Mon Oct 12, 2026 | 07:52 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नवरात्रि व्रत में न करें ये 5 गलतियां, डायटिशियन से जानें किन चीजों का रखें परहेज

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज भी नवरात्रि के व्रत रखते हैं और फास्टिंग के दौरान कई बार वे ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो सकती है। इस लेख में डायटिशियन ने हाई बीपी के मरीजों को कुछ चीजों से परहेज करने की सलाह दी है।  
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नवरात्रि व्रत में न करें ये 5 गलतियां, डायटिशियन से जानें किन चीजों का रखें परहेजहाई ब्लड प्रेशर के मरीज नवरात्रि व्रत में न करें ये 5 गलतियां, डायटिशियन से जानें किन चीजों का रखें परहेज

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नवरात्रि व्रत में फलाहार रख लेते हैं, तो कुछ लोग एक समय का खाना खाते हैं। ऐसे में कई बार हाई बीपी के मरीज व्रत के दौरान अपनी दवाएं लेना भूल जाते हैं। इसके साथ कई बार खाने-पीने में भी परहेज छूट जाता है। नवरात्रि की फास्टिंग में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए? यह जानने के लिए हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि व्रत में लंबे समय तक खाली पेट रहने और कम पानी पीने से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दिक्कत हो सकती है।

नवरात्रि व्रत में कौन सी 5 गलतियां न करें

Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं, “सही खान-पान, रेगुलर दवाएं और ब्लड प्रेशर चेक करते रहने से व्रत के दौरान हाई बीपी के मरीज सेहतमंद तरीके से फास्टिंग कर सकते हैं। अगर संभव हो, तो हाई बीपी के मरीजों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।”

1. व्रत के दौरान ब्लड प्रेशर की दवा न लेना

Meena Kumari ने कहा, “नवरात्रि में व्रत रखने के कारण मरीज ब्लड प्रेशर की दवा लेना बंद कर देते हैं। कुछ लोग खाली पेट रहने या खाने का समय बदलने के कारण भी दवा लेने का समय भी बदल देते हैं। ऐसा करने से मरीज की तबीयत खराब हो सकती है। हालांकि, व्रत के दौरान ब्लड प्रेशर की दवा कब लेनी है, इसके बारे में डॉक्टर से पहले ही बात कर लें। वह मरीज की मेडिकल कंडीशन के मुताबिक दवा का समय तय करने में मदद कर सकते हैं। सबसे जरूरी यह है कि ब्लड प्रेशर की दवा अपनी मर्जी से बंद न करें और न ही इसकी डोज बदलें।”

2. सेंधा नमक ज्यादा मात्रा में लेना

Meena Kumari कहती हैं, “अक्सर हाई बीपी के मरीज कहते हैं कि सेंधा नमक सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन सेंधा नमक भी सोडियम का स्रोत है। इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में खाना हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सही नहीं है। व्रत के दौरान हाई बीपी के मरीज फलाहार में कुट्टू की पूरी, आलू के चिप्स, पकौड़े और ज्यादा तेल-घी में बनी चीजें खाने लगते हैं। उन्हें इसके बजाय कम नमक और कम तेल में बने विकल्प चुनने चाहिए। अगर आलू या साबूदाने की कोई डिश खा रहे हैं, तो उसमें नमक और तेल की मात्रा का ध्यान रखें।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वयस्क को दिनभर में एक छोटा चम्मच नमक लेना चाहिए।

3. पानी की कमी होना

Meena Kumari ने बताया कि व्रत के दौरान कई बार लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते। इससे प्यास, कमजोरी और चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर भी प्रभावित हो सकता है। जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या है, उन्हें अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी पीना चाहिए। हाई बीपी के मरीज नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ ले सकते हैं, लेकिन नींबू पानी या छाछ में चीनी न डालें।

