमजी सोलेनिन है, तो यह नुकसानदायक हो सकता है। यानी अगर आप 4 से 5 अंकुरित आलू खा लें, तो सोलेनिन की मात्रा शरीर में बढ़ जाएगी। इस वजह से अंकुरित आलू के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे सांस संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, हार्ट रेट बढ़ सकता है। आइए जानते हैं अंकुरित आलू खाने के अन्य नुकसान। बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
अमेरिका के नेशनल कैपिटल पॉइजन सेंटर (National Capital Poison Center) के अनुसार, अंकुरित आलू खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है। आलू हरे और अंकुरित इसलिए होते हैं क्योंकि वे नए पौधे बनाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे होते हैं। ताजे और बिना अंकुरित वाले आलू में ग्लाइको अल्कलॉइड (Glycoalkaloids or GA) की मात्रा बहुत कम होती है और खाना सुरक्षित माना जाता है।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (Food And Agriculture Organization Of The United Nations or FAO)
के मुताबिक, अंकुरित आलू और हरा आलू खाने से परहेज करना चाहिए। खाने वाले आलू को 6 से 8°C तापमान और हवादार जगह में रखने की सलाह दी गई है।
अंकुरित आलू खाने के क्या नुकसान हैं?
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- अंकुरित आलू खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
- पाचन समस्याएं भी हो सकती हैं।
- अंकुरित आलू खाने से पेट में जलन और उल्टी की समस्या हो सकती है।
- अंकुरित आलू न्यूट्रिशनल वैल्यू भी कमजोर होती है इसलिए इसे डाइट में शामिल करने से शरीर को आलू के पूर्ण फायदे नहीं मिलते।
- अंकुरित आलू खाने से कुछ लोगों को सिरदर्द, चेहरे पर रेडनेस, भ्रम और बुखार भी हो सकता है।
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क्या अंकुरित आलू को पकाने से नुकसान कम हो जाते हैं?
अंकुरित आलू को बेक करने, उबालने, तलने या माइक्रोवेव करने से भी ग्लाइको अल्कलॉइड पूरी तरह खत्म नहीं होते। हालांकि, पकाने से पहले आलू का छिलका हटाने से ग्लाइको अल्कलॉइड की मात्रा कम हो सकती है।
क्या कच्चा आलू खाना सुरक्षित है?
- कच्चे आलू में लेक्टिन (Lectins) नामक प्रोटीन होता है जिससे मतली, उल्टी या दस्त हो सकते हैं। इसलिए आलू को पकाकर या उबालकर ही खाना चाहिए।
- कच्चे आलू में कुछ ऐसे प्रकार के स्टार्च भी होते हैं जिन्हें पचाना मुश्किल होता है। इससे गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
- जब तक आलू को छीलकर अच्छी तरह धोया न जाए, तब तक उसकी सतह पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में पहुंचने का खतरा हो सकता है।
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अंकुरित आलू के नुकसान से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- आलू जरूरत के अनुसार ही खरीदें और बहुत ज्यादा मात्रा में स्टोर न करें।
- आलू खरीदते समय देखें कि उनमें अंकुर, तो नहीं निकले हैं और उनका छिलका हरा तो नहीं हुआ है।
- आलू को ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें। आलू को गर्म जगह या रोशनी के संपर्क में आने से उसमें क्लोरोफिल और ग्लाइको अल्कलॉइड बनने की प्रक्रिया काफी बढ़ जाती है।
- खाने से पहले आलू का छिलका हटा दें।
- अगर आपको आलू की गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो उसे फेंक देना बेहतर है।
- आलू को प्याज के साथ भी स्टोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्याज से निकलने वाली गैस आलू में अंकुर निकलने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं।
निष्कर्ष:
अंकुरित आलू में सोलेनिन और चाकोनीन नामक दो हानिकारक कंपाउंड पाए जाते हैं। अंकुरित आलू खाने से पाचन समस्याएं, उल्टी, दस्त, सिर दर्द, भ्रम, बुखार, सांस की समस्याएं, हार्ट रेट तेज हो सकता है। आलू खरीदने से पहले ध्यान रखें कि उसमें अंकुर न निकल रहे हों या छिलका हरा न हो। आलू को ठंडी और अंधेरी जगह पर स्टोर करना चाहिए। आलू को प्याज के साथ स्टोर करने से बचें। साथ ही, कच्चा आलू खाने से बचना चाहिए क्योंकि उसमें लेक्टिन होता है जिससे पाचन समस्याएं हो सकती हैं। अंकुरित आलू को बेक करने, उबालने, तलने या माइक्रोवेव करने उसके नुकसान कम नहीं होते इसलिए अंकुरित आलू का सेवन नहीं करना चाहिए।
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FAQ
क्या रोज आलू खाना सही है?
हां, संतुलित मात्रा में आलू खाया सकते हैं, लेकिन अगर आप वेट लॉस कर रहे हैं, तो कैलोरी का ध्यान रखें। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी बढ़ सकती है।क्या डायबिटीज में आलू खा सकते हैं?
डायबिटीज में आलू से परहेज नहीं किया जाता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शुगर और कार्ब्स होता है इसलिए सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है।
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Sep 22, 2026 19:56 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha
