Sat Oct 3, 2026 | 05:12 PM IST

Medically Reviewed by Dr Richa Agrawal , Cardiologist - Metro Hospitals & Heart Institute

क्या कोलेस्ट्रॉल के मरीज घी खा सकते हैं? जानें क्या कहती हैं डॉक्टर

सीमित मात्रा में शुद्ध देसी घी का सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग भी कर सकते हैं, बशर्ते उनकी लाइफस्टाइल एक्टिव और डाइट हेल्दी हो। घी में मौजूद हेल्दी फैट्स अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
क्या कोलेस्ट्रॉल के मरीज घी खा सकते हैं? जानें क्या कहती हैं डॉक्टरक्या कोलेस्ट्रॉल के मरीज घी खा सकते हैं? जानें क्या कहती हैं डॉक्टर

भारतीय रसोई में घी का इस्तेमाल खाने में अलग-अलग तरीके से करना काफी आम बात है। घी को खाने में मिलाने से खाने का स्वाद तो बढ़ता है, लेकिन दिल के मरीज अक्सर इससे दूरी बनाने लगते हैं। कई लोगों का मानना है कि घी का सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। Dr Richa Agrawal, Cardiologist - Metro Hospitals & Heart Institute, Noida का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोग सीमित मात्रा में शुद्ध देसी घी का सेवन कर सकते हैं, लेकिन उनकी लाइफस्टाइल एक्टिव होना और संतुलित डाइट फॉलो करना जरूरी है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पचने में आसान होते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने में मदद करते हैं।

कोलेस्ट्रॉल और घी का कनेक्शन

Dr Richa Agrawal बताती हैं कि घी और कोलेस्ट्रॉल का कनेक्शन इस बात पर निर्भर करता है कि आप घी किस तरह और कितनी मात्रा में खाते हैं। संतुलित मात्रा में गाय का घी खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है, बल्कि यह दिल की सेहत के लिए हेल्दी कोलेस्ट्रॉल में सुधार करने में मदद करता है और शरीर की एनर्जी व पाचन क्रिया को बढ़ाता है।

साल 2010 में AYU (An International Quarterly Journal of Research in Ayurveda) के अनुसार, आम लोगों द्वारा संतुलित मात्रा में घी खाने से कोलेस्ट्रॉल या दिल की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। भले ही घी में सैचुरेटेड फैट होता है, लेकिन यह शरीर के अंदर कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के बजाय, पित्त के रास्ते शरीर से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है।

क्या कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को घी पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

Dr Richa Agrawal का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को घी पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन मात्रा और क्वालिटी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर आप 100% रिफाइंड ऑयल या डालडा खाते हैं, तो उसकी तुलना में शुद्ध देसी गाय का घी बहुत अच्छा विकल्प है। रिफाइंड ऑयल में ट्रांस फैट होता है, जो दिल के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप रोजाना 2-3 चम्मच घी खाने लगें। अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या आपको पहले से कोई दिल की बीमारी की समस्या है तो ज्यादा घी खाने से आपकी धमनियों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ सकता है।

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घी कितनी मात्रा में और कैसे खाएं?

Dr Richa के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने के लिए आप घी का सेवन इस तरह कर सकते हैं-

1. खाने की मात्रा

एक हेल्दी व्यक्ति को रोजाना 1 से 2 चम्मच शुद्ध देसी घी का सेवन करना चाहिए। हालांकि, अगर आपका कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लीसराइड्स काफी बढ़ा हुआ है, तो आपको इसकी मात्रा कम कर देनी चाहिए।

2. पकाने का तरीका

घी को कभी भी बहुत तेज आंच पर ज्यादा देर तक नहीं पकाना चाहिए या उसे डीप फ्राइंग की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। दाल या रोटी के ऊपर थोड़ा सा कच्चा घी डालकर खाना, सब्जी को ज्यादा घी में भूनने से कहीं ज्यादा सेहतमंद होता है।

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3. शुद्ध घी का इस्तेमाल

बाजार में मिलने वाले मिलावटी घी या हाइड्रोजनेटेड तेलों से बचना चाहिए। हमेशा शुद्ध गाय का देसी घी का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

घी खाते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें

Dr Richa के मुताबिक, घी आपके दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी लाइफस्टाइल कैसी है? इसलिए घी डाइट में शामिल करने के साथ आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-

  • शारीरिक गतिविधि- अगर आप दिनभर एक जगह बैठकर काम करते हैं, कोई वर्कआउट या वॉक नहीं करते तो घी का फैट आपके शरीर में बर्न नहीं होगा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाएगा। अगर आप रोजाना 30 से 45 मिनट तेज चाल में चलते हैं या एक्सरसाइज करते हैं, तो सीमित मात्रा में घी पच जाता है।
  • बैलेंस डाइट- अगर आपकी थाली में फाइबर से भरपूर फूड्स जैसे हरी सब्जियां, फल, ओट्स, सलाद हैं, तो फैट का अवशोषण कम होता है।

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कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के टिप्स

Dr Richa Agrawal सलाह देते हुए बताती हैं कि कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने के लिए घी की मात्रा पर ध्यान देने के साथ इन टिप्स को फॉलो करें-

  1. नियमित जांच- 30 साल की उम्र के बाद हर 6 महीने से 1 साल में अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाएं।
  2. ट्रांस फैट से दूरी बनाएं- बेकरी प्रोडक्ट्स जैसे बिस्कुट, केक, नमकीन, फास्ट फूड और दोबारा गर्म किए गए तेलों का सेवन करने से बचें।
  3. हेल्दी फैट्स चुनें- घी के अलावा अपनी डाइट में मुट्ठी भर बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल शामिल करें।
  4. एक्टिव रहें- रोजाना कम से कम 8,000 से 10,000 कदम चलें, ताकि हार्ट हेल्थ को बेहतर रखा जा सके।
  5. तनाव और नींद- तनाव कम लें और रोजाना 7 से 8 घंटे की पूरी और अच्छी नींद लें, क्योंकि मानसिक तनाव भी कोलेस्ट्रॉल के लेवल को प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष
घी का सेवन सीमित मात्रा में करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं बढ़ता है, बल्कि यह सेहत और स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। ध्यान रहे, अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुआ है तो घी को अपनी डाइट से पूरी तरह निकालने की जरूरत नहीं है, बस इसकी मात्रा को कम करें और अपनी शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं। अगर आपको कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा है या आपको पहले से दिल की बीमारी, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ

  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से शरीर में क्या-क्या दिक्कत आती है?

    कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से धमनियों में प्लाक जमने लगता है, जिससे खून का फ्लो धीमा हो जाता है। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। 
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल कितना होना चाहिए नॉर्मल?

    हेल्दी व्यक्ति के लिए कुल कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल लेवल 200 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) से कम होना चाहिए। इसमें अच्छा कोलेस्ट्रॉल 40-60 mg/dL से अधिक और खराब कोलेस्ट्रॉल 100 mg/dL से कम होना बेहतर माना जाता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 03, 2026 15:57 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Richa Agrawal