NCBI में प्रकाशित स्टडी में करीब 46 साल के 3823 हाई बीपी वाले लोगों को लिया गया। जिन लोगों ने रोजाना 6 कप सादा पानी पिया था, उनमें हाई बीपी का रिस्क काफी कम था। यह अध्ययन दर्शाता है कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को रोजाना करीब 6 से 8 कप पानी पीना चाहिए।

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4. फलाहार सही न लेना

Meena Kumari ने बताया कि हाई बीपी के मरीजों को व्रत में क्या खा रहे हैं, इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए। तली-भुनी चीजों के अलावा ताजे फल, बिना ज्यादा चीनी वाला दही, दूध, भुना मखाना और थोड़ी मात्रा में बादाम-अखरोट ले सकते हैं। कम तेल में बनी साबूदाने की खिचड़ी भी अच्छा ऑप्शन हो सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि साबूदाने की खिचड़ी या कुट्टू के खाने में नमक और तेल ज्यादा न हो। एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। अगर व्रत के दौरान लंबे समय तक खाली पेट रहने से कमजोरी या चक्कर आते हैं, तो अपनी सेहत के मुताबिक व्रत के तरीके में बदलाव के लिए डाइटिशियन से सलाह लें सकते हैं।

5. ब्लड प्रेशर चेक न करना

Meena Kumari ने कहा, “हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को व्रत के दौरान अपनी कंडीशन पर नजर रखनी चाहिए। हाई बीपी के मरीजों को रोजाना अपना बीपी मॉनीटर करना चाहिए और अगर रीडिंग ज्यादा आ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। चक्कर आना, अचानक कमजोरी महसूस होना या धुंधला दिखाई देना जैसे हाई बीपी के लक्षण महसूस होने पर आराम करना चाहिए और डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

हाई बीपी में किन चीजों का परहेज रखना जरूरी

Meena Kumari हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सलाह देती हैं कि व्रत के दौरान इन बातों का खास ध्यान रखें।

  • नमक की मात्रा कम से कम लें।
  • तले-भुने फूड्स न खाएं।
  • तेल की मात्रा सीमित रखें।
  • ताजे फल ज्यादा से ज्यादा लें।
  • कुट्टू, मलाई, क्रीम या आलू जैसे फूड्स डॉक्टर की सलाह पर लें।
  • कोल्ड ड्रिंक्स या फ्लेवर्ड ड्रिंक्स से परहेज करें।

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निष्कर्ष
नवरात्रि में व्रत रखना आस्था का हिस्सा है, लेकिन सेहत का भी ध्यान रखना उतना ही जरूरी है। हाई बीपी के मरीजों को व्रत रखते समय अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए और साथ ही खान-पान पर भी पूरी नजर रखना जरूरी है। अगर व्रत के दौरान दवा, खाने या पानी को लेकर कोई उलझन हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • क्या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नवरात्रि का व्रत रख सकते हैं?

    फास्टिंग तो कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बहुत सावधानी बरतनी होती है। लंबे समय तक भूखे रहने, पानी कम पीने और अधिक तला-भुना फलाहार खाने से ब्लड प्रेशर अचानक बहुत ज्यादा या बहुत कम हो सकता है।
  • व्रत में बीपी को कंट्रोल रखने के लिए सबसे सही फलाहारी विकल्प क्या हैं?

    तली-भुनी चीजों के बजाय सूखा भुना हुआ मखाना, उबली शकरकंद, फल जैसे केला, सेब, अनार, ताजा नारियल पानी, मलाई उतरा हुआ दूध और प्लेन छाछ ले सकते हैं। ये पोटेशियम से भरपूर होते हैं जो बीपी नियंत्रित रखते हैं।
  • क्या चाय या कॉफी का ज्यादा सेवन व्रत में ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है?

    व्रत के दौरान खाली पेट बार-बार चाय या कॉफी पीने से डिहाइड्रेशन बढ़ता है और पेट में एसिडिटी होती है। यह कैफीन का असर मिलकर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 12, 2026 18:38 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari