Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या आप भी हेल्दी समझकर बच्चे को खिलाते हैं ज्यादा घी-मक्खन? जान लें इसके नुकसान

बच्‍चों के ल‍िए ज्‍यादा घी या मक्‍खन का सेवन अच्‍छा नहीं होता है। इससे वजन ज्‍यादा बढ़ सकता है, बच्‍चा मोटापे का श‍िकार हो सकता है। जानें अन्‍य नुकसान।

पुराने जमाने से इंड‍ियन माता-प‍िता की यह सोच रही है क‍ि बच्‍चे को ज‍ितना ज्‍यादा खि‍लाएंगे, वह उतना ज्‍यादा स्‍वस्‍थ रहेगा। यही सोचकर दादी-नानी बच्‍चोंं को ज्‍यादा घी, तेल और मक्‍खन ख‍िलाया करती थीं। आज भी कई माता-प‍िता ऐसे हैं, जो बच्‍चे को ज्‍यादा घी या मक्‍खन ख‍िलाते हैं। हालांक‍ि घी या मक्‍खन फैट का स्रोत हैं, लेक‍िन इनका जरूरत से ज्‍यादा सेवन करने से सेहत ब‍िगड़ सकती है क्‍योंंक‍ि इनमें सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। बच्‍चोंं की सेहत के ल‍िए ज्‍यादा घी-मक्खन खाने के नुकसान जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

बच्‍चों की सेहत के ल‍िए घी और मक्‍खन जरूरी क्‍यों हैं?

घी और बटर फैट का स्रोत हैं, जो बच्‍चे की ग्रोथ, खासकर द‍िमागी व‍िकास के ल‍िए जरूरी है। घी का सेवन करने से बच्‍चे के शरीर को व‍िटाम‍िन ए, डी, ई और के जैसे पोषक तत्‍व म‍िलते हैं।

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घी और मक्खन की ज्‍यादा मात्रा ब‍िगाड़ सकती है बच्‍चों की सेहत

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  • अगर बच्‍चे को ज्‍यादा घी और मक्‍खन ख‍िलाएंंगे, तो वजन बढ़ेगा और बच्‍चा मोटापे का श‍िकार हो जाएगा।
  • ज्‍यादा मात्रा में घी ख‍िलाने से बच्‍चे को डाइजेशन संबंंध‍ित समस्‍याएं जैसे ब्‍लोट‍िंंग या डायर‍िया हो सकता है।
  • बच्‍चे अगर ज्‍यादा मात्रा में फैट का सेवन करेंगे, तो अन्‍य पोषक तत्‍व जैसे प्रोटीन, फल, सब्‍ज‍ियां, होल ग्रेन्‍स वगैरह के फायदे पूरी तरह से शरीर को नहीं म‍िलेंगे।
  • घी और मक्‍खन दोनोंं ही सैचुरेटेड फैट का स्रोत हैं इसल‍िए लंंबे समय तक इनका सेवन करने से हार्ट हेल्‍थ खराब हो सकती है खासकर ज‍िन बच्‍चों के पर‍िवार में हाई कोलेस्‍ट्रॉल का इत‍िहास है, उन बच्‍चों के माता-प‍िता को व‍िशेष सावधानी बरतनी चाह‍िए।
  • साल 2010 में AYU नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताबि‍क, आहार में केवल 10 प्रत‍िशत घी एड करने से ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ा हुआ देखा गया। हालांंक‍ि यह एक पशु आधार‍ित स्‍टडी थी, इंसानों पर इसका असर देखना बाकी है।

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बच्‍चे को क‍ितना घी और मक्‍खन ख‍िलाएं?

अगर बच्‍चा एक से तीन साल के बीच है, तो द‍िनभर में करीब 10 ग्राम घी यानी एक से दो चम्‍मच घी ख‍िला सकते हैं। अगर उम्र चार से आठ साल के बीच है, तो करीब 15 ग्राम घी ख‍िला सकते हैं यानी द‍िभर में दो से तीन चम्‍मच घी का सेवन करा सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

बच्‍चोंं की सेहत के ल‍िए घी और मक्‍खन का सेवन जरूरी है, ये सैचुरेटेड हेल्‍दी फैट का स्रोत हैं इसल‍िए जरूरत से ज्‍यादा मात्रा सेहत को खराब कर सकती है। अध‍िक मात्रा में घी और मक्‍खन का सेवन करने से बच्‍चा मोटापे का श‍िकार हो जाता है, उसे पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं, आगे चलकर हार्ट हेल्‍थ खराब हो सकती है या पोषक तत्‍वों की कमी हो सकती है।

FAQ

  • घी खाने के फायदे क्‍या हैं?

    घी शरीर की ग्रोथ, हड्डि‍यों और इम्‍यून‍िटी के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। घी या मक्‍खन का सेवन करने से शरीर को एनर्जी मिलती है और थकान दूर होती है।
  • घी खाने के नुकसान क्‍या हैं?

    घी में कैलोरी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्‍यादा होती है। इसका सेवन करने से वजन बढ़ता है और लंबे समय में हार्ट हेल्‍थ भी खराब हो सकती है। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Jun 15, 2026 12:46 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 15, 2026 12:46 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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