Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर रात के खाने में क्या खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में रात का खाना अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, आप अपने डिनर में फाइबर से भरपूर फूड्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं।

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जब भी बात दिल की सेहत की आती है, तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में कोलेस्ट्रॉल लेवल आता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में मौजूद एक तरह का फैट होता है, जो शरीर के लिए अच्छा और बुरा दोनों होता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर यह धमनियों में जमा हो जाता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में आपका डिनर न सिर्फ एक मील होता है, बल्कि दिल की सेहत को बेहतर रखने का एक बेहतरीन तरीका भी हो सकता है। डाइटिशियन स्मिता सिंह की मानें तो डिनर हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा होता है। दिनभर के मुकाबले रात का खाना हल्का, संतुलित और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। खासकर तब जब आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादा हो। रात को सोने से पहले गलत खानपान की आदतें आपकी स्थिति को बिगाड़ सकती हैं। इसलिए आइए Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से जानते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर रात के खाने में क्या खाना चाहिए?

हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए रात के खाने में क्या खाएं?

डाइटिशियन स्मिता सिंह का कहना है कि रात के खाने में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जो हल्के, पौष्टिक और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मददगार हों।

1. फाइबर से भरपूर फूड्स

हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए रात के खाने में फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करना एक बेहतरीन विकल्प होता है। इसलिए, अपनी डाइट में ओट्स, जौ, दालें और ब्रोकली आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं। 2019 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार डाइटरी फाइबर का इस्तेमाल स्टेटिन यानी कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा के साथ एक आहार बदलाव के रूप में किया जा सकता है। इससे टोटल और LDL कोलेस्ट्रॉल को और बेहतर तरीके से कम करने, दवा की खुराक को कम करने, दवा के साइड इफेक्ट्स को कम करने और शरीर के लिए दवा के असर को आसान बनाने में मदद मिल सकती है। साबुत खाद्य पदार्थों में मौजूद घुलनशील और अघुलनशील फाइबर के कई ऐसे फायदे होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल में सुधार करते हैं। इसलिए, आप अपने डिनर में ओट्स खिचड़ी, मिक्स वेजिटेबल दलिया या दाल रोटी बनाकर खा सकते हैं।

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2. हरी पत्तेदार सब्जियां

हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां काफी फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें मौजूद हाई फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट गुण कोलेस्ट्रॉल को नसों में जमने से रोकने में मदद करते हैं। इसलिए, आप अपने रात के खाने में पालक, मेथी और सरसों का साग जैसी सब्जियां शामिल कर सकते हैं। 2019 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार 6 हफ्तों तक इन हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में कमी देखी गई है। साथ ही रिसर्च में यह बताया गया है कि पालक, पार्सले और कोलार्ड जैसी सब्जियां खाने से दिल की बीमारियों के जोखिम कम हो सकते हैं।

3. हेल्दी फैट्स

हेल्दी फैट्स हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इसलिए कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई होने पर आप अपने डिनर में हेल्दी फैट जैसे जैतून का तेल, अलसी के बीज और अखरोट को शामिल कर सकते हैं। Cleveland Clinic के अनुसार, जैतून के तेल में कुछ सैचुरेटेड फैट होता है, लेकिन इसके स्वास्थ्य फायदों के कारण इसे अपनी डाइट में सीमित मात्रा में शामिल करना फायदेमंद है। सैचुरेटेड फैट वाले अन्य फूड्स, जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, उनमें एवोकैडो और अखरोट शामिल हैं।

4. प्रोटीन से भरपूर फूड्स

कम फैट वाले प्रोटीन का सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद होता है। इसलिए, आप अपनी डाइट में दालें, चना, लो-फैट पनीर, टोफू, आदि का सेवन डिनर में शामिल कर सकते हैं। 2017 में Journal Of The American Heart Association में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, जानवरों के प्रोटीन जैसे मीट, अंडे और डेयरी की जगह पौधों से मिलने वाला प्रोटीन जैसे दालें, सोयाबीन और ड्राई फ्रूट्स का सेवन दिल के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह बदलाव आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं। प्लांट प्रोटीन आपकी नसों को साफ रखने और दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद करता है।

5. साबुत अनाज

शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर इसे कम करने के लिए आप अपने रात के खाने में साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं, जिसमें ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी, क्विनोआ, चोकर वाला आटा आदि चीजों से बना खाना खा सकते हैं। 2015 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नॉर्मल अनाज जैसे मैदा या रिफाइंड चीजों के मुकाबले साबुत अनाज खाना कोलेस्ट्रॉल के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। रिसर्च के मुताबिक साबुत अनाज खाने से शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल काफी कम हो जाता है। हालांकि, इसका अच्छे कोलेस्ट्रॉल पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। इसमें भी ओट्स कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सबसे ज्यादा असरदार और बेहतरीन माना जाता है।

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किन चीजों से पूरी तरह परहेज करें?

