सिरदर्द की समस्या हम सभी ने कभी न कभी जरूरी महसूस की होगी। वर्तमान में कई लोग माइग्रेन की समस्या से भी पीड़ित रहते हैं। माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में फर्क करना कई बार लोगों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि दोनों में ही सिर में दर्द होता है। हालांकि, यह जानना बहुत जरूरी है कि हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता है। सामान्य सिरदर्द जहां, थकान और तनाव के कारण होती है, वहीं माइग्रेन एक कॉम्प्लेक्स न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जो रोजमर्रा की लाइफस्टाइल को प्रभावित कर सकती है। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में क्या अंतर है?
नॉर्मल सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता है और दोनों के लक्षण, कारण और इलाज में बहुत बड़ा फर्क होता है। अगर आप सही समय पर इन दोनों के बीच का अंतर पहचान लें, तो आपको सही इलाज मिलने में आसानी होती है।
| पैमाना | नॉर्मल सिरदर्द | माइग्रेन |
दर्द का प्रकार |
सिर के दोनों तरफ कसाव, हल्के से मध्यम और गर्दन, कंधों या माथे तक फैलता है। | सिर के सिर्फ एक हिस्से में तेज या हथौड़े चलने जैसा दर्द होना। |
लक्षण |
सिरदर्द के अलावा आमतौर पर कोई अन्य बड़ी समस्या नहीं होना। | मतली, उल्टी, तेज रोशनी और आवाज से तकलीफ होना। |
दर्द का समय |
कुछ घंटों से लेकर 1 दिन तक दर्द रहना। | बिना इलाज के 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक लगातार बना रह सकता है। |
| ट्रिगर्स | मानसिक तनाव, काम का बोझ, नींद पूरी न होना, डिहाइड्रेशन या लंबे समय तक स्क्रीन देखना। | तेज धूप, लंबे समय तक भूखा रहना, हार्मोनल बदलाव, तेज महक, कैफीन का ज्यादा सेवन या मौसम में बदलाव। |
| राहत के उपाय | आराम, पानी और सिंकाई करना। | अंधेरे कमरे में लेटकर, ठंडक और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का सेवन करें। |
1. दर्द का प्रकार और स्थान
- सामान्य सिरदर्द- इसमें सिर के दोनों तरफ ऐसा दर्द महसूस होता है जैसे किसी ने बहुत कसकर कोई पट्टी बांध दी हो। दर्द आमतौर पर हल्के से मध्यम होता है और यह गर्दन, कंधों या माथे तक फैला होता है।
- माइग्रेन- माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के सिर्फ एक हिस्से में होता है। हालांकि, कभी-कभी यह पूरी सिर में भी फैल सकता है।यह दर्द बहुत तेज, धड़कन की तरह यानी ऐसा महसूस होता है, जैसे सिर के अंदर हथौड़े चल रहे हों या नसें फड़क रही हों।
साल 2024 में American Headache Society में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, माइग्रेन को मुख्य रूप से एकतरफा सिरदर्द के रूप में पहचाना जाता है, जो इसके बारे में पता लगाने का अहम लक्षण है। हालांकि, जब बात बाएं और दाएं तरफ के माइग्रेन की तुलना की आती है, तो बाएं तरफ माइग्रेन से पीड़ित मरीजों में सिरदर्द होने की आवृत्ति और इसकी गंभीरता दाएं तरफ के मुकाबले ज्यादा पाई जाती है।
2. साथ में होने वाले अन्य लक्षण
माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में अंतर पहचानने का सबसे आसान तरीका इनके लक्षणों में अंतर समझना है।
- सामान्य सिरदर्द- इसमें मरीज को सिरदर्द के अलावा आमतौर पर कोई अन्य बड़ी समस्या नहीं महसूस होती है। इस सिरदर्द के कारण मानसिक तनाव या थकान जरूर महसूस हो सकती है।
- माइग्रेन- माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ कई लक्षण अक्सर दिखाई देते हैं, जैसे-
- मतली और उल्टी- जी मिचलाना या उल्टी होना माइग्रेन का एक बड़ा लक्षण है।
