आज के समय में ज्यादातर लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान रहते हैं। इन लोगों को अक्सर जंक फूड या ज्यादा तले-भुने जैसे फूड्स को खाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, लोगों को खान-पान पर खास ध्यान देने की सलाह भी दी जाती है, खासकर बाहर खाना खाते समय। आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
हाई कोलेस्ट्रॉल में बाहर खाते समय जरूरी बातें
डॉ. अरविंद के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए बाहर खाना काफी चैलेंजिंग हो सकता है, खासकर तब जब रेस्टोरेंट के खाने में बहुत ज्यादा सैचुरेटेड फैट, डीप फ्राइड चीजें, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और बहुत सारा तेल हो। इनके कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को रेस्टोरेंट जाने से पूरी तरह बचना चाहिए या अपने पसंदीदा खाने को छोड़ देना चाहिए। इन लोगों को सही चुनाव करने और खाने की मात्रा (पोर्शन साइज) पर ध्यान देने से दिल के लिए अच्छी डाइट बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
1. खाना पकाने का तरीका
ध्यान रखने वाली सबसे जरूरी बातों में से एक है खाना पकाने का तरीका। डीप-फ्राइड खाने के बजाय ग्रिल्ड, स्टीम्ड, बेक्ड, रोस्टेड या हल्के सॉटे किए गए व्यंजन चुनें। फ्राइड स्नैक्स, क्रीमी करी, बटर वाली ग्रेवी और ज़्यादा घी से बने व्यंजनों में काफ़ी मात्रा में सैचुरेटेड फैट हो सकता है। ऐसे खाने का नियमित सेवन LDL कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।
इसे भी पढ़ें: हाई कोलेस्ट्रॉल में कैसी हो डाइट, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें क्या खाएं और किन चीजों से बनाए दूरी?
2. फैट टाइप पर ध्यान दें
रेस्टोरेंट में खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले फैट के टाइप का ध्यान रखना भी फ़ायदेमंद है। हालांकि कुछ वनस्पति तेलों से मिलने वाले अनसैचुरेटेड फैट आमतौर पर मक्खन, क्रीम या वनस्पति की तुलना में बेहतर विकल्प होते हैं, फिर भी तेल की कुल मात्रा मायने रखती है। जब संभव हो, तो कम तेल, हल्की ग्रेवी या अलग से परोसी जाने वाली ड्रेसिंग के लिए रिक्वेस्ट करें।
what to keep in mind when eating out if you have high cholesterol 01
3. फाइबर युक्त फूड्स को चुनें
फाइबर एक और जरूरी बात है। घुलनशील फाइबर आंत में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मदद करता है। साबुत अनाज, सब्जियां, बीन्स, दालें और फलों से बनी साइड डिश चुनने से भोजन की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
उदाहरण के लिए, फ्राइड खाने से भरपूर खाने के बजाय सब्जी वाली करी या दाल-आधारित व्यंजन के साथ साबुत गेहूं की रोटी चुनना एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
4. पोर्शन का ध्यान रखें
खाने की मात्रा (पोर्शन कंट्रोल) भी अहम भूमिका निभाती है। रेस्टोरेंट में परोसा जाने वाला खाना अक्सर जरूरत से ज्यादा होता है। व्यंजनों को शेयर करने, कम मात्रा में ऑर्डर करने या बचे हुए खाने को पैक करवाने से ज्यादा खाने से बचा जा सकता है।
इसे भी पढ़ें: रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ आया, तो तुरंत करें ये 5 बदलाव; एक्सपर्ट से जानें क्यों जरूरी
5. ड्रिंक्स और डेजर्ट पर भी ध्यान दें
मीठी ड्रिंक्स, रिच मिल्कशेक और क्रीम-आधारित डेजर्ट से अतिरिक्त कैलोरी और अतिरिक्त चीनी मिल सकती है, जिससे वजन और लिपिड को नियंत्रित करना ज्यादा कठिन हो जाता है।
Cleveland Clinic Abu Dhabi के अनुसार, रेस्टोरेंट जाने से पहले मेनू तय करें और हेल्दी ऑप्शन चुनें। नए रेस्टोरेंट में ऑनलाइन मेनू देखकर अनहेल्दी खाने से बचें। टेबल से मक्खन जैसी अनचाही चीजें हटवाएं। बटर, तली हुई या क्रीम वाली चीजें खाने से बचें। रोटी खानी हो तो बिना मक्खन के साबुत अनाज या मेलबा टोस्ट चुनें।
इसके अलावा, रेस्टोरेंट में बाहर खाने जाते समय हेल्दी रहने के लिए मेनू की पहले से तय करते हुए, उबले, ग्रिल्ड या रोस्टेड फूड्स को चुनें और मक्खन या क्रीम से बनी चीजों से दूर रहें। फाइबर से भरपूर दालें और सूप लें, धीरे-धीरे खाएं ताकि पेट भरने का अहसास हो और बिना टॉपिंग वाले फलों या सॉर्बेट को प्राथमिकता दें।
हाई कोलेस्ट्रॉल में अच्छी आदतों को अपनाएं
डॉ. अरविंद आगे कहते हैं, याद रखें कि कभी-कभार मनपसंद खाना खाना, नियमित रूप से ज्यादा फैट वाले रेस्टोरेंट के खाने से अलग है। हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को कभी-कभी खाने-पीने पर रोक लगाने के बजाय, लगातार सही खान-पान की आदतों, नियमित फिजिकल एक्टिविटी और डॉक्टर की बताई दवाओं पर ध्यान देना चाहिए।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है या जिनका कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा है, उन्हें डॉक्टर से अपनी जरूरत के हिसाब से खान-पान की सलाह लेने से फायदा हो सकता है।
निष्कर्ष
हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में बाहर खाना खाते समय कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है, जैसे खाना पकाने का तरीका, फैट टाइप, फाइबर युक्त फूड्स, पोर्शन कंट्रोल और ड्रिंक्स या डेजर्ट के खान-पान पर ध्यान दें।
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए हेल्दी डाइट लेने, नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटीज करने, पर्याप्त नींद लेने, शरीर को हाइड्रेट रखने और स्ट्रेस को मैनेज करने जैसी आदतों को अपनाना जरूरी है। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के क्या लक्षण है?
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलने, अधिक थकान होने, त्वचा का पीला पड़ना, हाथों-पैरों का ठंडा पड़ना और सुन्नपन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाएं?
हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में व्यक्ति अपनी डाइट में ओट्स, दालें, हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स और लहसुन को शामिल कर सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 07, 2026 16:09 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Aravinda S N
