Fri Oct 9, 2026 | 12:09 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sunita Goyal , Senior Consultant – Obstetrics & Gynaecology, Cloudnine Hospital, Ludhiana

डिलीवरी के बाद हंसते या छींकते ही निकल जाता है पेशाब? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

शिशु के जन्म के बाद महिलाओं को छींकते या हंसते समय पेशाब लीक होने की समस्या बढ़ सकती है। अगर पेशाब लीक होने के कारणों पर ध्यान न दिया जाए, तो कई बार आगे चलकर यह समस्या गंभीर भी हो सकती है। इस लेख में डॉक्टर ने पेशाब लीक होने से बचाव के उपाय भी बताए हैं।
डिलीवरी के बाद हंसते या छींकते ही निकल जाता है पेशाब? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपायडिलीवरी के बाद हंसते या छींकते ही निकल जाता है पेशाब? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। कई बार महिलाओं को हंसते, छींकते, खांसते या बच्चे को उठाते समय पेशाब की कुछ बूंदें निकलने की परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, कई मामलों में यह समस्या इतनी हल्की होती है कि महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन अगर ऐसा बार-बार होता है, तो लुधियाना के Cloudnine Group of Hospitals के Gynecologist and Obstetrician विभाग की सीनियर कंसल्टेंट Dr. Sunita Goyal कहती हैं कि कई बार यह समस्या कुछ समय के लिए हो सकती है, तो कुछ महिलाओं को इलाज की जरूरत हो सकती है। इसलिए इसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है।

डिलीवरी के बाद पेशाब लीक होने के कारण

Cleveland Clinic के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय के अंदर बढ़ता भ्रूण ब्लैडर को दबा देता है और जिससे उसमें पेशाब कम जमा होता है। बच्चे के जन्म के बाद महिला की मूत्राशय को कंट्रोल करने वाली पेल्विक नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
कभी-कभी फोरसेप्स की मदद से कराई गई डिलीवरी पेल्विक फ्लोर और एनस की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकती है।
नॉर्मल डिलीवरी में लंबे समय तक जोर लगाने के कारण पेल्विक नसों को नुकसान पहुंच सकता है।

Dr. Sunita Goyal ने बताया कि डिलीवरी के बाद पेशाब लीक होने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए जिन महिलाओं को ऐसी समस्या होती है, उनकी मेडिकल हिस्ट्री जानना बहुत महत्वपूर्ण है।

1. पेल्विक फ्लोर मसल्स का क्षतिग्रस्त होना

Dr. Sunita Goyal कहती हैं कि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां ब्लैडर और यूरेथ्रा की मदद करती है। यूरेथ्रा उस नली को कहते हैं, जिसके जरिए पेशाब शरीर से बाहर निकलता है। इसका मतलब है कि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां पेशाब पर कंट्रोल बनाए रखती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों और आस-पास के टिश्यू पर प्रेशर पड़ता है और डिलीवरी के बाद खिंचाव के कारण उन्हें पेशाब रोकना मुश्किल हो सकता है।

2. डिलीवरी के दौरान शरीर में बदलाव होना

Dr. Sunita Goyal का कहना है, “डिलीवरी में शिशु के बर्थ कैनाल से गुजरते समय पेल्विक फ्लोर के मसल्स में खिंचाव होता है। यह खिंचाव इतना ज्यादा हो जाता है कि डिलीवरी के बाद मांसपेशियों को अपनी पहले जैसी ताकत पाने में समय लग सकता है। इस वजह से कुछ महिलाओं को खांसने, छींकने, हंसने या कोई वजन उठाने पर पेशाब की कुछ बूंदें निकल सकती हैं। इसका कारण यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस (Urinary Incontinence) नहीं, बल्कि लेबर के दौरान होने वाले बदलाव है।”

urine leakage after delieveryurine leakage after delievery

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3. हार्मोनल बदलाव होना

Dr. Sunita Goyal ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस समय लिगामेंट्स और टिश्यू बहुत ज्यादा लचीले हो सकते हैं। इसके साथ, यूटरस का आकार बढ़ता है और ब्लैडर पर दबाव भी बढ़ सकता है। कुछ महिलाओं को तो प्रेग्नेंसी के दौरान ही पेशाब लीकेज की समस्या हो सकती है और यह समस्या शिशु के जन्म के बाद भी रह सकती है। हालांकि, यह समस्या कितने समय तक रहेगी, यह हर महिला में अलग-अलग हो सकती है।

डिलीवरी के बाद पेशाब लीक होने की समस्या से कैसे बचें?

