Sat Sep 19, 2026 | 01:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

प्रेग्नेंसी में कौन सी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए? जानें डॉक्टर से

प्रेग्नेंसी के दौरान गलत एक्सरसाइज करना मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। खासकर हैवी, ज्यादा थका देने वाली और कूदने या भागने वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए। 
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प्रेग्नेंसी के दौरान एक्टिव रहना और एक्सरसाइज करना मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, इस समय कई तरह की शारीरिक गतिविधियां और एक्सरसाइज महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं होती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो जोड़ों और लिगामेंट्स को ढीला कर देते हैं। ऐसे में गलत एक्सरसाइज करने से मिसकैरेज, समय से पहले डिलीवरी या चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान कौन-सी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए और क्यों?

प्रेग्नेंसी में कौन-सी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए?

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ एक्सरसाइज करना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। इसलिए, उन्हें इस तरह की एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए-

1. पेट के बल लेटने या भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज

प्रेग्नेंसी के दौरान पेट के बल लेटने या भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए क्योंकि जब आप पीठ के बल लेटती हैं तो गर्भाशय का पूरा भार आपकी इन्फीरियर वेना कावा (शरीर की एक नस) पर पड़ता है। इससे दिल तक खून का दौरा धीमा हो जाता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं।

साल 2024 में American Journal of Lifestyle Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान पीठ के बल लंबे समय तक किए जाने वाले एक्सरसाइज को करने से बचना चाहिए। इस तरह की एक्सरसाइज करने से गर्भाशय में ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो सकता है।

ज्यादा भारी डंबल्स या बारबेल उठाने से बचें। इससे पेट के अंदर का दबाव अचानक बढ़ जाता है, जो आपके पेल्विक फ्लोर मसल्स और गर्भाशय पर ज्यादा दबाव डालता है।

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2. संतुलन बिगड़ने और गिरने के जोखिम वाले एक्सरसाइज

फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल या मार्शल आर्ट्स जैसे खेलों से सख्त परहेज करें। इन खेलों में पेट पर अचानक चोट लगने या किसी से टकराने का खतरा हमेशा बना रहता है।

बैलेंस बिगड़ने वाली एक्टिविटी स्कीइंग, साइकिल चलाना और जिम्नास्टिक जैसी गतिविधियां प्रेग्नेंसी में करना बहुत खतरनाक है। शरीर का संतुलन बदलने के कारण इनमें गिरने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे प्लैसेंटल एम्प्शन यानी गर्भनाल का गर्भाशय से अलग होना जैसी मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है।

3. कूदने और झटके वाली एक्सरसाइज

जंपिंग जैक, रस्सी कूदना, ट्रम्पोलिन पर कूदना या बहुत तेज दौड़ना प्रेग्नेंसी के दौरान सही नहीं है। ऐसे एक्सरसाइज जिनमें जोड़ों पर अचानक झटका लगता है, वे आपके ढीले पड़े लिगामेंट्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे पेल्विक एरिया और घुटनों में गंभीर दर्द शुरू हो सकता है।

4. ज्यादा गर्मी में और हॉट योग

हॉट योग और हॉट पिलेट्स जैसी एक्सरसाइज करने से बचें। ज्यादा गर्म कमरे में योग या एक्सरसाइज करना प्रेग्नेंसी में सुरक्षित नहीं माना जाता है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती हफ्तों में महिला के शरीर का तापमान 102°F से ऊपर जाना भ्रूण के विकास के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चे में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स होने का खतरा रहता है। इसी वजह से स्टीम बाथ या सौना से भी बचने की सलाह दी जाती है।

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5. सांस रोकने वाले और हाई प्रेशर वाले एक्सरसाइज

सांस रोककर रखने वाले प्राणायाम या कसरत करते समय कभी भी अपनी सांस न रोकें। ऐसा करने से आपके और बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक कम हो सकती है। अगर आप 6,000 से 8,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं रहती हैं, तो वहां जाकर अचानक एक्सरसाइज न करें। ज्यादा ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन का दबाव कम होता है, जो प्रेग्नेंसी में सुरक्षित नहीं है।

प्रेग्नेंसी में कौन-सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?

Dr. Anju Suryapani ने बताया कि सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए आपको पूरी तरह से एक्सरसाइज करना बंद करने की जरूरत नहीं होती है। अगर आपकी प्रेग्नेंसी में किसी तरह की कॉम्प्लीकेशन नहीं है तो आप अपने डॉक्टर की सलाह से ये सुरक्षित एक्सरसाइज कर सकती हैं-

  1. हल्की वॉक- रोजाना 20-30 मिनट की हल्की वॉक सबसे सुरक्षित और असरदार है।
  2. प्री-नेटल योग- किसी ट्रेनर की देखरेख में सांस और स्ट्रेचिंग वाले आसान योग और एक्सरसाइज करें।
  3. स्विमिंग- पानी आपके वजन को संभालता है, जिससे जोड़ों पर प्रेशर नहीं पड़ता है।
  4. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज- एक्सपर्ट की निगरानी में पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करने से नॉर्मल डिलीवरी में मदद मिलती है।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर एक्सरसाइज करते समय या उसके बाद आपको ये लक्षण महसूस हों तो तुरंत कसरत करना बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

  • योनि से ब्लीडिंग या फ्लूइड लीकेज होना
  • पेट के निचले हिस्से या पेल्विक हिस्से में तेज ऐंठन और दर्द
  • अचानक चक्कर आना, सिर घूमना या बेहोशी महसूस होना
  • सीने में दर्द, सांस लेने में ज्यादा तकलीफ या दिल की धड़कन का बहुत तेज होना
  • हाथ, चेहरे या पैरों में अचानक सूजन आना
  • बच्चे की हलचल कम महसूस होना
  • निष्कर्ष

Dr. Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान हर एक्सरसाइज महिला के लिए सुरक्षित नहीं होती है। हर महिला का शरीर और उसकी प्रेग्नेंसी भी अलग होती है। इसलिए, किसी भी नए एक्सरसाइज रूटीन को शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • प्रेग्नेंसी में कौन से महीने से एक्सरसाइज करनी चाहिए?

    नॉर्मल प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की सलाह लेने के बाद पहले महीने से ही हल्की एक्सरसाइज और टहलना शुरू किया जा सकता है।
  • नॉर्मल डिलीवरी के लिए कौन से व्यायाम फायदेमंद हैं?

    नॉर्मल डिलीवरी के लिए कीगल एक्सरसाइज, बटरफ्लाई पोज और मलासन सबसे फायदेमंद एक्सरसाइज हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान ये एक्सरसाइज के दौरान ये एक्सरसाइज शरीर को डिलीवरी के लिए तैयार करते हैं और पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 19, 2026 11:35 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani

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