Wed Oct 7, 2026 | 01:42 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

खाली पेट चाय पीने से सिरदर्द होता है? डायटिशियन से जानें कब और कैसे पिएं चाय

खाली पेट चाय पीने से कुछ लोगों को सिरदर्द हो सकता है, जिसके कई कारण हैं जैसे कैफीन की सेंसिटिविटी या चाय की अधिक मात्रा। इस समस्या से बचने के लिए चाय से पहले हल्का नाश्ता करें, हल्की चाय पिएं और पर्याप्त पानी का सेवन करें।
खाली पेट चाय पीने से सिरदर्द होता है? डायटिशियन से जानें कब और कैसे पिएं चायखाली पेट चाय पीने से सिरदर्द होता है? डायटिशियन से जानें कब और कैसे पिएं चाय

ज्यादातर लोग सुबह उठते ही चाय पीना पसंद करते हैं, लेकिन खाली पेट चाय पीने से कुछ लोगों को सिरदर्द होने लगता है। जिसके कारण लोगों के पूरे दिन का काम प्रभावित होने लगता है और वे काम पर ठीक से फोकस भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वो लोग सोचते हैं कि क्या उनको चाय पीनी छोड़ देनी चाहिए और क्या वे अब चाय नहीं पी सकते हैं? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

खाली पेट चाय पीने से सिरदर्द क्यों होता है?

डॉ. अरविंद के अनुसार, चाय कई लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक आम हिस्सा है, खासकर सुबह के समय। हालांकि, कुछ लोगों को खाली पेट चाय पीने के बाद सिरदर्द, जी मिचलाने या पेट में बेचैनी जैसी समस्याएं होती हैं। वैसे तो चाय पीने से हर किसी को सिरदर्द नहीं होता है, लेकिन इसमें मौजूद कैफीन, व्यक्ति की सेंसिटिविटी और चाय पीने का समय इन लक्षणों का कारण बन सकते हैं।

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सुबह चाय से जुड़े सिरदर्द के कारण

डॉ. अरविंद कहते हैं, कई लोगों को ज्यादा स्ट्रॉग या ज्यादा मात्रा में चाय पीने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों को सुबह उठते ही चाय पीने की आदत है, अगर वे सुबह चाय नहीं पीते हैं, तो भी उनको सिर में दर्द हो सकता है।

1. ज्यादा मात्रा में लेने से

कैफीन चाय में पाया जाने वाला एक नेचुरल स्टिमुलेंट है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर करता है और कुछ समय के लिए सतर्कता (अलर्टनेस) बढ़ा सकता है। कुछ लोगों में, कैफीन सिरदर्द का कारण बन सकता है, खासकर तब जब इसे ज्यादा मात्रा में लिया जाए या शरीर इसके प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो। दूसरी ओर, कैफीन का इस्तेमाल सिरदर्द की कुछ दवाओं में भी किया जाता है और यह कुछ तरह के सिरदर्द से राहत दिला सकता है।

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2. स्ट्रॉग चाय पीने के कारण

खाली पेट स्ट्रॉग चाय पीने से कुछ लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। चाय में टैनिन और अन्य कंपाउंड होते हैं, जो जी मिचलाने या पेट में जलन का कारण बन सकते हैं, खासकर सेंसिटिव लोगों में। बहुत ज्यादा चीनी मिलाने या बहुत स्ट्रॉग चाय पीने से परेशानी और बढ़ सकती है, हालांकि यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है।

3. चाय छोड़ने के कारण

सुबह सिरदर्द होने का एक और संभावित कारण कैफीन विड्रॉल है। जो लोग नियमित रूप से चाय या कॉफी पीते हैं, उन्हें कैफीन की लत लग सकती है। अगर वे अपनी सुबह की चाय पीने में देरी करते हैं या अचानक कैफीन का सेवन कम कर देते हैं, तो उन्हें विड्रॉल के लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे सिरदर्द, थकान और ध्यान लगाने में परेशानी।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2023 में Nutrients में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, सिरदर्द और कैफीन का संबंध बहुत कॉम्प्लेक्स है। कैफीन माइग्रेन के दौरे को शुरू कर सकता है और इसे अचानक छोड़ना भी सिरदर्द का कारण बनता है। सही मात्रा में कैफीन लेने से माइग्रेन और स्ट्रेस सिरदर्द में नॉर्मल दर्द निवारक दवाओं का असर काफी बढ़ जाता है।

