पेशाब में जलन एक कॉमन समस्या है। 40 से 50 प्रतिशत महिलाओं को कभी न कभी पेशाब में जलन की समस्या होती है। वहीं 20 प्रतिशत पुरुषों में भी यह समस्या देखी जाती है। कई लोगों को यह समस्या बार-बार होती है। पेशाब में जलन का सबसे आम कारण होता है डिहाइड्रेशन। डिहाइड्रेशन होने पर किडनी, पेशाब से पानी को ज्यादा से ज्यादा खींचती है जिससे पेशाब एसिडिक हो जाता है और जलन होती है। इसका दूसरा सबसे आम कारण है यूटीआई यानी पेशाब मार्ग में इंफेक्शन यानी UTI होने पर भी पेशाब में जलन की समस्या होती है। इसका एक तीसरा आम कारण है किडनी में पथरी की समस्या जिसके कारण पेशाब में जलन हो सकती है। आयुर्वेद में मूत्रदाह को मुख्य रूप से पित्त दोष की वृद्धि से जुड़ी समस्या माना जाता है। पेशाब में होने वाली जलन को दूर करने के लिए कुछ आसान आयुर्वेदिक उपायों की मदद ले सकते हैं। ऐसे 8 उपायों के बारे में आगे जानते हैं। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
पेशाब में जलन दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय
छोटी इलायची |
धनिया |
| गिलोय | नारियल पानी |
| पुनर्नवा | गेरू |
| वरुण | गोखरू |

1. छोटी इलायची
पेशाब में जलन होने पर आयुर्वेद में छोटी इलायची का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। इसे शीत वीर्य और मूत्रल गुणों वाला माना जाता है। इसलिए इसका सेवन करने से पेशाब में जलन से राहत मिल सकती है। इसे भोजन के बाद सीमित मात्रा में ले सकते हैं।
साल 2024 में International Journal Of Basic & Clinical Pharmacology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, छोटी इलायची में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक UTI पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं। इससे इंफेक्शन के कारण होने वाली पेशाब में जलन से राहत मिल सकती है।
2. धनिया
धनिया को शीतल और मूत्र संबंधित समस्याओं में असरदार माना जाता है। इसके बीज और पत्तियों दोनों का इस्तेमाल भोजन में किया जाता है। धनिया की मदद से शरीर की गर्मी कम करने में मदद मिलती है और पेशाब की जलन से राहत मिलती है। धनिया के बीजों को पानी में भिगोकर या उबालकर उसका पानी लिया जाता है।
साल 2025 में Asian Journal Of Biochemistry Genetics And Molecular Biology में प्रकाशित एक स्टडी में धनिया के बीज के अर्क को UTI पैदा करने वाले कुछ बैक्टीरिया, जैसे E. coli पर जांचा गया। इसमें धनिया के अर्क में बैक्टीरिया के खिलाफ कुछ हद तक असर देखा गया। धनिया में मौजूद कुछ यौगिक, बैक्टीरिया को मूत्र मार्ग की कोशिकाओं से चिपकने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे पेशाब की जलन शांत होती है।
3. गिलोय
गिलोय को आयुर्वेद में गुडूची भी कहा जाता है। आयुर्वेद में गिलोय को त्रिदोष संतुलित करने वाली औषधि माना जाता है। पेशाब में जलन अगर इंफेक्शन के कारण है, तो गिलोय से राहत मिल सकती है। गिलोय का काढ़ा या रस का सेवन कर सकते हैं।
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4. नारियल पानी
नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है। पेशाब में जलन होने पर पर्याप्त तरल लेना जरूरी है। नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है, जिससे पेशाब अधिक गाढ़ा होने से बच सकता है और जलन शांत होगी। अगर किडनी की बीमारी है, तो नारियल पानी लेने से पहले डॉक्टर से जानकारी लें, क्योंकि इसमें पोटैशियम होता है।
5. पुनर्नवा
पेशाब में जलन को दूर करने के लिए पुनर्नवा नामक औषधीय पौधे का उपयोग किया जाता है। मूत्र संबंधित समस्याओं से राहत के लिए पुनर्नवा को चूर्ण या काढ़े के रूप में लिया जाता है।
6. गेरू
गेरू एक प्राकृतिक खनिज पदार्थ है जिसे आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार गेरू का इस्तेमाल गर्मी से संबंधित समस्याओं में किया जाता है। इससे पेशाब में होने वाली जलन को शांत करने में मदद मिल सकती है।
7. वरुण
वरुण को आयुर्वेद में मूत्र संबंधित समस्याओं के लिए असरदार माना जाता है। आयुर्वेद में वरुण का इस्तेमाल खासतौर पर मूत्र मार्ग और मूत्राशय से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है। वरुण की छाल से चूर्ण या काढ़े के रूप में सेवन कर सकते हैं। हालांकि, यूटीआई या पथरी जैसे लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।
8. गोखरू
गोखरू को आयुर्वेद में मूत्रल माना जाता है। यानी यह पेशाब के प्रवाह को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसी वजह से इसे पेशाब करने में परेशानी और मूत्र मार्ग से जुड़ी कुछ समस्याओं में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।गोखरू चूर्ण या काढ़े का सेवन किया जाता है।
पेशाब में जलन होने पर किन चीजों से बचें?
- पेशाब में जलन होने पर डिहाइड्रेशन से बचें।
- पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें।
- अपने आस-पास गंदगी से बचें।
- पेशाब में जलन से राहत के लिए कुछ लोग मुलेठी का सेवन करते हैं, लेकिन अगर पेशाब में जलन के साथ पस निकल रहा है, तो मुलेठी का सेवन करने से बचें।
- साथ ही, पेशाब में जलन होने पर जीरे का सेवन करने से भी बचना चाहिए। इसकी प्रकृति गर्म होती है और इससे जलन बढ़ सकती है। इसलिए परहेज करें।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
अगर पेशाब में जलन एक से दो दिनों से ज्यादा बनी रहे, बार-बार हो, पेशाब में जलन के साथ बुखार हो, ठंड लगे या पेशाब में ब्लड दिखाई दे, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
पेशाब में जलन होने पर छोटी इलायची, धनिया, गिलोय, नारियल पानी, पुनर्नवा, गेरू, वरुण, गोखरू जैसी औषधियों का सेवन कर सकते हैं। पेशाब में जलन होने पर डिहाइड्रेशन, गंदगी से बचें, पेशाब में जलन के साथ पस की समस्या होने पर मुलेठी का सेवन न करें। पेशाब में जलन होने पर जीरे का सेवन न करें, इससे पेशाब में जलन की समस्या बढ़ सकती है। पेशाब में जलन के साथ ब्लड आए, बुखार हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
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FAQ
क्या पुरुषों को पेशाब में जलन होने के पीछे प्रोस्टेट की समस्या हो सकती है?
हां, कुछ पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या की वजह से पेशाब में जलन, पेशाब करने में परेशानी या बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।पेशाब में जलन के साथ खून क्यों आता है?
UTI, ब्लैडर में इंफेक्शन, किडनी का इंफेक्शन, किडनी में पथरी, प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या, कुछ दवाओं के असर की वजह से पेशाब में जलन के साथ खून आ सकता है।
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Sep 15, 2026 13:38 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma