Fri Sep 11, 2026 | 06:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

बार-बार सिरदर्द को कब नॉर्मल नहीं होता है? डॉक्टर से जानें

बार-बार होने वाले सिरदर्द को नॉर्मल नहीं मानना चाहिए, खासकर जब यह रोज के कार्यों को प्रभावित करें या पैटर्न बदल जाए। अचानक गंभीर सिरदर्द, कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

सिर में दर्द होना एक आम समस्या है। थकान, स्ट्रेस, नींद की कमी, भूखे रहने या बिजी लाइफस्टाइल के कारण कई लोगों को कभी-कभी सिरदर्द हो सकता है। ऐसे में अक्सर लोगों को आराम करने, पर्याप्त पानी पीने या लाइफस्टाइल में सुझार करने से राहत भी मिल सकती है, लेकिन जब सिरदर्द बार-बार होने लगे, इसके कारण परेशानी होने लगे या वह रोज के कार्यों को प्रभावित करने लगे, तो इसे नॉर्मल परेशानी मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। इस स्थिति में लोगों के मन में ये सवाल भी उठते हैं कि बार-बार सिरदर्द होना की स्थिति को कब गंभीर मानना चाहिए? आइए इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

बार-बार होने वाले सिरदर्द को कब गंभीर मानना चाहिए?

डॉ. पूजा के अनुसार, बार-बार होने वाले सिरदर्द को नॉर्मल नहीं मानना चाहिए। इस दौरान डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। इस स्थिति में खुद से दवा लेना सही नहीं है। मेडिकल जांच तब जरूरी हो जाती है, जब सिरदर्द ज्यादा बार या ज्यादा गंभीर हो रहा हों, काम, नींद या रोज के कामों में रुकावट डाल रहा हो, अचानक आपके नॉर्मल पैटर्न बदल गए हों, दर्द सिर में चोट लगने के बाद शुरू हुए हों या जिनके लिए अक्सर दर्द की दवा लेनी पड़ती है।

बार-बार लौटने वाला सिरदर्द कभी माइग्रेन जैसी समस्या से जुड़ा हो सकता है। कुछ मामलों में दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की समस्या, इंफेक्शन या ऐसी दूसरी मेडिकल स्थितियों के कारण भी सिरदर्द के बार-बार होने की समस्या हो सकती है।

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सिरदर्द के पुराने पैटर्न में बदलाव पर दें ध्यान

डॉ. पूजा बताती हैं, हर व्यक्ति में सिरदर्द का अनुभव अलग हो सकता है। किसी व्यक्ति को एक खास तरह का सिरदर्द लंबे समय से होता है और उसका पैटर्न लगभग समान रहता है, लेकिन अगर अचानक दर्द का तरीका बदल जाए, पहले से अलग जगह पर दर्द होने लगे या उसकी तीव्रता और लंबे समय तक बना रहने लगे, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

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दर्द की दवा बार-बार लेने की आदत

सिरदर्द होने पर दर्द कम करने वाली दवा लेना आम बात है, लेकिन अगर बार-बार दवाई लेने की जरूरत पड़ रही है, तो सिर्फ दवा पर निर्भर रहना सही नहीं है। कुछ लोगों में लगातार या बहुत ज्यादा दर्द की दवाओं का इस्तेमाल करने से भी बार-बार सिरदर्द होने की समस्या हो सकती है।

StatPearls रिसर्चर के अनुसार, कुछ दवाइयों का सेवन करने से भी सिरदर्द दस दिन, 15 दिन या तीन महीने तक हो सकता है। 

किन लक्षणों में डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है?

डॉ. पूजा का कहना है, कुछ स्थितियों में सिरदर्द को नॉर्मल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेजी शुरु हो या इससे जुड़े अन्य लक्षण दिखने लगें तो इनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे -

  • अगर सिरदर्द अचानक और बहुत ज्यादा गंभीर हो।
  • ऐसा लगे जैसे यह अब तक का सबसे बुरा सिरदर्द है।
  • इसके साथ शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन लगे।
  • बोलने में परेशानी।
  • उलझन होने।
  • बेहोशी आने।
  • दौरे पड़ने।
  • बहुत ज्यादा उल्टी आने।
  • आंखों से दिखने में परेशानी होने।
  • गर्दन अकड़ने के साथ तेज बुखार।
  • बहुत ज्यादा नींद आने।