- रोशनी और आवाज से परेशानी- माइग्रेन के दौरान मरीज को तेज रोशनी और तेज आवाज से ज्यादा तकलीफ होती है और वे अंधेरे तथा शांत कमरे में लेटना पसंद करते हैं।
- ओरा- कुछ मरीजों को सिरदर्द शुरू होने से ठीक पहले आंखों के सामने चमकती हुई रेखाएं, टेढ़े-मेढ़े पैटर्न या कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई देने लगता है, जिसे ओरा कहा जाता है।
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3. दर्द का समय
- सामान्य सिरदर्द- यह कुछ घंटों से लेकर एक दिन तक रह सकता है। आराम करने या सिर दबाने से यह अक्सर ठीक हो जाता है।
- माइग्रेन- माइग्रेन अटैक बहुत लंबा खिंच सकता है। बिना इलाज के यह दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक लगातार बना रह सकता है।
4. ट्रिगर पॉइंट्स या दर्द होने के कारण
- नॉर्मल सिरदर्द- यह दर्द मुख्य रूप से मानसिक तनाव,ज्यादा काम का प्रेशर, नींद पूरी न होना, डिहाइड्रेशन या लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने के कारण होता है।
- माइग्रेन- इस सिरदर्द के ट्रिगर बहुत अलग होते हैं। माइग्रेन के अटैक को बहुत ज्यादा तेज धूप या तेज रोशनी, लंबे समय तक भूखा रहना, हार्मोनल बदलाव और कुछ खास चीजें जैसे तेज महक, कॉफी या चाय का ज्यादा सेवन या मौसम में अचानक बदलाव ट्रिगर कर सकते हैं।
Migraine-vs-Normal-Headache
सिरदर्द से राहत पाने के के लिए क्या करना चाहिए?
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, अगर आपको या आपके किसी करीबी को सिरदर्द की समस्या है तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
- शरीर और दिमाग को पूरी तरह से शांत करने के लिए हर रात भरपूर और अच्छी नींद लें।
- मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने और एनर्जी बनाए रखने के लिए रोजाना सही और तय समय पर भोजन करें।
- पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में यानी 2 से 3 लीटर पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
- मानसिक तनाव को कम करने के लिए और सिरदर्द से राहत पाने लिए रोजाना योग और प्राणायाम करें।
- नियमित रूप से गहरी सांस लेने का अभ्यास करें, ताकि सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से राहत मिल सके।
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डॉक्टर से कब कंसल्ट करना चाहिए?
अगर आपका सिरदर्द अचानक बहुत तेज बढ़ जाए, सिरदर्द के साथ चक्कर आना, धुंधला दिखना कमजोरी या बोलने में मुश्किल हो तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।
निष्कर्ष
नॉर्मल सिरदर्द आपकी रोजमर्रा की थकान के कारण होता है, जो आराम करने से ठीक हो जाता है, जबकि माइग्रेन एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसके लिए सही डायग्नोसिस और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जरूरी है कि आप अपने शरीर के संकेतों को समझें और हेल्दी रहें।
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FAQ
माइग्रेन होने पर क्या परहेज करना चाहिए?
माइग्रेन के दौरान या इससे बचाव के लिए आपको कुछ खास फूड्स से बचना चाहिए, जिनमें प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड्स, अजीनोमोटो, पुराना पनीर और शराब शामिल हैं।माइग्रेन कब खतरनाक होता है?
सामान्य तौर पर माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों या लक्षणों के साथ होने पर यह खतरनाक या मेडिकल इमरजेंसी बन जाता है, जिनमें शामिल हैं- थंडरक्लैप सिरदर्द, 72 घंटे से ज्यादा सिरदर्द होना आदि।
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Oct 15, 2026 12:04 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
