Thu Oct 15, 2026 | 01:19 AM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगे तो कब सावधान होना चाहिए? डॉक्टर से जानें

सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर यह बार-बार हो या गंभीर लगे, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। डॉक्टर से सलाह लेना और जांच करवाना जरूरी है, क्योंकि यह एनीमिया, अस्थमा या दिल की बीमारी जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है।
सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगे तो कब सावधान होना चाहिए? डॉक्टर से जानेंसीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगे तो कब सावधान होना चाहिए? डॉक्टर से जानें

कई लोगों को थोड़ी दूर चलते ही या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या होती है। इसको अक्सर लोग फिजिकल एक्टिविटी न करने या खराब लाइफस्टाइल का कारण मान लेते हैं, लेकिन कई बार यह समस्या खराब स्वास्थ्य या किसी मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकती है, लेकिन कैसे पता करें कि ये समस्या कब गंभीर है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

सीढ़ियां चढ़ते समय सांस क्यों फूलती है?

डॉ. अरविंद के अनुसार, कई मंजिल सीढ़ियां चढ़ने या जोरदार फिजिकल एक्टिविटी करने के बाद थोड़ी सांस फूलना नॉर्मल हो सकता है, खासकर उन लोगों में जो फिजिकली एक्टिव नहीं हैं। हालांकि, डेली रूटीन के कामों के दौरान (जैसे कि एक मंजिल सीढ़ी चढ़ना या थोड़ी दूर चलना) असामान्य रूप से सांस फूलना किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

  • मेहनत या एक्टिविटी के दौरान सांस फूलना कम शारीरिक फिटनेस या फिजिकल एक्टिविटी न करने, शरीर का ज्यादा वजन या एनीमिया के कारण हो सकता है।
  • एनीमिया में शरीर में ऑक्सीजन को प्रभावी ढंग से ले जाने के लिए पर्याप्त हेल्दी रेड ब्लड सेल्स नहीं होती हैं।
  • अस्थमा और क्रोनिक फेफड़ों की बीमारी जैसी सांस की समस्याएं भी सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकती हैं।
  • कुछ मामलों में, सांस फूलना दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसमें हार्ट फेलियर या कोरोनरी आर्टरी डिजीज शामिल हैं, क्योंकि फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान शरीर की बढ़ी हुई ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा करने में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

इसे भी पढ़ें: बार-बार सांस फूलना अस्थमा है या सिर्फ एंग्जायटी? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान


when should you be concerned if you start getting out of breath while climbing stairs 1when should you be concerned if you start getting out of breath while climbing stairs 1

सांस फूलना कब गंभीर है?

डॉ. अरविंद का कहना है, कुछ स्थितियों में सांस फूलना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे में इसके लक्षणों को न करें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • अचानक सांस फूलने लगना
  • धीरे-धीरे स्थिति का बिगड़ना
  • आराम करते समय सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी
  • सीने में दर्द, दबाव या जकड़न
  • बेहोशी महसूस होना
  • चक्कर आना
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
  • होंठ नीले पड़ना

अचानक या गंभीर रूप से सांस फूलने पर, खासकर सीने में दर्द के साथ, तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

साल 2022 में ERJ Open Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, डेली रूटीन के काम करते या सीढ़ियां चढ़ते समय बिना किसी साफ कारण के अधिक सांस फूलना डिस्फंक्शनल ब्रीदिंग यानी सांस लेने के असामान्य पैटर्न का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है।

इस स्थिति से जूझ रहे लोगों की सांस सामान्य से काफी तेज चलती है और वे मध्यम से गंभीर रूप से सांस फूलने का अनुभव करते हैं, जबकि उनके लंग्स और हार्ट की जांच रिपोर्ट पूरी तरह नॉर्मल होती है। डॉक्टर इस स्थिति की पहचान तब करते हैं, जब हार्ट या लंग्स की अन्य गंभीर बीमारियों की संभावना पूरी तरह रिजेक्ट कर दी जाती है।

इसे भी पढ़ें: कितनी देर तक सांस रोकना है सुरक्षित? ज्यादा देर रोकने से हो सकते हैं ये 6 नुकसान

डॉक्टर किन जांच की सलाह देते हैं?

डॉ. अरविंद बताते हैं, अगर सीढ़ियां चढ़ते समय अक्सर आपकी सांस फूलती है, भले ही कोई अन्य लक्षण न हों, तो डॉक्टर से सलाह लें। इस दौरान डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री और जांच के आधार पर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।

  • ब्लड टेस्ट
  • ईसीजी (ECG)
  • फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच या अन्य टेस्ट

सांस फूलने से बचाव के लिए क्या करें?

डॉ. अरविंद के अनुसार, सांस फूलने की समस्या से बचने के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है।

  • नियमित रूप से एक्टिविटी करें
  • बैलेंस डाइट लेना
  • स्मोकिंग से बचना
  • पर्याप्त नींद लेना
  • डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों को नियंत्रित करना दिल और फेफड़ों के स्वास्थ्य में मदद कर सकता है।

हालांकि, यह न मान लें कि सांस फूलना सिर्फ अनफिट होने के कारण है, खासकर अगर यह समस्या नई है या बिगड़ रही है। शुरुआती जांच से कारण का पता लगाने और सही इलाज तय करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

सीढ़ियां चढ़ते समय थोड़ी सांस फूलना नॉर्मल है। यह समस्या शारीरिक मेहनत या फिटनेस की कमी के कारण हो सकती है, लेकिन कम मेहनत करने पर भी सांस फूलना, परेशानी का बार-बार होना या लक्षणों का धीरे-धीरे बढ़ना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। जैसे, खून की कमी या एनीमिया, अस्थमा और दिल से जुड़ी बीमारियां इसके कारणों में शामिल हैं।

ऐसे में सांस फूलने की समस्या को हमेशा नॉर्मल कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और जरूरी जांच कराने से इसके कारण का पता लगाने तथा सही इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • सीढ़ियां चढ़ने से वजन कम होता है क्या?

    सीढ़ियां चढ़ने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। यह एक तरह का कार्डियो है, जिससे मेटाबॉलिज्म को तेज करने, कैलोरीज को बर्न करने, मांसपेशियों को एक्टिव करने और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद मिलती है।
  • सांस फूलने की समस्या क्यों होती है?

    व्यक्ति को सांस फूलने की समस्या लंग्स या हार्ट से जुड़ी बीमारी होने की स्थिति में हो सकती है। इसके अलावा, शरीर में खून की कमी, अधिक मोटापे, एंग्जायटी, पैनिक अटैक, शारीरिक कमजोरी और ज्यादा एक्टिविटी करने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

Read Next

→ काम करते समय अचानक उंगलियां चटकाने की आदत सेहत के लिए कितनी खतरनाक है? जानें डॉक्टर से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 14, 2026 23:26 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N