डॉ. पूजा आगे बताती हैं, इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ये लक्षण कभी-कभी दिमाग, खून की नसों या इंफेक्शन से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं।

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लंबे समय तक सिरदर्द को न करें नजरअंदाज

डॉ. पूजा कहती हैं, भले ही कोई इमरजेंसी चेतावनी वाले लक्षण न हों, लेकिन हफ्तों या महीनों तक बार-बार होने वाले सिरदर्द की मेडिकल जांच करवानी चाहिए, खासकर अगर वे और खराब हो रहे हों या आपकी लाइफ की क्वालिटी पर असर डाल रहे हों।

सिरदर्द की डायरी रखने से मिलती है मदद

डॉ. पूजा आगे कहती हैं, सिरदर्द की समस्या से राहत के लिए डायरी रखना फायदेमंद हो सकता है। इस डायरी में कुछ बातों को नोट किया जा सकता है। जैसे -

  • दर्द कब होता है?
  • उसकी गंभीरता क्या है?
  • सिरदर्द के ट्रिगर्स।
  • नींद।
  • खाना-पीना।
  • कैफीन का इस्तेमाल।
  • कब और कौन सी दवाएं ली जा रही हैं?
  • दूसरे लक्षण लिखें।

ऐसा करने से डॉक्टर को पैटर्न समझने और यह तय करने में मदद मिल सकती है कि आगे और टेस्ट या इलाज की जरूरत है या नहीं।

StatPearls रिसर्चर के अनुसार, सिरदर्द के इलाज के लिए कुछ जानकारी का होना जरूरी है। इसके लिए व्यक्ति के पास कुछ सवालों का जवाब होना जरूरी है। जैसे -

  • सिरदर्द कब शुरू हुआ?
  • दर्द कहां होता है? जगह और दर्द का फैलाव।
  • दर्द कितना तेज है?
  • दर्द कैसा है?
  • दर्द कितनी देर तक रहता है?
  • दिन के किस समय दर्द होता है?
  • शुरू होने के बाद से इसमें क्या बदलाव आए हैं?
  • यह कितनी बार होता है?
  • किन हालात में यह शुरू होता है?
  • क्या इसके साथ कोई और लक्षण भी दिखते हैं?
  • क्या इसका नींद से कोई संबंध है?
  • यह कैसे ठीक होता है या कैसे बढ़ जाता है?
  • इसे ठीक करने के लिए आप कौन सी दवाएं लेते हैं? दवा कितनी बार लेते हैं?

निष्कर्ष

कभी-कभार होने वाला हल्का सिरदर्द हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है, लेकिन बार-बार होने वाले सिरदर्द को हमेशा नॉर्मल मानना भी सही नहीं है। दर्द की ट्रिगर्स या तीव्रता के बढ़ने, पुराने पैटर्न में अचानक बदलाव होने, सिर पर चोट के बाद सिरदर्द या दर्द की दवाओं की बार-बार जरूरत जैसे कारणों से सिरदर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

इसके अलावा, अचानक बेहद तेज सिरदर्द या उसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी, दौरे, देखने में परेशानी, तेज बुखार और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से मदद लें। सही समय पर जांच कराने से सिरदर्द के कारण को समझने और सही इलाज करने में मदद मिल सकती है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • रोज-रोज सिरदर्द होने का क्या कारण हो सकता है?

    मानसिक स्ट्रेस होने, नींद पूरी न होने, शरीर में पानी की कमी होने, ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल करने, आंखों पर जोर पड़ने, माइग्रेन और साइनस जैसी समस्याओं के कारण रोज-रोज सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कई मेडिकल कंडीशन्स के कारण भी सिरदर्द की समस्या ह सकती है।
  • सिरदर्द की समस्या से बचने के लिए क्या करें?

    सिरदर्द की समस्या से बचने के लिए पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें, स्ट्रेस कम करें, पर्याप्त पानी पिएं, 7-9 घंटों की भरपूर नींद लें, स्क्रीन का इस्तेमाल सीमित करें, ज्यादा कैफीन और अल्कोहल का सेवन करने से बचें। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 24, 2026 23:56 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Aug 24, 2026 23:56 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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