Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

खाने के अलावा किन चीजों से बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL)? न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट से जानें

हमें लगता है क‍ि केवल अनहेल्‍दी डाइट से बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ता है जबक‍ि ऐसा नहीं है। कई ऐसी चीजें हैं ज‍िनसे कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है जैसे नींंद की कमी और एक्‍सरसाइज की कमी। बैड कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाने वाली अन्‍य चीजों के बारे में आगे जानते हैं।

ज‍िन लोगों की हार्ट हेल्‍थ अच्‍छी नहीं होती है उन्‍हें लोग कोलेस्‍ट्रॉल की जांच करवाने की सलाह देते हैं। कोलेस्‍ट्रॉल को ल‍िवर बनाता है और इसका हाई लेवल धमन‍ियों में जमा होकर हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का कारण बन सकता है। कई लोगों को बैड कोलेस्‍ट्रॉल का सीधा ल‍िंक गलत खानपान से लगता है, हालांक‍ि खानपान केवल एक कारण है। भोजन के अलावा भी कई ऐसे कारण हैं ज‍िससे बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बि‍गड़ सकता है। अमेर‍िकन हार्ट एसोस‍िएशन की मानें, तो शारीर‍िक गत‍िव‍िधि‍ की कमी, नींद की कमी, ज्‍यादा वजन और हार्मोनल असंतुल‍न वगैरह का सीधा असर कोलेस्‍ट्रॉल पर पड़ता है। इस लेख में जानेंगे क‍ि बैड कोलेस्‍ट्रॉल क‍िन कारणों से बच सकता है?

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1. शारीरिक रूप से एक्‍ट‍िव न रहना- Physical Inactivity

द‍िनभर बैठने से और फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी न करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है। एनएचएलबीआई (National Heart, Lung, and Blood Institute) के मुताब‍िक, फ‍िजि‍कल एक्‍ट‍िव‍िटी करने से ब्‍लड प्रेशर कम होता है और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल कम होता है, फ‍िजि‍कल एक्‍ट‍िवि‍टी करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल होता है और मोटापे का र‍िस्‍क कम होता है। शारीर‍िक रूप से एक्‍ट‍िव रहने के ल‍िए रोज 30 म‍िनट वॉक करें और हल्‍की एक्‍सरसाइज करें इससे कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होगा।

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2. नींद पूरी न होना- Poor Sleep

एनएचएलबीआई (National Heart, Lung, and Blood Institute) के मुताब‍िक, अन‍ियम‍ित नींद के कारण हाई कोलेस्‍ट्राॅल, मोटापा और मेटाबॉल‍िक समस्‍याओं का खतरा ज्‍यादा होता है। जो लोग अलग-अलग समय पर सोते हैं या नींद पूरी नहीं करते हैं उनमें हाई कोलेस्‍ट्रॉल का खतरा बढ़ सकता है। नींद पूरी न करने से मेटाबॉल‍िज्‍म पर बुरा असर होता है ज‍िससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समस्‍या से बचने के ल‍िए रोजाना सात से आठ घंटे की नींद जरूर पूरी करें।

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3. मोटापा- Obesity

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि ज्‍यादा वजन के कारण भी बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है। वजन कम करने से गुड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम करने में मदद म‍िलती है और हार्ट हेल्‍थ बेहतर होती है। मोटापे के कारण हार्ट ड‍िजीज का खतरा तेजी से बढ़ता है इसल‍िए रोज एक्‍सरसाइज करें, हेल्‍दी डाइट लें और बेहतर लाइफस्‍टाइल से वजन घटाएं।

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4. हार्मोनल बदलाव- Hormonal Changes

हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं। थायरायड की समस्या, मेनोपॉज, पीसीओएस या अन्य हार्मोनल असंतुलन LDL बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, हाइपोथायरायडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे LDL रक्त में जमा होने लगता है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन कम होने से भी LDL बढ़ सकता है।

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5. अल्‍कोहल का ज्‍यादा सेवन- Excess Alcohol Consumption

अधिक मात्रा में शराब पीने से लिवर पर दबाव पड़ता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने वाला मुख्य अंग है। जब लिवर सही तरीके से काम नहीं करता, तो LDL बढ़ सकता है और ट्राइग्लिसराइड्स भी बढ़ जाते हैं। इससे हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शराब का सीमित या शून्य सेवन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए बेहतर विकल्प है।

निष्कर्ष:

बैड कोलेस्‍ट्रॉल का कारण केवल गलत खानपान नहीं है। इसके पीछे मोटापा, हार्मोनल असंतुलन, अल्‍कोहल, एक्‍सरसाइज की कमी जैसे कारण भी हो सकते हैं। स्‍वस्‍थ जीवनशैली के साथ हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाया जा सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 01, 2026 08:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 01, 2026 08:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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