Fri Sep 11, 2026 | 06:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sanket Garg , Senior Consultant – Cardiac Surgery - Metro Heart Institute, Noida

शरीर में दिखने वाले हाई कोलेस्ट्रॉल के 7 संकेत, जिन्हें अक्सर लोग कर देते हैं नजरअंदाज

हाई कोलेस्ट्रॉल उन बीमारियों में से हैं, जिनके शुरुआती स्तर में किसी तरह के संकेत या लक्षण नजर नहीं आते हैं। जैसे-जैसे समय बीतता है, वैसे शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं, जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना आदि।

हाल के सालों में हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर अक्सर लोगों को इसके शुरुआती संकेतों का पता नहीं चलता है। जबकि, हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इस लेख में हम आपको हाई कोलेस्ट्रॉल से संबंधित कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं। इन संकेतों को जानकर आप सावधनी जरूर बरतें। इस बारे में जानने के लिए हमने नोएडा के Metro Heart Institute में Senior Consultant – Cardiac Surgery डॉ. संकेत गर्ग से बात की।

हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत

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हाई कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी समस्या है, जिसके शुरुआती समय में किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आते हैं। इसलिए इसे एसिम्प्टेमेटिक यानी बिना किसी के लक्षण वाली बीमारी कहा जाता है। इसके बावजूद कुछ लक्षण समय के साथ-साथ नजर आ सकते हैं, जैसे-

1. जैंथोमा होना

जैंथोमा, त्वचा के नीचे वसा या कोलेस्ट्रॉल के जमने से बनने वाली पीले रंग की गांठें या उभार को कहा जाता है। इसमें किसी तरह का दर्द नहीं होता है। यही कारण है कि लोग अक्सर इसे सामान्य समस्या समझकर दरकिनार कर देते हैं। यह आमतौर पर खून में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा बहुत अधिक बढ़ने के कारण होता है। इस लक्षण को आप नजरअंदाज न करें। इसका मतलब है कि जल्द से जल्द हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने की कोशिश करें।

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2. कॉर्नियल आर्कस

कॉर्नियल आर्कस को आर्कस सेनिलिस भी कहा जाता है, आंख के कॉर्निया के चारों ओर बनने वाला सफेद, भूरे या नीले रंग का रिंग होता है। यह आंखों की पुतली के बाहरी हिस्से पर वसा और कोलेस्ट्रॉल के जमा होने के कारण बनता है। यह भी हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण है। इसे इग्नोर किया जाना सही नहीं है। अगर आपको अपने आंखों के आस-पास कॉर्निया आर्कस दिखे, तो इसे इग्नोर करने के बजाय हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के प्रति उचित कदम उठाएं।

3. सीने में दर्द

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हाई कोलेस्ट्रॉल में सीने में दर्द तब होता है, जब आपकी कंडीशन काफी हद तक बिगड़ जाती है। आमतौर पर हल्का-फुल्का सीने में दर्द होने पर लोग इसे ठंड लगने से जोड़कर देखते हैं और इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ऐसा किया जाना सही नहीं है। हाई कोलेस्ट्रॉल में सीने में दर्द होने का मतलब है कि हार्ट में ब्लड फ्लो कम हो रहा है। कई मामलों में सीने में भारीपन भी महसूस हो सकता है।

4. पैरों में दर्द होना

पैरों में दर्द होना एक सामान्य समस्या लगती है। कई बार बहुत देर तक खड़े रहना या लंबे समय तक चलने के कारण पैरों में दर्द हो सकता है, जो कि पूरी तरह सामान्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर भी पैरों में दर्द हो सकता है? American Heart Association की मानें, तो हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का जोखिम बढ़ता है। इस तरह की बीमारी में शरीर के ऊपरी हिस्से, हाथ और पैरों की ओर ब्लड फ्लो कम होता है, जिससे पैरों में दर्द होने लगता है।

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5. सांस लेने में तकलीफ

यह तो आप जानते ही हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल एसिम्प्टेमेटिक समस्या है। इसके बावजूद, जैसे-जैसे समय बीतता जाता है हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण तीव्रता से उभरते हुए नजर आने लगते हैं। ऐसा ही एक लक्षण है सांस लेने में तकलीफ होना। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण व्यक्ति को थोड़ा सा चलते ही सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। Cleveland Clinic की मानें, तो आर्टरीज प्लाक जमने लगता है, जिससे हार्ट और ब्रेन में ब्लड फ्लो बाधित हो जाता है। नतीजतन, जबड़ों में दर्द होने लगता है और सांस लेने में भी दिक्कतें आने लगती हैं।

6. चक्कर आना और सिर घूमना

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हाई कोलेस्ट्रॉल सीधे तौर पर शुरुआती दिनों सिर घूमने या चक्कर आने जैसी समस्या का कारण नहीं बनता है। हां, जब हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, तो व्यक्ति को सिर घूमने की दिक्कतें होने लगती हैं। 

साल 2011 में Acta Neurol Taiwan में प्रकाशित एक अध्ययन से यह पता चलता है कि अगर किसी मरीज को बिना किसी स्पष्ट कारण के सिर्फ चक्कर आने की शिकायत रहती है, तो इसका सीधा संबंध बढ़ती उम्र, यूरिक एसिड, बॉडी मास इंडेक्स और हाई कोलेस्ट्रॉल को जिम्मेदार माना जा सकता है।

7. हाथ-पांव का ठंडा होना

हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के हाथ-पांव स्वस्थ लोगों की तुलना में अधिक ठंडे होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण ब्लड वेसल्स की अंदरूनी दीवार में प्लाक जम जाता है और आर्टरीज संकुचित हो जाती हैं। ऐसे में ब्लड फ्लो बाधित होने लगता है और हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हाथ-पांव तक पर्याप्त ब्लड फ्लो नहीं हो पाता है, जिससे हाथ-पांव शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक ठंडे रहते हैं।

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निष्कर्ष

हाई कोलेस्ट्रॉल अपने आप में कोई गंभीर समस्या नहीं, लेकिन अगर इसे लंबे समय तक इग्नोर किया जाए, तो यह कई खतरनाक बीमारी की वजह बन सकता है। इसके कारण सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि अपने वजन को संतुलित रखें और कोलेस्ट्रॉल की समस्या न होने दें। अगर उपरोक्त कोई भी लक्षण या संकेत नजर आएं, तो तुरंत एलर्ट हो जाएं और जीवनशैली में जरूरी बदलाव करें।

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FAQ

  • बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में क्या पी सकते हैं?

    ग्रीन टी, ओट्स स्मूदी, आंवला रस और टमाटर का रस पीने से प्राकृतिक रूप से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम किया जा सकता है।
  • लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने से कम से कम कितने घंटे पहले फास्टिंग करनी चाहिए?

    विशेषज्ञ की मानें, तो सटीक नतीजों के लिए लिपिड प्रोफाइल ब्लड टेस्ट कराने से पहले आमतौर पर 9 से 12 घंटे तक भूखे पेट रहने की सलाह दी जाती है।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 11, 2026 15:27 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Sep 11, 2026 15:27 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Sanket Garg

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