Thu Sep 24, 2026 | 02:27 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunita Goyal , Senior Consultant – Obstetrics & Gynaecology, Cloudnine Hospital, Ludhiana

प्रेग्नेंसी में सांस फूलना सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी में जब महिलाएं चलती हैं या सीढ़ियां चढ़ने लगती हैं, तो सांस फूल जाती है। आमतौर पर महिलाएं इसे प्रेग्नेंसी की समस्या समझकर इग्नोर कर देती हैं, लेकिन क्या सच में सांस फूलने का कारण सिर्फ प्रेग्नेंसी ही होता है? इसके कारणों को डॉक्टर ने विस्तार से समझाया है।
प्रेग्नेंसी में सांस फूलना सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानेंप्रेग्नेंसी में सांस फूलना सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी बढ़ती है, तो महिलाओं को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने या किसी भी तरह का सामान्य काम करने में दिक्कत होने लगती है। आमतौर पर महिलाएं इसे प्रेग्नेंसी से जुड़ी सामान्य समस्या समझती हैं, लेकिन कई बार सांस फूलने का कारण हार्ट या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है। इस बारे में Dr. Sunita Goyal, Senior Consultant - Gynaecologist and Obstetrician, Cloudnine Group of Hospitals, Ludhiana कहती हैं कि अगर सांस अचानक बहुत ज्यादा फूलने लगे, आराम करते समय भी परेशानी हो या इसके साथ कोई दूसरा लक्षण दिखाई दे, तो इसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है।

प्रेग्नेंसी में सांस फूलने के 7 कारण

Asthma and Allergy Foundation of America के अनुसार, प्रेग्नेंसी में सांस फूलना बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसका कारण हमेशा फेफड़ों की समस्या नहीं होता। जब गर्भाशय का आकार बढ़ता है, तो डायफ्राम और फेफड़ों पर ऊपर की ओर दबाव डालता है। इसके अलावा, हार्मोनल बदलाव भी सांस लेने की प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं। जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी से पहले अस्थमा, हार्ट से जुड़ी समस्याएं या पल्मोनरी एम्बोलिज्म है, तो उन्हें अपना खास ध्यान रखना चाहिए।

Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “प्रेग्नेंसी में सांस फूलने की समस्या कई बार शरीर में हो रहे बदलावों के कारण होती है। इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से जरूर पूछें।

1. हार्मोनल बदलाव

Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “प्रेग्नेंसी में शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है, जो सांस लेने के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। इसकी वजह से कुछ महिलाओं को ऐसा महसूस हो सकता है कि उन्हें सांस लेने के लिए पहले से ज्यादा जोर लगाना पड़ रहा है। इसका मतलब है कि कोई भारी काम नहीं कर रही, फिर भी सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।”

2. बढ़ता हुआ गर्भाशय

Dr. Sunita Goyal ने कहा, “जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, तो शिशु और यूटेरस का आकार भी बढ़ता है। भ्रूण का वजन बढ़ने से यूटेरस का आकार बढ़ता है, इससे डायफ्राम पर दबाव पड़ सकता है। इस समस्या का असर प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में ज्यादा महसूस हो सकता है। ऐसे में कई बार महिलाओं को लेटने, चलने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी एक्टिविटीज के दौरान सांस जल्दी फूलने की शिकायत हो सकती है।”

3. शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ना

Dr. Sunita Goyal ने बताया कि प्रेग्नेंसी में शरीर को सिर्फ मां की जरूरतें पूरी नहीं करनी होती, बल्कि शिशु की बढ़ती जरूरतों के हिसाब से भी काम करना पड़ता है। इस दौरान शरीर में ब्लड वॉल्यूम और कार्डियक आउटपुट बढ़ते हैं। इससे सांस लेने में बदलाव महसूस हो सकता है और महिला को लग सकता है कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

Shortness of breath during pregnancyShortness of breath during pregnancy

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4. प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना

Dr. Sunita Goyal का कहना है, “प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बढ़ा हुआ वजन शरीर पर अतिरिक्त प्रेशर डाल सकता है। इसका असर खासतौर फिजिकल एक्टिविटी के दौरान ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान चलने या अन्य काम करने के दौरान जल्दी सांस फूलने की शिकायत हो सकती है।”

5. एनीमिया होना

Dr. Sunita Goyal बताती हैं कि प्रेग्रेंसी में आयरन की कमी भी सांस फूलने की वजह हो सकती है। जब हीमोग्लोबिन कम होता है, तो शरीर के टिश्यू तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके साथ थकान, कमजोरी और सांस फूलने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। अगर प्रेग्नेंसी में एनीमिया की शिकायत महसूस होती है, तो ब्लड टेस्ट के जरिए इसकी जांच करानी चाहिए।

6. फिजिकल एक्टिविटी कम करना

Dr. Sunita Goyal ने कहा, “मेरे पास कुछ ऐसी महिलाएं भी आती हैं, जो प्रेग्नेंसी में बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करती। फिजिकल एक्टिविटी न करने पर शरीर का स्टेमिना भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में महिलाओं को रोजाना की एक्टिविटी करने में सांस फूलना या थकान महसूस हो सकती है। हालांकि, प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।”

7. हार्ट या फेफड़ों से जुड़ी समस्या होना

Dr. Sunita Goyal के मुताबिक, कई बार प्रेग्नेंसी में सांस फूलने का कारण सिर्फ बढ़ता वजन या यूटेरस ही नहीं होता। अगर किसी महिला को सांस फूलने के साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो उसे डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। कई बार सांस लेने की परेशानी होना अस्थमा, सांस से जुड़ी इंफेक्शन, हार्ट से जुड़ी समस्या या प्रेग्नेंसी से जुड़े कुछ रिस्क हो सकते हैं।”

निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में हल्की सांस फूलना कई बार सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर अचानक बहुत ज्यादा सांस फूलने लगे, आराम करते समय भी सांस लेने मे परेशानी हो, छाती में दर्द महसूस हो, चक्कर या बेहोशी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई महिलाओं की हार्ट बीट तेज होने लगती है। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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FAQ

  •  डिलीवरी से कुछ हफ्ते पहले सांस फूलने से अचानक राहत क्यों मिलती है?

    डिलीवरी से लगभग 2 से 4 हफ्ते पहले बच्चा पेल्विस के निचले हिस्से में खिसक जाता है। इसे लाइटनिंग कहा जाता है। इससे डायाफ्राम और फेफड़ों से दबाव कम हो जाता है, जिससे महिला को सांस लेने में काफी आराम महसूस होने लगता है।
  • क्या जुकाम, फ्लू या कोविड-19 इन्फेक्शन प्रेग्नेंसी में सांस की तकलीफ को बढ़ा सकते हैं?

    प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर की इम्यूनिटी थोड़ी कम होती है। ऐसे में वायरल इंफेक्शन या निमोनिया होने पर श्वसन तंत्र में तेजी से सूजन आ जाती है, जिससे फेफड़ों की ऑक्सीजन क्षमता घट जाती है और सांस फूलना गंभीर हो सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 24, 2026 13:05 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Sunita Goyal

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