Tue Sep 22, 2026 | 09:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

क्या प्याज खाने से वाकई कोलेस्ट्रॉल घटता है, जानें क्या कहती है रिसर्च और एक्‍सपर्ट की राय?

प्‍याज में सल्‍फर, क्वेरसेटिन जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो ल‍िप‍िड प्रोफाइल और गुड कोलेस्‍ट्रॉल को सपोर्ट करते हैं। जानें क्‍या प्‍याज खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल घटता है?
क्या प्याज खाने से वाकई कोलेस्ट्रॉल घटता है, जानें क्या कहती है रिसर्च और एक्‍सपर्ट की राय?क्या प्याज खाने से वाकई कोलेस्ट्रॉल घटता है, जानें क्या कहती है रिसर्च और एक्‍सपर्ट की राय?

आजकल हर ड‍िश में प्‍याज मौजूद होती है। प्‍याज के सेवन से खाने का स्‍वाद बढ़ जाता है। अक्‍सर यह कहा जाता है क‍ि प्‍याज का सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटता है। यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। अगर प्‍याज को अध‍िक फ्राई करके बनाया जाए, तो बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है। कोलेस्‍ट्रॉल दो तरह का होता है पहला गुड कोलेस्‍ट्रॉल यानी HDL और दूसरा बैड कोलेस्‍ट्रॉल यानी LDL। बैड कोलेस्‍ट्राॅल के बढ़ने से शरीर में हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा ज्‍यादा होता है। कई स्‍टडीज में बताया गया है क‍ि प्‍याज खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। आइए जानते हैं आख‍िर प्‍याज खाने से वाकई कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल होता है या नहीं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

प्‍याज खाने से लि‍प‍िड प्रोफाइल में सुधार देखा गया

साल 2021 में Food Science & Nutrition में प्रकाश‍ित एक मेटा-एनालिसिस में प्‍याज का सेवन करने से लिपिड प्रोफाइल के स्‍तर में सुधार देखा गया। इससे HDL, LDL और टोटल कोलेस्ट्रॉल के लेवल में सुधार देखा गया, लेकिन ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में इसका असर नहीं पाया गया। प्‍याज का सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल सुधरता है, लेक‍िन इसे सीधे तौर पर कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने वाला फूड समझकर खाया नहीं जा सकता।

मेटा-एनालिसिस के आंकड़े

  • HDL में औसतन 2.29 mg/dL की बढ़ोतरी हुई।
  • LDL में औसतन 6.64 mg/dL की कमी देखी गई।
  • टोटल कोलेस्ट्रॉल में औसतन 5.39 mg/dL की कमी पाई गई।

क्‍या प्‍याज खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटता है?

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प्‍याज का सेवन, ल‍िप‍िड प्रोफाइल और कोलेस्‍ट्रॉल को सपोर्ट करता है, लेक‍िन सीधे तौर पर प्‍याज खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कम नहीं होता है। प्‍याज में सल्‍फर होता है। एक प्‍याज में 30 से 40 कैलोरी हो सकती हैं। प्‍याज में फोलेट, आयरन, पोटैशियम और विटामिन सी, बी6 जैसे कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। प्‍याज में एंटीऑक्‍सीडेंट्स और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। ये गुण गुड कोलेस्‍ट्रॉल को सपोर्ट करते हैं, लेक‍िन ये कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में अहम भूम‍िका नहीं न‍िभाते हैं। वहीं, अगर प्‍याज को ज्‍यादा तेल में पकाकर खाएंगे, तो यह हार्ट के ल‍िए नुकसानदायक साब‍ित होगा और बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है।

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प्‍याज खाने से हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है

प्‍याज खाने से सीधे तौर पर कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कम नहीं होता, लेक‍िन यह हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट करती है। प्‍याज में फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) मौजूद होते हैं। फ्लेवोनॉयड्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। कुछ फ्लेवोनॉयड्स के लिपिड मेटाबॉलिज्म और कोलेस्ट्रॉल पर भी अच्‍छा असर होता है। प्‍याज में क्वेरसेटिन (Quercetin) पाया जाता है जो क‍ि हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद है।

क्या ज्यादा प्याज खाने से कोई नुकसान हो सकता है?

हां, बहुत ज्यादा प्याज खाने से कुछ लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है। खासकर कच्चा प्याज अगर ज्‍यादा मात्रा में खा ल‍िया जाए, तो पेट फूलना, गैस, पेट दर्द या एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। प्याज में कुछ ऐसे कार्ब्स मौजूद होते हैं, जिसे कुछ लोगों का पाचन तंत्र आसानी से नहीं पचा पाता है। इससे पेट में गैस बढ़ सकती है।

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प्याज खाने का सही तरीका

  • प्याज को सलाद के रूप में कच्चा खाया जा सकता है, लेक‍िन इसे काटने के बाद तुरंत खा लें, ज्‍यादा देर तक प्‍याज छीलकर नहीं रखना चाह‍िए। इसे खीरा, टमाटर और अन्य सब्जियों के साथ सलाद में शामिल किया जा सकता है।
  • प्याज को दाल, सब्जी, सूप या अन्य संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

प्याज खाने का गलत तरीका

  • बहुत ज्यादा कच्चा प्याज खाना कुछ लोगों को पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • इसके अलावा, प्याज को बहुत ज्यादा तेल में तलकर या ज्यादा नमक वाले भोजन के साथ खाने से डाइट की कुल कैलोरी और नमक की मात्रा बढ़ सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

प्‍याज का सेवन, ल‍िप‍िड प्रोफाइल और कोलेस्‍ट्रॉल को सपोर्ट करता है, लेक‍िन सीधे तौर पर प्‍याज खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल नहीं होता है। यह एचडीएल को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है और एचडीएल को कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकता है। प्‍याज में क्वेरसेटिन पाया जाता है जो क‍ि हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद है। ज्‍यादा प्‍याज का सेवन करने से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। खासकर, कच्‍चा प्‍याज खाने से पेट दर्द, गैस, ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। कच्‍ची प्‍याज की अध‍िक मात्रा का सेवन और अध‍िक तेल में प्‍याज को पकाकर खाने से बचना चाह‍िए। प्याज को दाल, सब्जी, सूप या अन्य संतुलित भोजन के साथ ले सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या प्याज खाने से गैस बन सकती है?

    हां, प्‍याज खाने से गैस हो सकती है, खासकर कच्चा प्याज कुछ लोगों में गैस, पेट फूलना या पेट में असहजता पैदा कर सकता है।
  • क्या प्याज खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं?

    प्याज में कुछ यौगिक पाए जाते हैं जिनका संबंध हड्ड‍ियों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के साथ देखा गया है। हालांकि, हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम, विटामिन डी जरूरी है। 

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 22, 2026 19:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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