Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

देसी घी या ऑलिव ऑयल: क्‍या है हार्ट के ल‍िए ज्‍यादा हेल्‍दी? एक्‍सपर्ट से जानें

अक्‍सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है क‍ि हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए गाय का देसी घी चुनें या ऑल‍िव ऑयल का इस्‍तेमाल करें। एक्‍सपर्ट से जानें क्‍या है बेहतर व‍िकल्‍प?

आजकल कम उम्र में ही लोगों को हाई बीपी और हाई कोलेस्‍ट्रॉल जैसी समस्‍याएं होने लगी हैं। इसका एक कारण है अनहेल्‍दी डाइट। डॉक्‍टर्स आजकल लोगों को हेल्‍दी खाने की सलाह देते हैं, लेक‍िन परेशानी यह है क‍ि इंड‍ियन कुक‍िंग में तेल या फैट का इस्‍तेमाल ज्‍यादा होता है। सब्‍जी या पराठा बनाने के ल‍िए तेल या घी की जरूरत होती है, ज‍िसके चलते लोगों के मन में सवाल आता है क‍ि हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए कौन सा व‍िकल्‍प चुनें? आज हम दो पॉपुलर व‍िकल्‍पों में से जानेंगे क‍ि हार्ट के ल‍िए ज्‍यादा हेल्‍दी कौन सा है? ऑलि‍व या जैतून का तेल और देसी घी के बीच अक्‍सर लोगों को कंफ्यूजन होता है। ऑल‍िव ऑयल और देसी घी दोनों में से हेल्‍दी हार्ट के ल‍िए क्‍या बेहतर है इसका जवाब जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

देसी घी और ऑल‍िव ऑयल में क‍ितनी कैलोरी होती हैं?

desi-ghee-vs-olive-oil-which-is-better-for-heart

एक टेबलस्‍पून देसी घी

  • कैलोरी: 112
  • फैट: 13 ग्राम

एक टेबलस्‍पून ऑल‍िव ऑयल

  • कैलोरी: 119
  • फैट: 13.5 ग्राम

कैलोरी वैल्‍यू और फैट कंटेंट के आधार पर देसी घी और ऑल‍िव ऑयल में ज्‍यादा फर्क नहीं है चूंक‍ि दोनोंं ही फैट के स्रोत हैं इसल‍िए दोनों का सीमि‍त मात्रा में सेवन ही हेल्‍दी माना जाता है।

यह भी पढ़ें- ऑल‍िव ऑयल से वाकई वजन घटता है या यह स‍िर्फ म‍िथक है? एक्‍सपर्ट से जानें

देसी घी को सीमि‍त मात्रा में ही खाना चाह‍िए

  • देसी घी का स्‍मोक‍िंग प्‍वॉइंट ज्‍यादा होता है इसलि‍ए यह ज्‍यादा तापमान में बनने वाली ड‍िशेज के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है।
  • देसी घी में मीड‍ियम चेन फैटी एस‍िड्स, फैट सॉल्‍युबल व‍िटाम‍िन्‍स जैसे ए, डी और के पाए जाते हैं।
  • इसमें सैचुरेटेड फैट और कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा ज्‍यादा होती है।
  • इसल‍िए इसे सीमि‍त मात्रा में ही खाना हेल्‍दी माना जाता है।

यह भी पढ़ें- डायबिटीज में भूल जाएं रिफाइंड ऑयल, एक्‍सपर्ट से जानें कौन सा कुकिंग ऑयल है आपके ल‍िए बेस्ट

ऑल‍िव ऑयल हार्ट के ल‍िए ज्‍यादा हेल्‍दी माना जाता है

  • ऑल‍िव ऑयल हार्ट के ल‍िए देसी घी के मुकाबले ज्‍यादा हेल्‍दी माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें मोनो अनसैचुरेटेड और ओमेगा 3 जैसे फैटी एस‍िड्स मौजूद होते हैं जो हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद माने जाते हैं।
  • इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
  • यह एक प्‍लांट-बेस्‍ड ऑयल है इसल‍िए इसमें कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा नहीं होती है।
  • कम तापमान में खाना पकाने के ल‍िए ऑल‍िव ऑयल बेस्‍ट है क्‍योंक‍ि इसका स्‍मोक‍िंग प्‍वॉइंट भी कम होता है।

यह भी पढ़ें- क्‍या कुक‍िंग ऑयल बदलने से वाकई वजन घट सकता है? जानें एक्‍सपर्ट की राय

क्‍या कहती है स्‍टडी?

2021 में British Journal Of Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, घी में सैचुरेटेड फैट ज्‍यादा होता है ज‍िससे LDL या बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है, जबकि‍ ऑल‍िव ऑयल हार्ट-फ्रेंडली माना जाता है। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि देसी घी का सीम‍ित मात्रा में प्रयोग करना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए ऑल‍िव ऑयल, देसी घी के मुकाबले ज्‍यादा हेल्‍दी माना जाता है। ऑल‍िव ऑयल प्‍लांट बेस्‍ड ऑयल है इसल‍िए इसमें कोलेस्ट्रॉल भी मौजूद नहीं होता है। देसी घी में सैचुरेटेड फैट ज्‍यादा होता है इसल‍ि‍ए उसे सीमि‍त मात्रा में लेना चाह‍िए।

FAQ

  • ऑल‍िव ऑयल के नुकसान क्‍या हैं?

    ऑल‍िव ऑयल फैट का स्रोत है इसल‍िए इसका ज्‍यादा मात्रा में इस्‍तेमाल करने से वजन बढ़ सकता है। अध‍िक मात्रा से पाचन संबंध‍ित समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • देसी घी खाने के फायदे क्‍या हैं?

    देसी घी खाने से शरीर को एनर्जी म‍िलती है, पाचन बेहतर होता है और हड्ड‍ियों की सेहत के ल‍िए यह फायदेमंद माना जाता है।

Read Next

ज्यादा ककड़ी खाने से खराब हो सकता है पेट, एक्सपर्ट से जानें नुकसान

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Apr 29, 2026 14:34 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 29, 2026 14:34 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content