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के अनुसार रेड और प्रोसेस्ड मीट, बटर, घी, ट्रॉपिकल ऑयल, फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, बिस्किट, केक या पेस्ट्री जैसी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। डाइटिशियन स्मिता सिंह के अनुसार भी हाई कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने के लिए अपनी डाइट में ऐसे फूड्स को शामिल करने से बचना चाहिए, जो इसके बढ़ने का कारण बन सकता है।

  • तला भुना खाना जैसे- समोसे, पकौड़े, पूड़ी और डीप-फ्राइड स्नैक्स से बचें।
  • ट्रांस फैट जैसे बिस्किट, केक, पेस्ट्री और अन्य बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद स्नैक्स को खाने से बचना चाहिए।
  • रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट जैसे मटन, पोर्क और सॉसेज जैसे फूड्स को खाने से परहेज करना चाहिए।
  • फुल-फैट डेयरी फूड्स जैसे मलाई, मक्खन, क्रीम और हाई-फैट चीज खाने से बचना चाहिए।
  • ज्यादा नमक और चीनी के सेवन से भी बचना चाहिए, खासकर कोल्ड ड्रिंक्स पीने से।

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सोने से पहले डिनर का सही समय

कोलेस्ट्रॉल और वजन को कंट्रोल रखने के लिए डिनर का सही समय भी बहुत अहम माना जाता है। डाइटिशियन स्मिता सिंह की मानें तो रात का खाना सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले खा लेना चाहिए। इसके लिए आपको शाम 7 से 8 बजे के बीच खाना खा लेना सबसे बेहतर माना जाता है। देर रात तक खाना खाने से आपकी पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है, जो न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा सकती है, बल्कि वजन बढ़ने का मुख्य कारण भी बन सकती है।

क्या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर रात में अंडा खा सकते हैं?

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर आप अंडे का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित माना जाता है। अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल होता है, इसलिए आप हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में हफ्ते में सिर्फ 3 से 4 से ज्यादा अंडे न खाएं। अगर आपको अपने रात के खाने में अंडा शामिल करना है तो उसे उबाल कर खाना ज्यादा बेहतर हो सकता है, तलने से ज्यादा।

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गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल में अंतर

डाइटिशियन स्मिता सिंह ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में मौजूद एक तरह का फैट होता है। यह तीन तरह का होता है, जिन्हें आमतौर पर हम गुड, बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में जानते हैं। हमारे शरीर की नसों में कोलेस्ट्रॉल ले जाने के लिए दो मुख्य लिपोप्रोटीन होते हैं लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL), जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल के रूप में जानते हैं और दूसरा हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL), जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल के रूप में जानते हैं। Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार, LDL हमारे शरीर में सबसे ज्यादा होता है और अगर शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाए तो यह नसों में जमा होकर उन्हें ब्लॉक कर सकता है। ऐसी स्थिति में यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है। जबकि HDL खून में जमे गंदे कोलेस्ट्रॉल को समेटकर वापस लिवर तक पहुंचाता है, जहां से इसे शरीर के बाहर निकाल दिया जाता है। शरीर में इसका लेवल जितना ज्यादा होगा, दिल की बीमारी का जोखिम उतना ही कम होगा। ट्राइग्लिसराइड्स भी एक तरह का फैट होता है, जिसकी मात्रा ज्यादा होने पर दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

डॉक्टर से कब सलाह लें?

अगर आपकी लिपिड प्रोफाइल रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल का लेवल लगातार बढ़ा हुआ आ रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, अगर आपको सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसी दिल से जुड़ी समस्याएं महसूस हो रही हैं या आपके परिवार में दिल की बीमारी का कोई इतिहास रहा हो तो तुरंत जांच करवाएं। इसके साथ ही, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज भी समय-समय पर अपने लिपिड प्रोफाइल की जांच करवाएं और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने के लिए सही डाइट प्लान को फॉलो करें।

निष्कर्ष

हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को नजरअंदाज करना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि, आप इसे अपनी सही डाइट और लाइफस्टाइल की मदद से कंट्रोल कर सकते हैं। खासकर रात के खाने में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए, जो पचने में आसान, हेल्दी और संतुलित हो। इसलिए, आप अपने डिनर में फाइबर से भरपूर अनाज, हरी सब्जियां, हेल्दी प्रोटीन और साबुत अनाज शामिल करें। ये फूड्स आपके दिल को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। वहीं तला-भुना, प्रोसेस्ड और देर रात का खाना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इसके साथ ही, नियमित रूप से आप अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करवाएं, ताकि स्थिति को गंभीर होने से पहले कंट्रोल किया जा सके।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • कौन सी सब्जी खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है?

    कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए भिंडी, बैंगन, ब्रोकली, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां और गाजर का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है। इन फूड्स में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।
  • शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के क्या लक्षण हैं?

    कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के ज्यादातर मामलों में शुरुआत में कोई खास लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में अचानक सीने में दर्द, ज्यादा थकान, सांस फूलना या पैरों में दर्द और भारीपन की समस्या महसूस हो सकती है।
  • कोलेस्ट्रॉल में रात दूध पी सकते हैं क्या?

    कोलेस्ट्रॉल में आप रात को बिना मलाई वाला या टोंड मिल्क पी सकते हैं, क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल में रात में चावल खाना चाहिए या नहीं

    रात में सफेद चावल खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह ट्राइग्लिसराइड्स और वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। सफेद चावल के स्थान पर आप ब्राउन राइस या दलिया खा सकते हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले फल कौन से हैं?

    हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आप अपनी डाइट में सेब, पपीता, संतरा और अंगूर शामिल कर सकते हैं, क्योंकि इनमें पेक्टिन नाम का फाइबर होता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 21, 2026 14:05 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 21, 2026 14:05 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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