हालांकि, कैफीन वाली दवाओं का अत्यधिक सेवन मरीजों को सिरदर्द का शिकार बना सकता है और क्रोनिक सिरदर्द को बढ़ावा दे सकता है। कुछ खास प्रकार के सिरदर्द के इलाज में भी कैफीन की अहम भूमिका है।

सिरदर्द से पीड़ित मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे कम मात्रा में (प्रतिदिन 200 मिलीग्राम से कम) और एक समान स्तर पर कैफीन का सेवन जारी रख सकते हैं। इसके अलावा, कैफीन को एक न्यूट्रास्यूटिकल माना जाता है, जो वजन कम करने में सहायक है।

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सिरदर्द से बचने के लिए चाय का सेवन कैसे करें?

डॉ. अरविंद बताते हैं, इन लक्षणों की संभावना को कम करने के लिए व्यक्ति को चाय से जुड़ी कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है, जो सिरदर्द की समस्या से बचाव करने में मददगार हो सकता है। जैसे-

  • चाय पीने से पहले हल्का नाश्ता या स्नैक लेना।
  • हल्की चाय चुनना।
  • चाय की मात्रा कम करना।
  • बहुत ज्यादा चीनी से बचना।
  • दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो कैफीन वाली ड्रिंक्स का सेवन करते हैं।

सिरदर्द से राहत के लिए चाय कब पीनी चाहिए?

डॉ. अरविंद का कहना है, चाय पीने का सबसे अच्छा समय व्यक्ति की सहनशक्ति और रोजमर्रा की आदतों पर निर्भर करता है। जिन लोगों को सुबह चाय पीने के बाद सिरदर्द होता है, वे चाय पीने का समय बदलकर, चाय को हल्का करके या धीरे-धीरे कैफीन का सेवन कम करके देख सकते हैं कि क्या उनके लक्षणों में सुधार होता है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

हालांकि, बार-बार होने वाले सिरदर्द का कारण हमेशा चाय या खाली पेट रहना ही नहीं होता है। लगातार, तेज या असामान्य सिरदर्द होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है, खासकर तब जब यह अचानक शुरू हो या इसके साथ नजर में बदलाव, कमजोरी, उलझन या उल्टी जैसे लक्षण भी हों। डॉक्टर इसकी असल वजह का पता लगाने और सही इलाज का सुझाव देने में मदद कर सकते हैं।

निष्कर्ष

सुबह खाली पेट ज्यादा मात्रा में या स्ट्रॉग चाय पीने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कई बार चाय छोड़ने या चाय पीने में देरी के कारण भी व्यक्ति को सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए चाय पीने से पहले हल्के स्नैक्स या नाश्ता करें, चाय की मात्रा कम करें, बहुत ज्यादा चीनी से बचें और पर्याप्त पानी पिएं। अगर चाय पीने से यह परेशानी होती है, तो इसका सेवन करने से बचें।

ध्यान रहे, अगर किसी व्यक्ति को सुबह के समय बार-बार सिरदर्द, कमजोरी, उलझन, उल्टी, जी मिचलाने और नजर में बदलाव आने जैसी स्थिति होती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • खाली पेट क्या खाना चाहिए?

    खाली पेट गुनगुना पानी पिएं, भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स खाएं, ताजे फल खाएं और प्रोटीन युक्त नाश्ता खाएं।
  • खाली पेट चाय पीने से क्या-क्या परेशानी होती है?

    खाली पेट चाय पीने से आयरन की कमी, पाचन तंत्र के कमजोर होने, गैस, एसिडिटी, मेटाबॉलिज्म के प्रभावित होने, चक्कर आने और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 07, 2026 12:00 IST

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