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प्रेग्नेंसी में कौन सा साग नहीं खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाएं तमाम प्रकार की सब्जियां खाती हैं और कुछ सब्जियों को लेकर संकोच में रहती हैं। ऐसे में जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान कौन से साग खाएं और किस साग को खाने से बचें।

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई प्रकार के बदलाव नजर आते हैं और हर बदलाव के साथ शरीर में अलग-अलग दिक्कतें होती हैं। ऐसे में डाइट का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है क्योंकि जब मां की सेहत सही रहती है तो गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास भी अच्छा होता है। हालांकि, इस दौरान डाइट से जुड़े कई सवाल मन को परेशान करते हैं जैसे कि क्या खाएं और क्या नहीं। सर्दियां आ गई हैं तो लोग साग आदि का सेवन ज्यादा करते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए एक सवाल आता है कि प्रेग्नेंसी में कौन सा साग नहीं खाना चाहिए? साग खाने का सही तरीका क्या है? जानते हैं इस बारे में Dr. N Sapna Lulla, Lead Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Aster CMI Hospital, Bangalore से।

प्रेग्नेंसी में कौन सा साग नहीं खाना चाहिए?

Dr. N Sapna Lulla बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान, पत्तेदार सब्जियां या कहें कि साग खाना बहुत स्वास्थ्यवर्धक होता है क्योंकि ये आयरन, कैल्शियम और फोलेट प्रदान करती हैं। हालांकि, मां और शिशु के स्वास्थ्य को संभावित नुकसान से बचाने के लिए कुछ पत्तेदार सब्जियों को सावधानी से खाना चाहिए या पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को पालक, लेट्यूस या मेथी के पत्तों जैसी कच्ची या बिना धुली सब्जियां खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें ई. कोलाई या लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इन्हें खाने से पहले हमेशा अच्छी तरह धोएं और पकाएं। हालांकि, इन पत्तियों के साग को खाने से बचें। जैसे कि

  • -मेथी का साग कम मात्रा में खाना चाहिए। ज्यादा खाने से गर्भाशय में संकुचन हो सकता है और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ सकता है।
  • -अजमोद या अजवाइन पत्ता का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि ज्यादा मात्रा में लेने पर यह गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है।
  • -सरसों का साग खाया जा सकता है, लेकिन केवल अच्छी तरह पकाकर। बिना पके या अधपके सरसों के साग में ऐसे यौगिक होते हैं जो थायरॉइड के कार्य में बाधा डाल सकते हैं, जिससे गर्भावस्था के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
  • -अल्फाल्फा स्प्राउट्स और अन्य कच्चे स्प्राउट्स से बचना चाहिए क्योंकि इनमें अक्सर हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं जिन्हें धोने से भी नहीं हटाया जा सकता।

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अंत में, स्थानीय बाजारों या जंगलों से जंगली या अनजान पत्तेदार साग लेने से बचें, क्योंकि कुछ गर्भावस्था के दौरान ज़हरीले या असुरक्षित हो सकते हैं। पालक, चौलाई और सहजन के पत्ते जैसी ताजी अच्छी तरह पकी और अच्छी तरह से साफ की हुई पत्तेदार सब्जियां खाना सबसे अच्छा है, जो सुरक्षित और पौष्टिक होती हैं।

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हालांकि, अपने गर्भावस्था के आहार में नई सब्जियां शामिल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें। अपने मन से कोई भी सब्जी खाने से बचें क्योंकि इससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है या फिर पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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