Dr. Sunita Goyal सलाह देती हैं कि अगर डिलीवरी के बाद पेशाब लीक हो रहा है, तो इसे छिपाने या खुद ही इलाज करने के बजाय डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर महिलाएं डिलीवरी के बाद कुछ एक्सरसाइज करके पेशाब लीक की समस्या को कंट्रोल कर सकती है।

1. कीगल एक्सरसाइज से मदद मिलना

Dr. Sunita Goyal ने बताया कि कीगल एक्सरसाइज में पेल्विक फ्लोर मसल्स को सिकोड़ने और फिर ढीला छोड़ने की प्रैक्टिस कराई जाती है। कुछ महिलाओं को इससे पेशाब कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस एक्सरसाइज को सही तरीके से करना महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह या किसी अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

2. पानी पीना बंद न करें

Dr. Sunita Goyal कहती हैं, “मेरे पास कई ऐसी महिलाएं आती हैं, जो पेशाब लीक होने के डर से पानी बहुत कम पीना शुरू कर देती है। इससे पेशाब लीक की समस्या ठीक नहीं होगी, बल्कि शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो सकती है। इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, कैफीन या सोडे वाले ड्रिंक्स लेने से परहेज करना चाहिए।”

3. डॉक्टर से मिलना जरूरी

Dr. Sunita Goyal ने सलाह दी है कि अगर पेशाब लीक होने की समस्या लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या रोजाना के काम में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर पेशाब करते समय जलन या दर्द हो, पेशाब पर कंट्रोल बहुत कम हो जाए या कोई दूसरी परेशानी महसूस हो, तो भी डॉक्टर से चेकअप कराना बहुत जरूरी है।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Sunita Goyal कहती हैं कि अक्सर महिलाओं को लगता है कि जिनकी डिलीवरी सर्जरी से हुई है, उन्हें पेशाब लीक की समस्या नहीं होती, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। डिलीवरी चाहे सर्जरी से हुई हो, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान तो पेल्विक फ्लोर पर दबाव पड़ता है। इसलिए कुछ महिलाओं में सी-सेक्शन के बाद भी पेशाब पर कंट्रोल मुश्किल हो जाता है।

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निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को पेशाब लीक होने की समस्या हो सकती है। इसका कारण पेल्विक फ्लोर मसल्स का खिंचाव, हार्मोनल बदलाव और डिलीवरी के दौरान चोट लगना हो सकता है। हालांकि, इसे कीगल एक्सरसाइज के जरिए काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है, लेकिन सबसे जरूरी है कि महिलाओं को पेशाब लीकेज की समस्या को इग्नोर नहीं करना चाहिए।

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FAQ

  •  क्या भारी सामान उठाने से डिलीवरी के बाद यूरिन लीकेज की समस्या बढ़ सकती है?

    डिलीवरी के तुरंत बाद भारी वजन उठाने या मुश्किल वर्कआउट करने से पेट के अंदर दबाव बढ़ता है, जिससे पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर और ज्यादा जोर पड़ता है तथा लीकेज की समस्या गंभीर हो सकती है।
  • क्या अगले बच्चे की डिलीवरी से पेशाब के रिसाव की समस्या और ज्यादा बिगड़ सकती है?

    अगर पहली डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर मसल्स पूरी तरह मजबूत नहीं हुई हैं और महिला दोबारा प्रेग्नेंट हो जाती है, तो मांसपेशियों पर दबाव और बढ़ जाता है। इसलिए अगली प्रेग्नेंसी से पहले पेल्विक मसल्स की रिकवरी और स्ट्रेंथिंग बेहद जरूरी है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 18, 2026 12:11 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 18, 2026 12:11 IST

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